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महाविद्यालय में हर्षिता गोस्वामी बनी सीनियर अंडर ऑफिसर और एनसीसी कैडेट्स ने ली सैन्य शपथ

पीएनजी राजकीय महाविद्यालय में रैंक सेरेमनी के दौरान अंजलि गोस्वामी ने हर्षिता गोस्वामी को सौंपी नेतृत्व की बागडोर, अनुशासन और देशभक्ति के जोश के साथ महिला कैडेट्स ने संभाली नई जिम्मेदारियां और रचा सफलता का गौरवशाली इतिहास।

रामनगर। पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्रांगण में आज अनुशासन और शौर्य की एक नई इबारत लिखी गई, जहाँ 24 यूके गर्ल्स बटालियन एनसीसी इकाई के तत्वावधान में भव्य रैंक सेरेमनी का आयोजन कर नई प्रतिभाओं को नेतृत्व की कमान सौंपी गई। इस गौरवमयी समारोह के दौरान सैन्य परंपराओं का निर्वहन करते हुए सीनियर अंडर ऑफिसर अंजलि गोस्वामी ने अपनी प्रतिष्ठित रैंक हर्षिता गोस्वामी को हस्तांतरित की, जिससे अब महाविद्यालय की एनसीसी विंग के संचालन का मुख्य दायित्व हर्षिता के कंधों पर आ गया है। इस रैंक परिवर्तन के क्षणों में पूरा वातावरण देशप्रेम और जिम्मेदारी के भाव से ओतप्रोत नजर आया, जहाँ पुरानी कमान ने नई पीढ़ी को कतर्व्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया। हर्षिता गोस्वामी ने इस नई जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए संकल्प लिया कि वे एनसीसी के उच्चतम आदर्शों को बनाए रखेंगी और कैडेट्स के बीच एकता और अनुशासन की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगी।

समारोह की भव्यता को आगे बढ़ाते हुए नेतृत्व परिवर्तन की कड़ी में अंडर ऑफिसर सिमरन खैरिया और आकांक्षा बिष्ट ने भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और क्रमशः हिमांशी खंडूरी तथा श्रुति जखमोला को उनकी नई रैंक प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पदोन्नति पाने वाले कैडेट्स के चेहरों पर एक नई ऊर्जा और गौरव का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था, जो उनके कठिन प्रशिक्षण और समर्पण का परिणाम है। रैंक सेरेमनी के इस विशेष सत्र में केवल उच्च पदों पर ही नहीं, बल्कि विभिन्न स्तरों पर कैडेट्स की क्षमताओं को पहचाना गया, जिसमें निधि बंगारी और परविंदर कौर को सार्जेंट की रैंक से नवाजा गया। इसके साथ ही सैन्य पदानुक्रम को सुदृढ़ करते हुए रूचि नेगी और तनिष्का बिष्ट ने कॉर्पोरल की रैंक प्राप्त की, जबकि अंकिता और संजना को लांस कॉर्पोरल की रैंक प्रदान कर उनके सैन्य कौशल पर मुहर लगाई गई। इन नियुक्तियों के माध्यम से महाविद्यालय की महिला एनसीसी विंग को एक नया और गतिशील ढांचा मिला है जो आगामी सत्र की गतिविधियों को अंजाम देगा।

इस गरिमामयी अवसर पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य एवं चीफ प्रॉक्टर प्रो. एस एस मौर्य और डॉ सुमन कुमार ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराते हुए सभी रैंक धारक छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी। प्रो. मौर्य ने अपने संबोधन में शिक्षा के साथ-साथ एनसीसी के माध्यम से मिलने वाले चारित्रिक निर्माण और अनुशासन के महत्व पर विशेष बल दिया, जिससे छात्र एक सजग नागरिक के रूप में विकसित हो सकें। कार्यक्रम के मार्गदर्शक के रूप में एएनओ लेफ्टिनेंट (डॉ.) कृष्णा भारती और 79 यूके बीएन एनसीसी के एएनओ लेफ्टिनेंट (डॉ.) डी. एन. जोशी ने रैंक प्राप्त करने वाले सभी जांबाज कैडेटों से यह आशा व्यक्त की कि वे अपने पदों की गरिमा को समझेंगे और पूर्ण कतर्व्यनिष्ठा एवं कठोर अनुशासन के साथ अपने-अपने नवीन दायित्वों का निर्वहन करेंगे। अधिकारियों ने कैडेट्स को प्रेरित किया कि वे समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें और अन्य छात्र-छात्राओं के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करें।

नेतृत्व की नई कमान संभालते ही सीनियर अंडर ऑफिसर हर्षिता गोस्वामी ने अत्यंत आत्मविश्वास के साथ उपस्थित सभी कैडेट्स को संबोधित किया और एक सामूहिक लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने अपने भाषण में स्पष्ट किया कि एनसीसी का मूल उद्देश्य केवल ड्रिल या कैंप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व विकास और देश सेवा का एक मंच है, जिसके लक्ष्यों और उद्देश्यों को पूर्ण करने के लिए सभी को एक सूत्र में पिरोकर कार्य करना होगा। सभी नवनियुक्त रैंक होल्डर्स ने सामूहिक रूप से अपने दायित्वों को पूरे उत्साह और निष्ठा के साथ निभाने का पवित्र संकल्प लिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि महाविद्यालय की एनसीसी इकाई जिले और प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान को और अधिक सुदृढ़ कर सके। इस समारोह ने न केवल कैडेट्स के मनोबल को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि जब युवाओं को जिम्मेदारी और विश्वास दिया जाता है, तो वे राष्ट्र निर्माण की दिशा में अभूतपूर्व योगदान देने के लिए तैयार हो जाते हैं।

रैंक सेरेमनी के समापन सत्र तक आते-आते महाविद्यालय का परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जो नई टीम के स्वागत और पुरानी टीम के प्रति आभार का प्रतीक था। एएनओ लेफ्टिनेंट (डॉ.) कृष्णा भारती ने कार्यक्रम की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ये रैंक केवल कंधे पर लगने वाले फीते नहीं हैं, बल्कि ये समाज की सेवा और अनुशासन का वो पदक हैं जिन्हें कैडेट्स को अपने आचरण से सिद्ध करना होगा। उन्होंने हर्षिता गोस्वामी और उनकी पूरी टीम को भविष्य के कार्यक्रमों, कैंपों और सामाजिक अभियानों के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की सलाह दी। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्य शैक्षणिक स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने इन युवा अधिकारियों के गौरवशाली पलों को अपनी आंखों में कैद किया। यह समारोह रामनगर महाविद्यालय के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जहाँ नारी शक्ति ने सैन्य अनुशासन के क्षेत्र में अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराई और भविष्य की संभावनाओं के नए द्वार खोले।

अंततः यह रैंक सेरेमनी केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर एक वैचारिक परिवर्तन का माध्यम बनी, जहाँ प्रत्येक कैडेट ने स्वयं को एक सैनिक की भांति कतर्व्य के प्रति समर्पित पाया। पीएनजी महाविद्यालय की इस 24 यूके गर्ल्स बटालियन इकाई ने यह साबित कर दिया कि प्रशिक्षण और लगन से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। हर्षिता गोस्वामी के नेतृत्व में अब यह इकाई आगामी गणतंत्र दिवस परेड, साहसिक खेलों और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी को और अधिक प्रभावी बनाएगी। महाविद्यालय प्रशासन ने भी आश्वासन दिया कि एनसीसी कैडेट्स के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव संसाधन और सहयोग प्रदान किया जाएगा। जैसे-जैसे कार्यक्रम संपन्न हुआ, सभी नवनियुक्त अधिकारियों ने अपने एएनओ और वरिष्ठों का आशीर्वाद लिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि अनुशासन के साथ-साथ भारतीय संस्कारों की जड़ें भी इस एनसीसी इकाई में काफी गहरी हैं। यह दिन हर्षिता गोस्वामी और उनकी पूरी टीम के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।

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