रामनगर। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र रामनगर के सुंदर और नैसर्गिक परिवेश में संचालित हो रहे होमस्टे व्यवसाय को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नियमों के प्रति सुदृढ़ बनाने के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बेहद सराहनीय पहल होने जा रही है। क्षेत्र के प्रतिष्ठित संगठन रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन के तत्वावधान में आगामी सोमवार यानी 25 मई को टेड़ा ग्राम स्थित सुरम्य ‘स्पैरो नेस्ट होमस्टे’ के प्रांगण में शाम ठीक 4:00 बजे से एक विशाल और बेहद आकर्षक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन सुनिश्चित किया गया है। इस अभूतपूर्व शिविर के माध्यम से न केवल होमस्टे संचालकों की गंभीर प्रशासनिक और विधिक समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करने का मार्ग प्रशस्त होगा, बल्कि उन्हें इस कारोबार से जुड़े तमाम कानूनी पेचीदगियों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा। इस विशेष विधिक महाचौपाल में क्षेत्र के नामचीन और वरिष्ठ अधिवक्ता, कर विशेषज्ञ तथा प्रशासनिक अधिकारी एक मंच पर नजर आएंगे, जो वहां मौजूद सभी व्यवसायियों को होमस्टे के सफल व बाधारहित संचालन से संबंधित हर प्रकार की बारीक कानूनी, प्रशासनिक एवं विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को बेहद सरल और सुगम भाषा में प्रदान करने का महती कार्य करेंगे, ताकि भविष्य में उन्हें किसी तरह के कानूनी उत्पीड़न या विभागीय अड़चनों का सामना न करना पड़े।
रामनगर के इस उभरते हुए पर्यटन कारोबार को एक नई दिशा देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट पूरन चंद्र पांडे ने इस आगामी आयोजन की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान समय में रामनगर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में होमस्टे का चलन बेहद तेजी से बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही संचालकों के सामने कई तरह की व्यावहारिक और तकनीकी चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की कि नए और पुराने दोनों ही प्रकार के होमस्टे स्वामियों को अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने, शासन द्वारा तय किए गए कड़े सुरक्षा मानकों को लागू करने, स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग से फूड लाइसेंस प्राप्त करने तथा अन्य आवश्यक विभागीय औपचारिकताओं को पूरा करने में भारी कठिनाइयों और अनगिनत चक्करों से गुजरना पड़ रहा है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित कई संचालकों तक शासन द्वारा समय-समय पर निर्धारित किए गए कड़े नियमों, संशोधनों और पारदर्शी प्रक्रियाओं की पूरी और सटीक जानकारी नहीं पहुंच पा रही है, जिसके अभाव में वे अनजाने में नियमों का उल्लंघन कर बैठते हैं और फिर उन्हें विभिन्न प्रकार की गंभीर विभागीय कार्रवाइयों और जटिल समस्याओं का मानसिक व आर्थिक रूप से सामना करना पड़ता है।
इसी क्रम में पर्यटन नगरी के बदलते स्वरूप और वैश्विक पटल पर इसकी मजबूत धमक को रेखांकित करते हुए रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन के ऊर्जावान उपसचिव मनु अग्रवाल ने इस विधिक शिविर की महत्ता को और अधिक स्पष्ट किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि रामनगर विश्व प्रसिद्ध कॉर्बेट नेशनल पार्क का मुख्य प्रवेश द्वार होने के कारण एक बेहद संवेदनशील और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन हब बन चुका है, जहां साल भर देश के कोने-कोने से ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम विकसित देशों से भी बहुत बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी प्रकृति और वन्यजीवों का दीदार करने पहुंचते हैं। ऐसे में इस समूचे क्षेत्र में आने वाले मेहमानों और पर्यटकों की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना, उन्हें उच्च गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना और पूरे रामनगर में एक अत्यंत सुव्यवस्थित, मर्यादित व आदर्श पर्यटन व्यवस्था को स्थापित रखना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बन जाता है। इसी उच्च और दूरगामी सोच को ध्यान में रखते हुए, इस समय होमस्टे संचालकों को शासन-प्रशासन द्वारा तय किए गए समस्त कड़े नियमों, कानूनी प्रावधानों और सुरक्षा मानकों की ए-टू-जेट जानकारी देना अत्यंत आवश्यक और समय की मांग माना जा रहा है, जिससे रामनगर की अतिथि देवो भवः की छवि और अधिक उज्ज्वल हो सके।

इस विधिक महाशिविर को और अधिक प्रभावशाली, उपयोगी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए आयोजकों ने एक बहुत ही शानदार और व्यावहारिक कदम उठाया है, जिसके तहत इसमें सभी संबंधित विभागों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फ़िरोज़ अंसारी ने इस संबंध में एक बेहद अहम जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस महत्वपूर्ण विधिक शिविर में जिला पर्यटन विभाग, अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) तथा खाद्य सुरक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारियों और निरीक्षकों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, ताकि वे खुद इस चौपाल में मौजूद रहें। ये अधिकारी न केवल संचालकों की शंकाओं का समाधान करेंगे, बल्कि अपनी-अपनी विभागीय गाइडलाइंस, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की स्थापना, आग से बचाव के पुख्ता इंतजामों, स्वच्छता व भोजन की शुद्धता से जुड़े कड़े मानकों एवं अनिवार्य लाइसेंस प्राप्त करने की पूरी ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रक्रियाओं की प्रामाणिक और आधिकारिक जानकारी सीधे तौर पर प्रदान करेंगे, जिससे होमस्टे स्वामियों को अब दफ्तरों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल सकेगी।
इस पूरे अभियान को धरातल पर उतारने और इसकी गूंज शासन तक पहुंचाने के लिए बार एसोसिएशन की मीडिया टीम भी पूरी तरह से सक्रिय और मुस्तैद दिखाई दे रही है। रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन के कुशल मीडिया प्रभारी गुलरेज़ रज़ा ने इस दूरगामी मुहिम के बारे में विस्तृत प्रेस नोट जारी करते हुए पूरी जानकारी दी कि इस प्रकार के जागरूकता और विधिक शिविरों के निरंतर आयोजन से न केवल गृह-स्टे संचालकों के मन से सरकारी तंत्र का भय दूर होगा, बल्कि उन्हें भविष्य में अचानक उत्पन्न होने वाली किसी भी बड़ी कानूनी या प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित और स्थाई समाधान ढूंढने में भी अपार सहायता प्राप्त होगी। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि जब हमारे स्थानीय व्यवसायी नियमों के प्रति पूरी तरह सजग और अपडेट रहेंगे, तो इससे न केवल सैलानियों का भरोसा बढ़ेगा बल्कि संपूर्ण रामनगर क्षेत्र के ग्रामीण और साहसिक पर्यटन विकास को एक नई और अभूतपूर्व मजबूती प्राप्त होगी, जो स्थानीय रोजगार के अवसरों को बढ़ाने में एक मील का पत्थर साबित होगी।

इस पूरे विधिक महाअभियान की संवेदनशीलता और इसकी प्रशासनिक महत्ता को देखते हुए टैक्स बार एसोसिएशन ने केवल बैठकों तक सीमित न रहकर इस मामले में सीधे शासन-प्रशासन का दरवाजा भी खटखटाया है, ताकि जमीनी दिक्कतों से सरकार को रूबरू कराया जा सके। इसी सिलसिले में बार एसोसिएशन की ओर से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विस्तृत मांग पत्र यानी ज्ञापन जिलाधिकारी नैनीताल को संबोधित करते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय रामनगर में तैनात नायब तहसीलदार के माध्यम से पूरी औपचारिकता के साथ सौंपा गया, ताकि शासन स्तर पर भी होमस्टे संचालकों को राहत देने के लिए नियमों को सरल बनाया जा सके। इस बेहद महत्वपूर्ण ज्ञापन को सौंपने वाले शीर्ष प्रतिनिधिमंडल में रामनगर टैक्स बार एसोसिएशन के कर्मठ अध्यक्ष एडवोकेट पूरन चंद्र पांडे, सक्रिय उपाध्यक्ष फिरोज अंसारी, सजग मीडिया प्रभारी गुलरेज़ रज़ा एवं कुशल उपसचिव मनु अग्रवाल प्रमुख रूप से शामिल रहे, जिन्होंने नायब तहसीलदार को क्षेत्र की इन व्यावहारिक समस्याओं से विस्तारपूर्वक अवगत कराते हुए शीघ्र ही इस दिशा में ठोस और सकारात्मक प्रशासनिक कार्रवाई किए जाने की पुरजोर वकालत की।
शब्दों और विधिक जागरूकता के इस ऐतिहासिक भगीरथ प्रयास को जन-जन तक पहुंचाने और इसे व्यापक सामाजिक सरोकारों से जोड़ने के लिए बार एसोसिएशन ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ से भी आगे बढ़कर सहयोग की अपील की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट पूरन चंद्र पांडे ने रामनगर और आसपास के सभी सम्मानित प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया कर्मियों, पत्रकारों व छायाकारों से व्यक्तिगत रूप से और सामूहिक रूप से एक बेहद भावुक अपील जारी की है कि वे आगामी सोमवार को आयोजित होने वाले इस अत्यंत जनोपयोगी और नि:शुल्क विधिक शिविर में अपनी गरिमामयी उपस्थिति अवश्य दर्ज कराएं। उन्होंने कहा कि मीडिया जगत की सक्रिय भागीदारी और सकारात्मक कवरेज के माध्यम से ही इस शिविर का संदेश रामनगर के सुदूर पर्वतीय और ग्रामीण अंचलों में बैठे उन छोटे-छोटे होमस्टे संचालकों तक पहुंच पाएगा जो आर्थिक या भौगोलिक कारणों से मुख्यधारा से नहीं जुड़ पाते हैं, अतः इस पवित्र और कल्याणकारी कार्यक्रम को पूरी तरह से सफल, सार्थक और ऐतिहासिक बनाने में अपनी महती भूमिका का निर्वहन कर समाज को एक नई दिशा प्रदान करें।





