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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दीपक बाली संग मिलकर काशीपुर को काशी की तरह भव्य बनाएंगे

महापौर दीपक बाली की ऐतिहासिक मांग पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगाई मुहर और काशीपुर के नए वार्डों के स्वर्णिम विकास हेतु करोड़ों की भारी-भरकम राशि तुरंत मंजूर कर रच दिया नया इतिहास।

काशीपुर।उत्तराखंड की पावन धरा पर विकास की बयार अब उस चरम पर पहुंच चुकी है जहाँ जनमानस की आकांक्षाओं को पंख मिलने लगे हैं। खटीमा की वादियों में जब हेलीकॉप्टर की गड़गड़ाहट के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उतरे, तो वहां का माहौल केवल स्वागत सत्कार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह काशीपुर के कायाकल्प का एक ऐतिहासिक गवाह बन गया। नगर निगम काशीपुर के कर्मठ और विजनरी महापौर दीपक बाली ने जिस आत्मीयता और गर्मजोशी के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया, उसने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि आज काशीपुर के लिए कुछ बड़ा होने वाला है। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित शिष्टाचार भेंट के दौरान जब विकास की चर्चा चली, तो दीपक बाली ने काशीपुर की जनता की बुनियादी जरूरतों और शहर के विस्तार के बाद उपजी चुनौतियों को मुख्यमंत्री के सम्मुख बड़ी बेबाकी से रखा। यह मिलन केवल दो राजनेताओं का मिलन नहीं था, बल्कि काशीपुर को एक आधुनिक और सुविधायुक्त महानगर बनाने के संकल्प का जीवंत संगम था, जहाँ मुख्यमंत्री ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उनकी प्राथमिकता में प्रदेश का हर कोना और हर नागरिक सर्वोपरि है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन में काशीपुर की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने महापौर द्वारा प्रस्तुत किए गए मांग पत्र की गंभीरता को पलक झपकते ही भांप लिया। महापौर दीपक बाली ने शहरी अवसरंचना विकास निधि से 23 करोड़ 44 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की मांग की थी, जिसे मुख्यमंत्री ने बिना किसी विलंब के तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी। यह धनराशि विशेष रूप से उन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी जिन्हें कुछ समय पूर्व ही नगर निगम की सीमा में शामिल किया गया था। मुख्यमंत्री की इस त्वरित कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में एक नई ऊर्जा भर दी है, क्योंकि उन्होंने न केवल बजट को मंजूरी दी, बल्कि मौके पर ही शहरी विकास निदेशक को कड़े निर्देश जारी किए कि इस प्रक्रिया में कोई भी कागजी बाधा नहीं आनी चाहिए। इस वित्तीय स्वीकृति के साथ ही काशीपुर के उन इलाकों में खुशहाली की लहर दौड़ गई है, जो लंबे समय से पक्की सड़कों और व्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम की बाट जोह रहे थे, और अब मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से वहां विकास का पहिया सरपट दौड़ने को तैयार है।

काशीपुर के भौगोलिक और सामाजिक ढांचे में वर्ष 2018 में एक बड़ा परिवर्तन आया था, जब नगर निगम का विस्तार करते हुए लगभग 8,546 हेक्टेयर के विशाल भूभाग और करीब 40 गांवों को निगम की परिधि में लाया गया था। इन नए शामिल क्षेत्रों से 20 नए वार्डों का सृजन तो हो गया, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी एक बड़ी दीवार बनकर खड़ी थी। महापौर दीपक बाली ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि इन क्षेत्रों के हजारों निवासी आज भी जलभराव, कच्ची नालियों, अंधेरी गलियों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। मांग पत्र में इस बात का स्पष्ट उल्लेख था कि सीमित संसाधनों और नगर निगम के पास बजट की कमी के कारण पिछले कुछ वर्षों में इन नए वार्डों में विकास की गति वैसी नहीं रह सकी जैसी जनता को अपेक्षा थी। दीपक बाली की सूक्ष्म दृष्टि और उनकी विस्तृत कार्ययोजना ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि काशीपुर को वास्तव में एक आदर्श नगर बनाना है, तो इन 40 गांवों की तस्वीर बदलना अनिवार्य है, क्योंकि यही क्षेत्र भविष्य के काशीपुर की रीढ़ बनने वाले हैं और अब सरकार की इस बड़ी मदद से वहां का हर आंगन विकास की रोशनी से जगमगाएगा।

महापौर दीपक बाली ने मुख्यमंत्री की प्रशंसा करते हुए कहा कि श्री पुष्कर सिंह धामी का काशीपुर के प्रति लगाव किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने भावुक होते हुए उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री अक्सर कहते हैं कि वे काशीपुर को ‘काशी’ की तर्ज पर ही भव्य, स्वच्छ और सुंदर देखना चाहते हैं। यह केवल एक जुमला नहीं बल्कि एक ठोस धरातलीय सच्चाई बनती जा रही है, क्योंकि जिस तरह से मुख्यमंत्री ने करोड़ों की योजनाओं को मंजूरी दी है, उससे साफ है कि वे इस शहर को धार्मिक और औद्योगिक गौरव के साथ-साथ आधुनिक सुविधाओं से भी लबालब करना चाहते हैं। दीपक बाली के अनुसार, मुख्यमंत्री की कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि जब भी विकास के लिए धन की मांग की जाती है, वे कभी भी निराश नहीं करते और सदैव सकारात्मक रुख अपनाते हैं। मुख्यमंत्री का यही स्नेहपूर्ण आशीर्वाद आज काशीपुर की सड़कों, नालियों और स्ट्रीट लाइटों के रूप में धरातल पर उतर रहा है, जिससे आम जनमानस का जीवन स्तर सुधरने की पूरी उम्मीद जग गई है और शहर के हर चौराहे पर अब केवल विकास की चर्चाएं आम हो गई हैं।

विकास की इस महागाथा में 23 करोड़ 44 लाख रुपये की यह विशेष निधि केवल एक शुरुआत मात्र है, क्योंकि महापौर दीपक बाली के नेतृत्व में नगर निगम ने एक ऐसी मास्टर प्लानिंग तैयार की है जिसमें सड़क, नाली, जल निकासी और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि आज काशीपुर में सैकड़ों करोड़ रुपये की अन्य परियोजनाएं भी युद्ध स्तर पर गतिमान हैं। दीपक बाली का मानना है कि जब ये सभी कार्य पूर्ण हो जाएंगे, तो प्रदेश की जनता को एक बिल्कुल ‘बदला हुआ काशीपुर’ नजर आएगा, जो अपनी सुंदरता और सुव्यवस्था के लिए पहचाना जाएगा। यशस्वी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड जिस तरह से ‘युवा शक्ति’ और ‘विकास की गति’ के तालमेल से आगे बढ़ रहा है, उसका सबसे बेहतरीन उदाहरण काशीपुर बनने जा रहा है। महापौर ने इस अभूतपूर्व सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि स्वीकृत धनराशि का सदुपयोग करते हुए गुणवत्तापूर्ण कार्य समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे ताकि मुख्यमंत्री के सपनों का काशीपुर साकार हो सके।

इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद समूचे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का माहौल है, क्योंकि जनता अब अपनी आंखों के सामने अपने वार्डों की तस्वीर बदलते हुए देखेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति आभार प्रकट करते हुए स्थानीय निवासियों ने भी माना कि यह सरकार कथनी और करनी में अंतर नहीं रखती है। दीपक बाली की सक्रियता और मुख्यमंत्री का समर्थन एक ऐसी जुगलबंदी बनकर उभरा है जिसने काशीपुर के विकास को एक नई दिशा और नई ऊंचाई प्रदान की है। मुख्यमंत्री आवास से निकली यह स्वीकृति केवल एक आदेश नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों के लिए एक सौगात है जो बेहतर जीवन की उम्मीद लगाए बैठे थे। यह साफ संदेश है कि प्रदेश का मुखिया अपनी जनता के प्रति कितना संवेदनशील है और विकास की राह में धन की कमी को कभी आड़े नहीं आने देगा। आने वाले समय में काशीपुर न केवल उत्तराखंड का बल्कि उत्तर भारत का एक प्रमुख सुव्यवस्थित शहर बनने की ओर अग्रसर है, जिसका संपूर्ण श्रेय मुख्यमंत्री की इच्छाशक्ति और महापौर के अथक प्रयासों को जाता है।

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