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फेसबुक हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, युवतियों संग रंगदारी करते तीन गिरफ्तार

सोशल मीडिया के जरिए अमीर युवकों को जाल में फंसाकर दुष्कर्म के झूठे मुकदमों की धमकी से वसूली करने वाले संगठित गिरोह को गदरपुर पुलिस ने पकड़कर हनी ट्रैप नेटवर्क की खतरनाक साजिश उजागर की।

गदरपुर। हनी ट्रैप और रंगदारी से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। कोतवाली पुलिस ने एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो युवतियों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से अमीर युवकों को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। यह गिरोह फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर पहले दोस्ती करता, फिर मिलने के बहाने बुलाकर डराने-धमकाने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देकर रंगदारी वसूलता था। पुलिस के अनुसार, यह गैंग लंबे समय से सक्रिय था और कई जिलों में वारदातों को अंजाम दे चुका है। गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलने लगी हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि यह कोई छोटी घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक साजिश थी।

घटना का खुलासा उस समय हुआ जब दाऊद निवासी ग्राम मडियान शादी, रामपुर ने गदरपुर कोतवाली में तहरीर देकर आपबीती बताई। पीड़ित के अनुसार, जौहर उर्फ महक नामक युवती ने फेसबुक आईडी के जरिए उससे संपर्क साधा और बातचीत के बाद उसे गदरपुर बुलाया। वहां पहुंचते ही वह युवती अपने अन्य साथियों के साथ मौजूद थी। आरोप है कि इन लोगों ने दाऊद के साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, दुष्कर्म के झूठे आरोप में फंसाने और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे 40 हजार रुपये नकद और 95 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कार संख्या UP22BA4232 से मौके से फरार हो गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कोतवाली गदरपुर में मुकदमा दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जौहर उर्फ महक निवासी चादर बाला बाग मोहल्ला, जिला अस्पताल रामपुर, राबिया निवासी राजद्वारा कोने वाली गली रामपुर और रोहन निवासी स्वार गेट, मुड़िया नदार बाग रामपुर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार संख्या UP22BA4232 भी बरामद की गई, साथ ही रंगदारी से वसूली गई रकम भी जब्त की गई। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह केवल तीन लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें करीब 10 से 12 सदस्य शामिल हैं, जिनमें पुरुष और महिलाएं दोनों हैं। यह गैंग सोशल मीडिया पर अमीर युवकों की पहचान करता था और महिलाओं के जरिए उनसे दोस्ती कर विश्वास जीतता था। इसके बाद पहले से तय किए गए ठिकानों पर उन्हें बुलाकर डराने-धमकाने का खेल शुरू होता था। यदि कोई युवक रकम देने से इनकार करता, तो उसके खिलाफ झूठे दुष्कर्म के मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी जाती थी। पुलिस के अनुसार, इस गैंग ने अलग-अलग शहरों में ऐसे कई ठिकाने बना रखे थे, जहां वे वारदातों को अंजाम देते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्ता जौहर उर्फ महक का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ जनपद रामपुर में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। वह पूर्व में थाना गंज रामपुर से गैंगस्टर एक्ट में निरुद्ध रह चुकी है और कई बार जेल जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि जौहर उर्फ महक इस गिरोह की मुख्य कड़ी थी, जो युवकों को अपने जाल में फंसाने का काम करती थी। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अब तक करीब एक दर्जन घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस इस स्वीकारोक्ति के आधार पर अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अभी तीन और अभियुक्तों दीपक, राहुल और शिवम उर्फ हैप्पी की तलाश जारी है। इनके अलावा गैंग के अन्य सक्रिय सदस्यों की पहचान के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह का नेटवर्क अन्य जिलों तक फैला हो सकता है, इसलिए अन्य जनपदों से भी आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही फरार अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाएगा।

इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने में सावधानी बरतें। विशेष रूप से किसी के बुलावे पर बिना जांच-पड़ताल के मिलने न जाएं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हनी ट्रैप जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और लोग थोड़ी सी लापरवाही में बड़े संकट में फंस सकते हैं। गदरपुर पुलिस की इस कार्रवाई से जहां अपराधियों में भय का माहौल है, वहीं आम लोगों ने भी राहत की सांस ली है। यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि सोशल मीडिया की चमक-दमक के पीछे कई बार खतरनाक जाल छिपे होते हैं, जिनसे सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

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