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श्रीराम इंस्टीट्यूट काशीपुर के मेधावियों ने कुमाऊं विश्वविद्यालय परीक्षा परिणामों में गाड़ा सफलता का स्वर्णिम झंडा

कुमाऊं विश्वविद्यालय के परिणामों में श्रीराम इंस्टीट्यूट के छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा का जबरदस्त लोहा मनवाते हुए टॉपर्स की सूची में कब्जा जमाया और अपनी ऐतिहासिक सफलता से पूरे काशीपुर क्षेत्र का मस्तक गर्व से ऊँचा कर दिया।

काशीपुर। श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टैक्नोलॉजी ने एक बार फिर शिक्षा जगत के क्षितिज पर अपनी सफलता का परचम लहराते हुए इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया है। कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल द्वारा हाल ही में घोषित किए गए परीक्षा परिणामों की सूची में इस संस्थान के मेधावियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता और अटूट परिश्रम का लोहा मनवाते हुए शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया है। यह केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं है, बल्कि उन रातों की तपस्या का फल है जो विद्यार्थियों ने अपनी किताबों के साथ बिताई और उन शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रमाण है जिन्होंने हर कदम पर ज्ञान की ज्योति जलाई। जैसे ही विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर परिणामों की घोषणा हुई, संपूर्ण काशीपुर क्षेत्र और संस्थान परिसर में हर्षोल्लास की लहर दौड़ गई, क्योंकि संस्थान के छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा से यह सिद्ध कर दिया कि यदि लक्ष्य निर्धारित हो और इरादे फौलादी हों, तो सफलता के सर्वोच्च शिखर को छूना असंभव नहीं है।

शिक्षा की गुणवत्ता को नए आयाम देने वाले इस संस्थान के बी0सी0ए0 प्रथम सेमेस्टर के परिणामों ने सबको अचंभित कर दिया, जहाँ चांदनी नाम की छात्रा ने अपनी तीक्ष्ण बुद्धि का प्रदर्शन करते हुए 8.4 सीजीपीए के साथ प्रथम स्थान हासिल कर संस्थान की गौरवगाथा में एक नया अध्याय जोड़ दिया। सफलता का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, बल्कि कोमल बुधौरी और मयंक मंडौलिया ने समान रूप से 8.3 सीजीपीए प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और यह दिखाया कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच भी श्रेष्ठता को कैसे कायम रखा जाता है। इसी कड़ी में रिया शर्मा ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए 7.96 सीजीपीए के साथ तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी सफलता की कहानी लिखी। इन विद्यार्थियों की इस अभूतपूर्व उपलब्धि ने न केवल उनके अभिभावकों के मस्तक को गर्व से ऊँचा किया है, बल्कि उन सभी नवागंतुक छात्रों के लिए एक प्रेरणा पुंज का कार्य किया है जो तकनीक और प्रबंधन की दुनिया में अपना भविष्य तलाश रहे हैं।

जैसे-जैसे हम परिणामों के विश्लेषण में आगे बढ़ते हैं, बी0सी0ए0 तृतीय सेमेस्टर के जांबाजों ने भी सफलता की दौड़ में पीछे न रहते हुए अंकों की भारी वर्षा कर दी, जिसमें भानु तिवारी ने अपनी एकाग्रता और विषय पर पकड़ के दम पर 77.60 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान की स्वर्णिम ट्रॉफी अपने नाम की। भानु की इस सफलता के पीछे उनके निरंतर अभ्यास और तकनीकी बारीकियों को समझने की ललक साफ दिखाई देती है, जिसने उन्हें अन्य सहपाठियों से आगे खड़ा कर दिया। इसी विभाग के होनहार छात्र अमन सिंह रावत ने भी अपनी मेधा का परिचय देते हुए 77.00 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जो उनके अटूट आत्मविश्वास को दर्शाता है। वहीं पूजा सुयाल ने 76.40 प्रतिशत अंकों के साथ तृतीय स्थान पर कब्जा जमाकर यह स्पष्ट कर दिया कि श्रीराम इंस्टीट्यूट के छात्र हर सेमेस्टर में अपनी उत्कृष्टता को बरकरार रखने में सक्षम हैं और वे भविष्य के कुशल सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने की राह पर अग्रसर हैं।

उच्च शिक्षा के सोपान पर चढ़ते हुए बी0सी0ए0 पंचम सेमेस्टर के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने भी अपने कनिष्ठों के समक्ष सफलता का एक अद्भुत मानदंड स्थापित किया है, जहाँ अंजली कुमारी ने 82.80 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी शैक्षणिक यात्रा को एक नई ऊँचाई प्रदान की। अंजली की इस उपलब्धि ने यह प्रमाणित किया कि स्नातक के अंतिम वर्षों में पहुँचते-पहुँचते विद्यार्थी किस प्रकार परिपक्व होकर अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हैं। उनके ठीक पीछे अनीशा आर्या ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर 81.40 प्रतिशत अंक जुटाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जो उनकी शैक्षणिक निष्ठा का परिचायक है। सफलता के इस त्रिकोण को पूर्ण करते हुए अनुप्रेक्षा नेगी ने 80.60 प्रतिशत अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन तीनों ही छात्राओं ने अपनी इस जीत से यह संदेश दिया है कि निरंतरता और अनुशासन ही वह चाबी है जिससे सफलता के बंद द्वार खोले जा सकते हैं और संस्थान का नाम रोशन किया जा सकता है।

शिक्षा विभाग के अंतर्गत बी0एड0 तृतीय सेमेस्टर के परिणामों ने तो जैसे सफलता के सारे पुराने कीर्तिमान ही ध्वस्त कर दिए, जहाँ अंकों का प्रतिशत न केवल उच्च रहा बल्कि प्रतिस्पर्धा भी अत्यंत रोमांचक और कड़ी देखने को मिली। इस विभाग की प्रतिभाशाली छात्रा दृष्टि बिष्ट ने 89.26 प्रतिशत अंकों का विशाल स्कोर खड़ा करते हुए प्रथम स्थान पर अपनी जगह बनाई और यह साबित किया कि वे भविष्य की एक कुशल और ज्ञानवान शिक्षिका बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दृष्टि की इस शानदार जीत के ठीक पीछे अभिलाषा राणा मात्र कुछ अंकों के फासले से रहीं और उन्होंने 89.05 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल किया, जो उनकी मेधा की गहराई को दर्शाता है। कविता बिष्ट ने भी शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए 88.42 प्रतिशत अंकों के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन भावी शिक्षकों की सफलता ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि संस्थान केवल तकनीकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता तैयार करने वाले शिक्षा विभाग में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

विद्यार्थियों के इस ऐतिहासिक और गौरवशाली प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संस्थान के अध्यक्ष रवीन्द्र कुमार, निदेशक प्रो. (डॉ.) योग राज सिंह और प्राचार्य डॉ. एस.एस. कुशवाहा ने संयुक्त रूप से सभी सफल मेधावियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। कंप्यूटर विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष बलविन्दर सिंह और शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष रविन्द्र कुमार सहित समस्त शिक्षक समुदाय ने छात्रों की इस विजय गाथा को उनकी तपस्या और संस्थान के शैक्षणिक वातावरण की जीत बताया। अध्यक्ष रवीन्द्र कुमार ने अपने उद्बोधन में अत्यंत भावुक और गर्वित होते हुए कहा कि आज हमारे बच्चों ने जो मुकाम हासिल किया है, उसका संपूर्ण श्रेय उनकी रात-दिन की मेहनत और हमारे समर्पित शिक्षकों के सही दिशा-निर्देशन को जाता है। उन्होंने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि ये छात्र भविष्य में भी इसी ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ते रहेंगे और समाज तथा राष्ट्र के निर्माण में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।

श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टैक्नोलॉजी, काशीपुर आज केवल एक कॉलेज मात्र नहीं रह गया है, बल्कि यह एक ऐसा पालना बन चुका है जहाँ विद्यार्थियों के सपनों को पंख दिए जाते हैं और उन्हें वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाता है। संस्थान की प्रतिबद्धता केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यहाँ विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास और उनके व्यावसायिक कौशल को निखारने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ और व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। संस्थान में उपलब्ध सीखने के विविध अवसर छात्रों के भीतर उस आत्मविश्वास का संचार करते हैं, जिससे वे न केवल परीक्षाओं में बल्कि जीवन के हर मोड़ पर सुगमता से अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकें। आज की इस शानदार उपलब्धि ने न केवल विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है, बल्कि पूरे शैक्षणिक परिवार को एक नई ऊर्जा से भर दिया है, जिससे क्षेत्र में संस्थान की साख और भी मजबूत हुई है।

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