- सुखवंत सिंह प्रकरण में सियासी बयानबाजी से टूटा परिवार न्याय की उम्मीद में प्रशासन पर भरोसा
- आत्महत्या मामले पर राजनीति से आहत किसान परिवार ने संयम और संवेदनशीलता की गुहार लगाई
- किसान सुखवंत सिंह की मौत पर उठी राजनीति के बीच परिवार ने न्याय की आवाज बुलंद की
- दुख में डूबे किसान सुखवंत सिंह के परिजनों ने सियासत से दूर रहने की अपील की
- आत्महत्या प्रकरण के बाद राजनीतिक होड़ पर किसान परिवार का दर्द खुलकर सामने आया
काशीपुर। किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के बाद उठे सियासी तूफान के बीच अब परिवार की पीड़ा सामने आ गई है। इस दुखद घटना के बाद जिस तरह राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए, उससे मृतक किसान के परिजन बेहद आहत हैं। परिवार का कहना है कि वे पहले ही असहनीय सदमे से गुजर रहे हैं और ऐसे समय में इस मामले को राजनीति का अखाड़ा बनाना उनके जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। परिजनों के अनुसार, किसान सुखवंत सिंह ने जिस परिस्थिति में यह कदम उठाया, उसकी निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई ही उनका एकमात्र उद्देश्य है। वे किसी भी तरह के राजनीतिक लाभ, प्रदर्शन या बयानबाजी से खुद को अलग रखना चाहते हैं और चाहते हैं कि मामले को संवेदनशीलता के साथ देखा जाए। परिवार ने साफ कहा कि इस समय उन्हें शोर नहीं, बल्कि न्याय चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और किसान को ऐसा कदम न उठाना पड़े।
आज मृतक किसान सुखवंत सिंह की पत्नी ने सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए राजनीतिक दलों से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर जिस तरह अलग-अलग मंचों पर राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, उससे उनका परिवार टूट रहा है। उनके अनुसार, इस कठिन घड़ी में बयानबाजी, धरना-प्रदर्शन या राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे नहीं चाहतीं कि उनके पति की मौत को किसी भी दल या व्यक्ति द्वारा अपने हितों के लिए इस्तेमाल किया जाए। उनका कहना था कि दुख की इस घड़ी में संवेदनशीलता और संयम जरूरी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसान सुखवंत सिंह का परिवार किसी के खिलाफ या पक्ष में राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहता, बल्कि चाहता है कि सच सामने आए और न्यायिक प्रक्रिया बिना किसी दबाव के आगे बढ़े।
परिवार की ओर से यह भी कहा गया कि वर्तमान में प्रशासन उनके साथ खड़ा है और उन्हें सहयोग मिल रहा है। किसान सुखवंत सिंह की पत्नी ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने अब तक जो कदम उठाए हैं, उससे उन्हें भरोसा हुआ है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और उन्हें यह भरोसा दिलाया गया है कि आगे की कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी। उनके अनुसार, इस समय परिवार को किसी तरह की राजनीतिक मदद या समर्थन की जरूरत नहीं है, बल्कि कानून और प्रशासन की निष्पक्षता पर उन्हें विश्वास है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच सही दिशा में आगे बढ़ती है, तो उन्हें उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी और जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए मृतक किसान की पत्नी ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री की बातों पर पूर्ण विश्वास है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिस संवेदनशीलता के साथ इस मामले को देखा है और परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है, उससे उन्हें मानसिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उठाए जा रहे कदम सही दिशा में हैं और वे चाहते हैं कि बिना किसी दबाव के प्रशासन अपना काम करे। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आश्वासन उनके लिए महत्वपूर्ण है और वे उम्मीद करती हैं कि उनके पति को न्याय दिलाने की प्रक्रिया निष्पक्ष रहेगी। परिवार का मानना है कि यदि राजनीतिक हस्तक्षेप से दूर रहकर जांच आगे बढ़ेगी, तो सच्चाई सामने आने में कोई बाधा नहीं आएगी।
इस पूरे प्रकरण में परिवार ने एक बार फिर समाज और राजनीतिक दलों से संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि एक मानवीय त्रासदी है, जिसे समझने और उससे सबक लेने की जरूरत है। परिवार के अनुसार, यदि इस मामले को राजनीति से दूर रखा जाए और केवल न्याय के नजरिए से देखा जाए, तो यह भविष्य में किसानों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक सार्थक कदम हो सकता है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कोई भी पक्ष इस दुखद घटना को अपने हितों के लिए इस्तेमाल नहीं करेगा। अंत में परिवार ने यही कहा कि इस समय उनका एकमात्र उद्देश्य शांति, सम्मान और न्याय है, ताकि किसान सुखवंत सिंह की आत्मा को सच्चा न्याय मिल सके और उनका परिवार इस अपार दुख से उबरने की कोशिश कर सके।





