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श्याम मॉडर्न स्कूल के स्मृति दिवस में समाज और शिक्षा को जोड़ा भव्य कार्यक्रम आयोजित किया

अमित शर्मा जी के माता-पिता की पुण्य स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम ने बच्चों में संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया, साथ ही पूरे समुदाय को जोड़कर काशीपुर में सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत किया।

काशीपुर। शिक्षा और संस्कृति का अनुपम संगम उस समय देखने को मिला, जब श्याम मॉडर्न जूनियर हाई स्कूल के तत्वावधान में “हमारे पूर्वज हमारी विरासत” कार्यक्रम के साथ स्मृति दिवस का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन मात्र एक विद्यालयीय कार्यक्रम न होकर समाज को एक सूत्र में पिरोने वाला सशक्त मंच बनकर उभरा, जहां परंपरा, संस्कार और सामाजिक दायित्व की स्पष्ट झलक दिखाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को गरिमा और राष्ट्रभाव से भर दिया। विद्यालय परिसर के बाहर निशुल्क चिकित्सीय शिविर का आयोजन किया गया, जिससे समाज सेवा की भावना को नई मजबूती मिली। काशीपुर के गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद, समाजसेवी और अभिभावक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित रहे। संकल्प दिवस, स्मृति दिवस और हमारे पूर्वज हमारी विरासत जैसे भावनात्मक विषयों ने इस आयोजन को विशिष्ट पहचान दी, जहां बीते समय के योगदान को स्मरण कर भविष्य की दिशा तय करने का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर श्याम पब्लिक हाई स्कूल के प्रबंधन से जुड़े अमित शर्मा ने अपने माता-पिता की पुण्यतिथि पर इस आयोजन को समाज को समर्पित किया।वक्ताओं ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है, जिन्होंने सामाजिक क्षेत्र में रहकर या अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि अमित शर्मा जी की यह पहल न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित करते हुए कहा गया कि उन्होंने शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उसे सामाजिक मूल्यों और नैतिकता से जोड़ने का प्रयास किया है। इस आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सम्मान और स्मृति केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित भजन संध्या ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक भावनाओं से सराबोर कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय द्वारा अपने पिता और बुजुर्गों की पुण्य स्मृति में इस प्रकार का आयोजन करना एक अनुकरणीय परंपरा है। मंच से वक्ताओं ने अमित शर्मा के पिता के साथ अपने पुराने संबंधों को साझा करते हुए विद्यालय के विकास की यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस लगन और समर्पण के साथ इस विद्यालय को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर ध्यान दिया गया, वह काशीपुर के लिए गर्व का विषय है। आयोजन के स्तर, अनुशासन और भव्यता की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की। उपस्थित लोगों ने इसे शिक्षा के साथ संस्कार देने वाला कार्यक्रम बताया, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सामाजिक दृष्टि से यह आयोजन बुजुर्गों को स्मरण करने की एक प्रेरक मिसाल बनकर सामने आया। वक्ताओं ने कहा कि अपने पूर्वजों की स्मृति में इस तरह के आयोजन समाज को जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। कई वक्ताओं ने श्याम मॉडर्न स्कूल को अपना परिवार बताते हुए अमित और शालिनी के निरंतर प्रयासों की सराहना की। वक्ताओं का कहना था कि हमारी पहचान और अस्तित्व हमारे पूर्वजों की देन है और उन्हें याद करना ईश्वर के स्मरण के समान है, क्योंकि उनका आशीर्वाद सदैव हमारे साथ बना रहता है। इस अवसर पर डॉक्टर यशपाल जी द्वारा लगाए गए निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर की भी विशेष प्रशंसा की गई, जिसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी सेवा बताया गया। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के आयोजन पूरे समुदाय को जोड़ते हैं और काशीपुर की सकारात्मक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।

कार्यक्रम में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने अपने संबोधन में कहा कि अमित शर्मा जी द्वारा अपने माता-पिता की पुण्य स्मृति में आयोजित यह समारोह समाज के लिए एक प्रेरणादायी उदाहरण है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल पारिवारिक संस्कार जीवित रहते हैं, बल्कि समाज को भी सकारात्मक दिशा मिलती है। विधायक ने भारत सरकार की शिक्षा संबंधी दूरदर्शी सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा शिक्षा के अधिकार को लेकर एक ऐतिहासिक आदेश पारित किया गया है। इस आदेश के तहत यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि चाहे कोई सर्वाेच्च न्यायालय का न्यायाधीश हो, कोई मीडिया से जुड़ा व्यक्ति हो या फिर किसी रिक्शा चालक का बच्चा, सभी को एक ही मंच पर समान शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। इसी सोच के अंतर्गत वंचित वर्ग के पच्चीस प्रतिशत बच्चों को समान शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अनुदान के माध्यम से निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान किया गया है, जो सामाजिक समानता की दिशा में एक बड़ा कदम है।

त्रिलोक सिंह चीमा ने कहा कि यह सरकार की अत्यंत सराहनीय पहल है, जिससे शिक्षा के क्षेत्र में भेदभाव समाप्त होगा और हर वर्ग के बच्चों को आगे बढ़ने का समान अवसर मिलेगा। उन्होंने श्याम मॉडर्न जूनियर हाई स्कूल को इस तरह के सामाजिक और शैक्षिक प्रयासों के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। विधायक ने यह भी कहा कि उन्हें यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई है कि संस्थान भविष्य में विश्वविद्यालय स्तर की शिक्षा शुरू करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने इस दूरदर्शी सोच के लिए अमित शर्मा जी, उनके परिवार और विद्यालय प्रबंधन को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इसी दौरान कार्यक्रम में उपस्थित पीसीयू अध्यक्ष राम महरोत्रा ने भी आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज को जोड़ने वाला प्रयास बताया। वहीं कांग्रेस की एआईसीसी कमेटी के सदस्य अनुपम शर्मा ने मंच से कहा कि वह सबसे पहले इस कार्यक्रम के आयोजकों को हार्दिक बधाई देना चाहते हैं, जिन्होंने विद्यालय के संस्थापक पंडित श्यामलाल शर्मा जी की स्मृति में इतना भावपूर्ण और अनूठा आयोजन किया। उन्होंने कहा कि “हमारे पूर्वज हमारी विरासत” और कवि समागम जैसे कार्यक्रम केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। अनुपम शर्मा ने आगे कहा कि अपने पूर्वजों को इस प्रकार याद करना हर व्यक्ति का नैतिक दायित्व होना चाहिए। यह परंपरा पूरे समाज के लिए एक शिक्षा है, जो हमें यह सिखाती है कि हम अपनी पहचान, संस्कार और मूल्यों को कभी न भूलें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देते हैं कि पूर्वजों का सम्मान और स्मरण ही समाज की सच्ची विरासत है।

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