हरिद्वार। शहर की राजनीतिक फिज़ा उस समय पूरी तरह रंगों और रणनीति से भरती नजर आई, जब भारतीय राजनीति की सबसे संगठित मानी जाने वाली पार्टी ने आने वाले वर्षों की दिशा तय करने का संकेत सार्वजनिक मंच से दे दिया। होली मिलन जैसे सांस्कृतिक आयोजन के बहाने शुरू हुई यह कवायद केवल उत्सव तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें वर्ष 2027 के बड़े राजनीतिक लक्ष्य की साफ झलक दिखाई दी। शुभारंभ बैंक्विट हॉल में आयोजित भव्य तैयारी बैठक में भारतीय जनता पार्टी के हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जुटे और एकजुटता का प्रदर्शन किया। बैठक का माहौल जोशीला था, जहां नारों, तालियों और रणनीतिक संवाद ने यह साफ कर दिया कि यह आयोजन सामान्य कार्यक्रम नहीं बल्कि आने वाले चुनावी सफर की नींव रखने वाला अवसर है। मंच, सजावट, अनुशासन और उपस्थिति—हर पहलू से पार्टी की संगठनात्मक क्षमता और राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन हुआ, जिसने विरोधियों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया।
राजनीतिक चेतना से भरे इस आयोजन में सबसे प्रभावशाली संबोधन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और हरिद्वार विधानसभा से लगातार पांच बार विधायक रहे मदन कौशिक का रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं के भीतर जोश और आत्मविश्वास भरते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि आगामी 1 मार्च को ऋषिकुल मैदान में होने वाला होली मिलन कार्यक्रम केवल पर्व का उत्सव नहीं, बल्कि संगठन की शक्ति का सार्वजनिक प्रदर्शन होगा। उन्होंने सुबह 11 बजे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान करते हुए कहा कि जब कार्यकर्ता एकजुट होकर मैदान में उतरते हैं, तो राजनीति की दिशा स्वतः बदल जाती है। उनके भाषण में अनुभव की परिपक्वता और भविष्य की तैयारी का संतुलन साफ झलक रहा था। उन्होंने कार्यकर्ताओं को यह भी याद दिलाया कि भाजपा की जीत की असली ताकत बूथ स्तर पर सक्रिय, समर्पित और अनुशासित कार्यकर्ता ही होते हैं, जिनकी मेहनत से ही बड़े लक्ष्य हासिल किए जाते हैं।
नगर निगम स्तर से लेकर संगठनात्मक ढांचे तक एकजुटता का संदेश उस समय और मजबूत हुआ, जब हरिद्वार नगर निगम की महापौर श्रीमती किरण जैसल ने मंच से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित दल है, जहां सत्ता से पहले संगठन को महत्व दिया जाता है। उनके अनुसार बूथ स्तर तक मजबूत नेटवर्क ही पार्टी की वास्तविक पूंजी है, जो हर चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाती है। उन्होंने 1 मार्च को ऋषिकुल मैदान में उमड़ने वाले विशाल जनसैलाब की कल्पना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पार्टी की जनस्वीकृति और संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक बनेगा। उनके शब्दों में आत्मविश्वास और रणनीतिक स्पष्टता थी, जिससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि व्यक्तिगत जिम्मेदारियों से ऊपर उठकर सामूहिक लक्ष्य के लिए जुटें, ताकि यह आयोजन ऐतिहासिक बन सके।
बैठक के दौरान संगठनात्मक संवाद को और धार देते हुए प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी ने कहा कि कार्यकर्ताओं का जोश देखकर यह साफ प्रतीत होता है कि इस बार होली मिलन कार्यक्रम भीड़ और उत्साह के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ देगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में मथुरा-वृंदावन से विशेष रूप से मंगाई गई बरसाने की होली और फूलों की होली मुख्य आकर्षण होंगी, जो धार्मिक-सांस्कृतिक रंग के साथ राजनीतिक संदेश भी देंगी। उनके अनुसार यह कार्यक्रम केवल सभा नहीं बल्कि जनभावनाओं से जुड़ा उत्सव होगा, जहां संस्कृति और संगठन एक साथ दिखाई देंगे। उनके वक्तव्य ने कार्यक्रम को लेकर उत्सुकता और बढ़ा दी, जिससे कार्यकर्ता पहले से ही तैयारियों में जुटने के लिए प्रेरित हुए।

तैयारी को जमीनी स्तर तक मजबूत करने की रणनीति उस समय स्पष्ट हुई, जब जिला संगठन की ओर से विस्तृत योजना साझा की गई। भाजपा के जिला महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने जानकारी दी कि 25 और 26 तारीख को हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर अलग-अलग तैयारी बैठकों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कार्यकर्ता को उसकी क्षमता और अनुभव के अनुसार जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं, ताकि आयोजन में किसी भी स्तर पर कमी न रह जाए। उनके अनुसार यह प्रक्रिया न केवल कार्यक्रम को सफल बनाएगी, बल्कि कार्यकर्ताओं में नेतृत्व और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बूथ स्तर की मजबूती ही किसी भी बड़े राजनीतिक लक्ष्य की आधारशिला होती है और इसी सोच के साथ यह पूरी कवायद की जा रही है।
कार्यक्रम की गरिमा और राजनीतिक महत्व को उस समय और बल मिला, जब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक समर्थन दिया। बैठक में वरिष्ठ नेता श्रीमती अनु कक्कड़, सांसद प्रतिनिधि अनिल पुरी, मंडल अध्यक्ष प्रशांत शर्मा, तुषांक भट्ट, पूर्व जिला अध्यक्ष श्रीमती रंजना चतुर्वेदी, मुकेश कौशिक, राजकुमार अरोड़ा, रमेश गौड़ और तरुण नैयर जैसे अनेक प्रमुख चेहरे मौजूद रहे। इन सभी की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं को यह संदेश दिया कि संगठन हर स्तर पर एकजुट है और मिशन 2027 को लेकर पूरी गंभीरता से आगे बढ़ रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से यह तैयारी बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक ओर जहां यह होली जैसे पारंपरिक पर्व को जनसंपर्क और संगठन विस्तार का माध्यम बना रही है, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी दे रही है कि भाजपा आने वाले वर्षों में किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। शुभारंभ बैंक्विट हॉल में दिखा अनुशासन, समयबद्ध कार्यक्रम और स्पष्ट रणनीति इस बात का संकेत था कि पार्टी चुनावी वर्ष से काफी पहले ही मैदान में उतर चुकी है। कार्यकर्ताओं के चेहरों पर उत्साह, नेताओं के भाषणों में आत्मविश्वास और तैयारियों की व्यापक योजना—इन सबने मिलकर इस आयोजन को साधारण बैठक से कहीं आगे पहुंचा दिया।
समग्र रूप से देखा जाए तो यह होली मिलन कार्यक्रम की तैयारी बैठक नहीं, बल्कि राजनीतिक ताकत, संगठनात्मक क्षमता और सांस्कृतिक जुड़ाव का संगम थी। रंगों के पर्व के साथ मिशन 2027 की शुरुआत कर भाजपा ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले समय में राजनीति केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि हर सामाजिक और सांस्कृतिक मंच पर संगठन अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा। ऋषिकुल मैदान में होने वाला आगामी आयोजन अब केवल एक तारीख नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए एक लक्ष्य बन चुका है, जिसे ऐतिहासिक बनाने के लिए पार्टी का हर सिपाही पूरी ताकत के साथ जुटने को तैयार नजर आ रहा है।





