काशीपुर। उत्तराखंड की सांस्कृतिक और साहित्यिक धरा काशीपुर में आगामी 30 मई को एक ऐतिहासिक और बेहद भव्य साहित्यिक महाकुंभ का शंखनाद होने जा रहा है, जो क्षेत्र के इतिहास में पहली बार ज्ञान, विमर्श और शब्दों के अद्भुत संगम का गवाह बनेगा। स्थानीय स्तर पर साहित्य के गिरते ग्राफ को नई ऊर्जा देने और समाज में पुस्तकों के प्रति घटते रुझान को फिर से पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से “साहित्य आराधना मंच, काशीपुर” द्वारा इस अभूतपूर्व “साहित्य कुंभ एवं पुस्तक मेला 2026” का आयोजन किया जा रहा है। यह अनूठा और आकर्षक महोत्सव न केवल क्षेत्र के वरिष्ठ व दिग्गज साहित्यकारों को एक प्रतिष्ठित मंच प्रदान करेगा, बल्कि नवोदित युवा लेखकों, कवियों और प्रबुद्ध पाठकों को भी एक ही छत के नीचे लाकर विचारों के आदान-प्रदान का एक सुनहरा अवसर सौंपेगा। इस समूचे उत्सव का मुख्य आकर्षण शहर की उन 40 महान साहित्यिक विभूतियों और शब्द-साधकों का भव्य सम्मान समारोह होगा, जिन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का महती कार्य किया है और इस सम्मान के जरिए उनके योगदान को न केवल सराहा जाएगा बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए उन्हें एक प्रेरणापुंज के रूप में भी स्थापित किया जाएगा।
ज्ञान और मनोरंजन के इस बेजोड़ और बेहद आकर्षक महासंगम की तैयारियों को लेकर समूचे क्षेत्र के बुद्धिजीवियों और साहित्य प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह और उत्सुकता का माहौल देखा जा रहा है। इस भव्य और गरिमामयी आयोजन के मुख्य संयोजक डॉ. रजनीश कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा और इसके पीछे के व्यापक दृष्टिकोण को सार्वजनिक करते हुए बताया कि शब्दों का यह अनूठा और मनमोहक उत्सव शगुन गार्डन, काशीपुर के भव्य प्रांगण में आयोजित किया जाएगा, जिसका विधिवत शुभारंभ शनिवार की ढलती शाम ठीक 6 बजे से बेहद आकर्षक अंदाज में होगा। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इस ऐतिहासिक आयोजन का मूल और दूरगामी उद्देश्य काशीपुर की समृद्ध साहित्यिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर एक नई और व्यापक पहचान दिलाना है, ताकि यहां के प्रतिभावान रचनाकारों की आवाज दूर-दूर तक गूंज सके। इसके साथ ही स्थानीय लेखकों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को नया संबल और उत्साहवर्धन प्रदान करना, तथा पाठकों और मूल रचनाकारों के बीच के फासले को मिटाकर उनके मध्य एक जीवंत, सीधा और आत्मीय संवाद स्थापित करना भी इस आयोजन की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है, जिससे समाज में पठन-पाठन की संस्कृति को दोबारा एक नई और मजबूत धार दी जा सके।

इस भव्य पुस्तक मेले और साहित्य कुंभ को बेहद आकर्षक, हॉट और यादगार बनाने के लिए आयोजकों द्वारा कई तरह की विहंगम और दिलचस्प प्रस्तुतियां और सत्र तैयार किए गए हैं, जो यहां आने वाले हर शख्स को मंत्रमुग्ध कर देंगे। इस एकदिवसीय महोत्सव के दौरान एक विशाल पुस्तक प्रदर्शनी एवं बिक्री केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां देश-दुनिया के बेहतरीन साहित्य का अनूठा संग्रह पाठकों के लिए सीधे उपलब्ध होगा, जिससे ज्ञान पिपासुओं की साहित्यिक भूख को शांत किया जा सके। इसके साथ ही, कार्यक्रम में गरिमामयी साहित्यकार सम्मान समारोह की अद्भुत छटा बिखरेगी, जिसमें वरिष्ठ रचनाकारों को सम्मानित किया जाएगा, तो वहीं दूसरी ओर गंभीर वैचारिक विमर्श के लिए एक उच्च स्तरीय साहित्यिक गोष्ठी एवं मंत्रमुग्ध कर देने वाला काव्य पाठ आयोजित होगा, जिसमें कवियों की ओजस्वी और श्रृंगार रस से भरी प्रस्तुतियां माहौल में चार चांद लगा देंगी। युवा पीढ़ी को लेखन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु युवा लेखकों के लिए विशेष प्रेरक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहां अनुभवी दिग्गजों द्वारा मार्गदर्शन दिया जाएगा, और अंत में विभिन्न विधाओं का एक जादुई साहित्यिक संगम होगा जो इस पूरी शाम को काशीपुर के इतिहास में हमेशा-कमेशा के लिए अमर बना देगा।
इस विराट और अत्यंत महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता को सुनिश्चित करने और इसे सफलता के शिखर पर पहुंचाने के लिए शहर की जानी-मानी और सम्मानित हस्तियां दिन-रात एक कर रही हैं, जिनकी अगुवाई में इस पूरे महोत्सव का ताना-बाना बुना गया है। इस महाकुंभ के कुशल प्रबंधन और सफल क्रियान्वयन की कमान जिन मुख्य संयोजकों के हाथों में है, उनमें डॉ. रजनीश कुमार शर्मा, विनोद भगत अग्रस, सुरेश कुमार शर्मा और सुनील कोठारी जैसे प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं, जो अपनी पूरी टीम के साथ मिलकर इस आयोजन को अभूतपूर्व बनाने के लिए जी-जान से जुटे हुए हैं। इन सभी शीर्ष आयोजकों और संयोजकों ने संयुक्त रूप से एक बेहद भावुक और पुरजोर अपील जारी करते हुए शहर के समस्त साहित्य प्रेमियों, प्रबुद्ध कवियों, गंभीर लेखकों, विचारकों और खोजी पाठकों से आह्वान किया है कि वे 30 मई की शाम शगुन गार्डन में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने कहा है कि आम जनमानस और प्रबुद्ध वर्ग की भारी से भारी संख्या में शिरकत ही इस भव्य भगीरथ प्रयास को सफल, सार्थक और ऐतिहासिक बनाएगी, इसलिए इस अद्भुत शब्द-उत्सव का हिस्सा बनकर काशीपुर के गौरव को बढ़ाने में अपना बहुमूल्य योगदान अवश्य प्रदान करें।





