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शिक्षा की नई क्रांति सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस बना युवाओं की पहली पसंद

कानून की पढ़ाई को सिर्फ डिग्री नहीं बल्कि जिम्मेदारी बनाते हुए संस्थान युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण, न्यायिक समझ और सामाजिक सरोकारों से जोड़ रहा है, जिससे वे अदालत से समाज तक प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए तैयार हों।

काशीपुर। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जनपद के काशीपुर क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ नाम सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस आज गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का एक मजबूत प्रतीक बन चुका है। बदलते शैक्षणिक परिदृश्य में जहां विद्यार्थी केवल डिग्री नहीं बल्कि सुरक्षित भविष्य, व्यावहारिक ज्ञान और रोजगार की गारंटी चाहते हैं, वहीं यह संस्थान अपनी सुव्यवस्थित शिक्षा प्रणाली और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण के कारण अभिभावकों और छात्रों दोनों का भरोसा जीतने में सफल रहा है। दारियाल रोड, खोखराताल, काशीपुर में स्थित यह शिक्षण समूह न केवल आधुनिक अधोसंरचना से लैस है, बल्कि यहां शिक्षा को संस्कार, कौशल और आत्मनिर्भरता से जोड़कर देखा जाता है। संस्थान का मूल मंत्र “Innovative Ideas Lifelong Learning” यहां की सोच, शिक्षण शैली और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को स्पष्ट रूप से दर्शाता है, जो इसे अन्य शिक्षण संस्थानों से अलग पहचान देता है।

वर्तमान समय में यह संस्थान नर्सिंग, फार्मेसी, पैरामेडिकल, डिग्री और लॉ जैसे विविध एवं रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को करियर निर्माण के व्यापक अवसर प्रदान कर रहा है। यहां शिक्षा को केवल कक्षा तक सीमित न रखकर विद्यार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण, नैतिक मूल्यों और प्रोफेशनल अनुशासन से जोड़ा जाता है। यही कारण है कि यहां अध्ययन करने वाले छात्र न केवल अकादमिक रूप से सक्षम बनते हैं, बल्कि आत्मविश्वास से भरपूर और समाज के लिए उपयोगी नागरिक के रूप में भी विकसित होते हैं। संस्थान प्रबंधन का मानना है कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण कराना नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्तित्व का निर्माण करना है जो भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सके और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा सके।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए नर्सिंग विभाग संस्थान की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया है। यहां M.Sc नर्सिंग, पोस्ट बेसिक B.Sc नर्सिंग, B.Sc नर्सिंग और G.N.M जैसे महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। 10+2 पीसीबी योग्यता रखने वाले विद्यार्थियों को अनुभवी, प्रशिक्षित और समर्पित फैकल्टी का मार्गदर्शन मिलता है, जो उन्हें न केवल सैद्धांतिक ज्ञान बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान करती है। संस्थान में आधुनिक लैब्स, क्लीनिकल ट्रेनिंग और अनुशासित शैक्षणिक ढांचे के माध्यम से छात्रों को वास्तविक कार्यक्षेत्र के लिए तैयार किया जाता है। भारतीय नर्सिंग काउंसिल और उत्तराखंड नर्स एंड मिडवाइव्स काउंसिल जैसी मान्यता प्राप्त संस्थाओं से संबद्धता इस बात की पुष्टि करती है कि यहां शिक्षा की गुणवत्ता और मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाता।

फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में भी यह संस्थान निरंतर प्रगति कर रहा है। D.Pharm, B.Pharm और M.Pharm (फार्मास्यूटिक्स) जैसे पाठ्यक्रम विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा एवं औषधि विज्ञान में विशेषज्ञता हासिल करने का मजबूत मंच प्रदान करते हैं। PCI नई दिल्ली से स्वीकृत यह विभाग आधुनिक प्रयोगशालाओं, शोध आधारित शिक्षण प्रणाली और नवीन तकनीकों से सुसज्जित है। यहां छात्रों को दवाइयों के निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण और रिसर्च से जुड़े हर पहलू की व्यावहारिक जानकारी दी जाती है, जिससे वे भविष्य में फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री, अस्पतालों और रिसर्च संस्थानों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। संस्थान का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्रीधारी नहीं बल्कि दक्ष और जिम्मेदार प्रोफेशनल बनाना है।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। डिग्री कोर्सेस के अंतर्गत B.A., B.Sc. और B.Com सेमेस्टर सिस्टम के साथ-साथ M.A. और M.Com जैसे स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल से संबद्धता छात्रों को मान्यता प्राप्त डिग्री और आगे की शिक्षा के लिए बेहतर अवसर प्रदान करती है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी अपनी रुचि के विषयों में गहराई से अध्ययन कर पाते हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं व उच्च शिक्षा के लिए सशक्त आधार तैयार करते हैं। संस्थान में पढ़ाई का माहौल ऐसा है, जहां छात्रों को प्रश्न पूछने, विचार रखने और अपने ज्ञान का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ती तकनीकी मांग को देखते हुए संस्थान द्वारा संचालित पैरामेडिकल पाठ्यक्रम आज इसकी एक विशिष्ट और मजबूत पहचान बन चुके हैं। B.M.L.T., B.M.R.I.T. और B.Sc O.T जैसे व्यावसायिक कोर्स विद्यार्थियों को अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर्स और मेडिकल लैब्स में कार्य करने के लिए पूरी तरह सक्षम बनाते हैं। इन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत छात्रों को आधुनिक मशीनों, नवीन तकनीकों और उन्नत उपकरणों के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे वास्तविक कार्यक्षेत्र की चुनौतियों को समझ सकें। संस्थान में इंडस्ट्री ओरिएंटेड शिक्षा पद्धति अपनाई जाती है, जहां थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ज्ञान पर विशेष जोर दिया जाता है। यही कारण है कि यहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद रोजगार के योग्य बन जाते हैं। व्यावहारिक अनुभव, अनुशासित प्रशिक्षण और अनुभवी फैकल्टी के मार्गदर्शन से पैरामेडिकल विभाग के छात्र स्वास्थ्य सेवाओं में अपनी अलग पहचान स्थापित कर रहे हैं और समाज की सेवा में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

विधि शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान का लॉ विभाग अपनी गुणवत्ता, अनुशासन और व्यावहारिक दृष्टिकोण के कारण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में उभरकर सामने आया है। यहां संचालित L.L.B., इंटीग्रेटेड B.B.A. L.L.B. और इंटीग्रेटेड B.A. L.L.B जैसे पाठ्यक्रम उन युवाओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी साबित हो रहे हैं, जो कानून के क्षेत्र में एक सशक्त, सम्मानजनक और जिम्मेदार करियर की कल्पना कर रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय विधि व्यवस्था, संवैधानिक प्रावधानों और न्यायिक प्रक्रियाओं की गहन जानकारी प्रदान की जाती है। अध्ययन के दौरान छात्रों को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि मूट कोर्ट, केस स्टडी, कानूनी ड्राफ्टिंग और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के जरिए वास्तविक अदालत और कानूनी वातावरण से रूबरू कराया जाता है। इससे विद्यार्थियों में तर्क शक्ति, विश्लेषण क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है। संस्थान का स्पष्ट लक्ष्य ऐसे कानून विशेषज्ञ तैयार करना है, जो न केवल विधिक रूप से दक्ष हों, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए न्याय और संविधान के मूल्यों की रक्षा करने में भी अग्रणी भूमिका निभा सकें।

संस्थान की आधारभूत सुविधाएं इसकी पहचान को अन्य शिक्षण संस्थानों से अलग और विशिष्ट बनाती हैं, क्योंकि यहां शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित विज्ञान प्रयोगशालाएं छात्रों को प्रयोगात्मक ज्ञान प्रदान करती हैं, जिससे वे विषयों को केवल पढ़ते ही नहीं बल्कि उन्हें व्यवहारिक रूप से समझ भी पाते हैं। समृद्ध और सुव्यवस्थित पुस्तकालय में विभिन्न विषयों से संबंधित नवीनतम पुस्तकों, जर्नल्स और संदर्भ सामग्री की उपलब्धता अध्ययन को और अधिक प्रभावी बनाती है। वाई-फाई युक्त कैंपस विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा और शोध से जोड़ता है, जबकि मल्टीपर्पज हॉल शैक्षणिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों के आयोजन का सशक्त मंच प्रदान करता है। फुटबॉल, क्रिकेट, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, हॉकी और वॉलीबॉल जैसे खेल मैदान छात्रों में टीमवर्क, अनुशासन, नेतृत्व और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित करते हैं। छात्रावास की सुरक्षित व्यवस्था और सुव्यवस्थित परिवहन सुविधा दूर-दराज़ से आने वाले विद्यार्थियों को भी सहज, सुरक्षित और अनुशासित वातावरण में अध्ययन करने का अवसर प्रदान करती है।

संस्थान में कार्यरत फैकल्टी को इसकी सबसे बड़ी शक्ति और पहचान का आधार माना जाता है, क्योंकि यहीं से शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों का भविष्य आकार लेता है। सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में उच्च शिक्षित, अनुभवी और पूर्णतः समर्पित शिक्षक कार्यरत हैं, जो विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें व्यवहारिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों और पेशेवर अनुशासन से भी जोड़ते हैं। फैकल्टी का उद्देश्य छात्रों को अकादमिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वासी और रोजगारोन्मुख व्यक्तित्व के रूप में विकसित करना है। नियमित रूप से आयोजित संचार कौशल और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट सेशन विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति क्षमता और नेतृत्व गुणों को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रों के लिए ट्यूशन फीस में छूट की व्यवस्था संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी और प्रोत्साहन की भावना को दर्शाती है। आज जब शिक्षा जगत में गुणवत्ता सबसे बड़ा मानदंड बन चुकी है, ऐसे समय में सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस काशीपुर में एक सशक्त शैक्षणिक केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर प्रदान किया जा रहा है।

समग्र रूप से देखा जाए तो सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस काशीपुर आज केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को दिशा देने वाला एक सशक्त शैक्षणिक केंद्र बनकर उभर चुका है। यहां उपलब्ध विविध पाठ्यक्रम, आधुनिक अधोसंरचना, अनुशासित शैक्षणिक वातावरण और अनुभवी फैकल्टी मिलकर विद्यार्थियों को एक सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और भविष्य उन्मुख शिक्षा प्रदान करते हैं। संस्थान का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और रोजगारोन्मुख नागरिक के रूप में तैयार करना है। स्वास्थ्य, विधि, विज्ञान, फार्मेसी और सामान्य शिक्षा जैसे क्षेत्रों में संस्थान की मजबूत उपस्थिति यह दर्शाती है कि यहां हर विद्यार्थी के लिए आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध हैं। एडमिशन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है और संस्थान युवाओं से आगे आकर अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने का आह्वान कर रहा है। बदलते समय की मांग के अनुरूप शिक्षा, कौशल और संस्कार का संतुलित संगम प्रस्तुत करता यह संस्थान काशीपुर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भरोसेमंद नाम बनता जा रहा है।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
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