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सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल में एनसीसी नामांकन के दौरान देशप्रेम और अनुशासन का दिखा अद्भुत संगम

डॉ.देवकीनन्दन जोशी के जोशीले उद्बोधन ने छात्रों में भरी राष्ट्रभक्ति की हुंकार, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के 22 होनहार कैडेट्स ने एनसीसी की वर्दी पहनकर देश सेवा की राह पर बढ़ाया अपना पहला ऐतिहासिक कदम।

रामनगर। पीरूमदारा स्थित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के प्रांगण में उस वक्त देशभक्ति का एक अनूठा ज्वार उमड़ पड़ा, जब 79 यूके बटालियन एनसीसी इकाई के तत्वाधान में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नए कैडेट्स के नामांकन की प्रक्रिया को बेहद उत्साहजनक माहौल में संपन्न किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित एएनओ लेफ्टिनेंट डॉ.डी.एन.जोशी ने छात्र-छात्राओं के भीतर राष्ट्र प्रेम की अलख जगाते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि राष्ट्र सेवा केवल सेना की वर्दी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की बुनियादी जिम्मेदारी और नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने एनसीसी के मूलभूत उद्देश्यों और महान लक्ष्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संगठन न केवल अनुशासन सिखाता है, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व में नेतृत्व के गुणों का बीजारोपण भी करता है। डॉ.डी.एन.जोशी ने एनसीसी ए, बी एवं सी प्रमाण पत्र परीक्षाओं के सामरिक और करियर संबंधी महत्व की बारीकियों से छात्रों को रूबरू कराया और बताया कि कैसे ये प्रमाण पत्र भविष्य में भारतीय सशस्त्र बलों और अन्य सरकारी सेवाओं में सफलता के द्वार खोल सकते हैं। उन्होंने चयनित कैडेट्स को बधाई देते हुए इस बात पर जोर दिया कि अध्ययन के साथ-साथ एनसीसी की ट्रेनिंग उनके चरित्र निर्माण और भविष्य को संवारने में मील का पत्थर साबित होगी, क्योंकि एक एनसीसी कैडेट राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में एक सजग प्रहरी की भूमिका निभाता है।

भर्ती प्रक्रिया का आगाज कमान अधिकारी कर्नल अविजित मेहता के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अत्यंत कड़े मानकों और पारदर्शिता के साथ किया गया, जिसमें जूनियर डिवीजन के तहत छात्र-छात्राओं की शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक तीक्ष्णता और बौद्धिक क्षमता का कड़ा परीक्षण लिया गया। इस नामांकन अभियान के दौरान स्कूल का खेल मैदान एक लघु छावनी के रूप में तब्दील नजर आया, जहाँ पसीने की बूंदों और जोश भरे नारों के बीच युवाओं ने अपनी शारीरिक दक्षता का लोहा मनवाया। नामांकन की इस जटिल प्रक्रिया में केवल उन्हीं चेहरों को जगह मिली जिन्होंने न केवल दौड़ और व्यायाम में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, बल्कि साक्षात्कार के दौर में भी अपनी हाजिरजवाबी और देश के प्रति समर्पण भाव से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। शारीरिक मापदंडों के बाद आयोजित किए गए मानसिक दक्षता परीक्षण और व्यक्तिगत साक्षात्कार के माध्यम से छात्रों के आत्मविश्वास और विपरीत परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता को परखा गया, ताकि 79 यूके बटालियन को बेहतरीन प्रतिभाएं मिल सकें। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने इस पूरी प्रक्रिया में जिस प्रकार का अदम्य साहस और उत्साह प्रदर्शित किया, उसने यह साबित कर दिया कि आज की युवा पीढ़ी देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा के प्रति कितनी संवेदनशील और जागरूक है।

चयन प्रक्रिया के समापन के पश्चात सीटीओ गोविन्द सिंह ने अंतिम परिणामों की घोषणा करते हुए जानकारी दी कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद कुल 22 प्रतिभावान कैडेट्स का चयन एनसीसी की सब यूनिट के लिए किया गया है, जिसमें लैंगिक समानता का सम्मान करते हुए 12 छात्र और 10 छात्राओं को शामिल किया गया है। सीटीओ गोविन्द सिंह ने नवनियुक्त कैडेट्स को संबोधित करते हुए आह्वान किया कि वे केवल एक सैनिक के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय सेना में एक ऑफिसर के तौर पर भर्ती होकर सीधे तौर पर राष्ट्र सेवा करने का महान लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने कैडेट्स को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्दी का सम्मान केवल अनुशासन से ही कमाया जा सकता है और आज से वे एक सामान्य छात्र के बजाय देश के अनुशासित सिपाहियों की श्रेणी में खड़े हो गए हैं। उनके शब्दों ने उपस्थित युवाओं के भीतर करियर और राष्ट्रवाद के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार किया, जिससे पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। चयन प्रक्रिया की सफलता इस बात का प्रमाण थी कि विद्यालय में एनसीसी के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है और छात्र इसे अपनी पहचान का एक अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए आतुर हैं।

विद्यालय की प्रधानाचार्य सिस्टर तेरेसा ने भी चयनित कैडेट्स के जज्बे को सलाम किया और उन्हें जीवन के हर मोड़ पर एनसीसी के मूल मंत्र श्एकता और अनुशासनश् का अक्षरशः पालन करने की सीख दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र सेवा का मार्ग कठिनाइयों से भरा हो सकता है, लेकिन जो व्यक्ति अनुशासन को अपना हथियार बना लेता है, वह सफलता के शिखर तक अवश्य पहुँचता है। सिस्टर तेरेसा ने जोर देकर कहा कि स्कूल का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि ऐसे नागरिकों को तैयार करना है जो समाज और देश के प्रति अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सदैव तत्पर रहें। उन्होंने चयनित छात्र-छात्राओं को समाज के लिए एक आदर्श बनने की प्रेरणा दी और विश्वास जताया कि ये नए कैडेट्स न केवल विद्यालय का नाम रोशन करेंगे, बल्कि देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने में भी अपना बहुमूल्य योगदान देंगे। इस दौरान प्रधानाचार्य ने एनसीसी की पूरी टीम को इस सुव्यवस्थित नामांकन प्रक्रिया के लिए सराहा और इसे छात्रों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में मंच का कुशल संचालन शिक्षिका रजवन्त कौर द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर रखा। रजवन्त कौर ने कैडेट्स के संघर्ष और उनकी मेहनत को शब्दों में पिरोते हुए कार्यक्रम के प्रत्येक सत्र को बड़ी खूबसूरती से जोड़ा और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। नामांकन प्रक्रिया के दौरान मैदान पर मौजूद हर शिक्षक और कर्मचारी ने छात्रों के उत्साह को देखकर यह महसूस किया कि युवाओं में सेना और एनसीसी के प्रति जो आकर्षण है, वह भारत के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान न केवल छात्रों की संख्या अधिक थी, बल्कि उनकी गुणवत्ता और कुछ कर गुजरने की इच्छाशक्ति भी देखने लायक थी। नामांकन संपन्न होने के बाद कैडेट्स के चेहरे पर एक नई चमक और कंधों पर जिम्मेदारी का एहसास साफ झलक रहा था, जो यह दर्शा रहा था कि सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल के ये युवा अब राष्ट्र की सेवा के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार हैं। इस आयोजन ने न केवल नए कैडेट्स को एक मंच प्रदान किया, बल्कि समूचे पीरूमदारा क्षेत्र में एनसीसी के महत्व और गौरवशाली इतिहास की नई गाथा भी लिख दी है।

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