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योग महाकुंभ में उमड़ा जनसैलाब स्वस्थ जीवन के संकल्प से गूंजा स्टेडियम

महापौर दीपक बाली समेत हजारों लोगों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्य नमस्कार और प्राणायाम से गूंजा खेल स्टेडियम, भारतीय संस्कृति की शक्ति और स्वास्थ्य चेतना का दिखा भव्य संगम।

काशीपुर। प्रमुख औद्योगिक नगर में एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक योग महोत्सव का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। शहर के मुख्य स्पोर्ट्स स्टेडियम परिसर में आयोजित इस विशाल योग शिविर में जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसने यह साबित कर दिया कि योग के प्रति लोगों में कितनी अगाध श्रद्धा और उत्साह है। इस पूरे महाआयोजन की कमान केवीएस प्रीमियर ग्रुप, भारतीय खेल प्राधिकरण, रोटरी क्लब काशीपुर एवं महिला पतंजलि योग समिति काशीपुर के हाथों में थी, जिन्होंने आपसी समन्वय और उत्कृष्ट प्रबंधन के जरिए इस कार्यक्रम को सफलता की एक नई ऊंचाई प्रदान की। सुबह की पहली किरण के साथ ही पूरा स्टेडियम परिसर योगमय और दिव्य ऊर्जा से सराबोर नजर आने लगा था। काशीपुर के लोकप्रिय और कर्मठ महापौर दीपक बाली ने इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने न केवल मंच की शोभा बढ़ाई, बल्कि क्षेत्र की अत्यंत सम्मानित जनता के साथ जमीन पर बैठकर पूरी तन्मयता से योग क्रियाओं में सहभागिता निभाई। दीप प्रज्वलन की पारंपरिक और पवित्र रस्म के साथ इस ऐतिहासिक योग महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ, जिससे पूरा वातावरण सकारात्मक तरंगों से गुंजायमान हो उठा।

समारोह के मुख्य केंद्र बिंदु रहे महापौर दीपक बाली ने इस पावन अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को अत्यंत ओजस्वी और प्रेरणादायक शब्दों में संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में वैश्विक स्तर पर योग की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि इस वर्ष निर्धारित की गई विशेष थीम ष्स्वस्थ आयु के लिए योगष् वास्तव में संपूर्ण मानव जाति को एक अत्यंत सुखी, संतुलित, मानसिक रूप से शांत और शारीरिक रूप से सुदृढ़ जीवन जीने का दिव्य संदेश देती है। उन्होंने देश के दूरदर्शी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के भगीरथ और ऐतिहासिक प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए याद दिलाया कि कैसे उनके अथक परिश्रम के परिणामस्वरूप 11 दिसंबर 2014 को भारतीय योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वाेच्च मान्यता प्राप्त हुई थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के रिकॉर्ड 177 देशों ने एक सुर में भारतीय योग की शक्ति और वैज्ञानिकता को अपनी आधिकारिक स्वीकृति दी थी। इसी अभूतपूर्व वैश्विक समर्थन के कारण आज यानी 21 जून को पूरी दुनिया के कोने-कोने में योग को एक महापर्व के रूप में अत्यंत हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाता है, जो आज वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर करोड़ों-करोड़ इंसानों के निरोगी और स्वस्थ जीवन का सबसे मजबूत आधार बन चुका है।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए काशीपुर के प्रथम नागरिक महापौर श्री बाली ने खगोलीय विज्ञान और भारतीय अध्यात्म के गहरे अंतर्संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बेहद तार्किक रूप से उपस्थित जनसमूह को समझाया कि 21 जून का दिन विशेष रूप से इसलिए भी बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह हमारे उत्तरी गोलार्ध का साल का सबसे लंबा दिन होता है, जिसमें सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी पर सबसे दीर्घकाल तक रहती है। ठीक इसी प्रकार, नियमित रूप से किया जाने वाला योग भी मनुष्य के जीवन को नई ऊर्जा से भरकर उसे दीर्घायु, निरोगी, तेजस्वी और असीम रूप से जीवंत बनाता है। महापौर ने बड़े ही गर्व के साथ इस बात पर जोर दिया कि योग किसी संकुचित दायरे में बंधा हुआ नहीं है, बल्कि यह हमारी महान और गौरवशाली प्राचीन भारतीय संस्कृति की एक अत्यंत अमूल्य, अनुपम और अलौकिक धरोहर है। यह एक ऐसी सनातन जीवन पद्धति है जो न केवल हमारे शरीर को रोगों से मुक्त कर पूरी तरह स्वस्थ रखती है, बल्कि हमारे अशांत मन को परम शांति प्रदान कर एक पूरी तरह से संतुलित और मर्यादित जीवन जीने का मजबूत आधार स्तंभ तैयार करती है। उन्होंने इस बेहद शानदार, अनुशासित और सफल आयोजन को धरातल पर उतारने के लिए सभी सहयोगी संस्थाओं और आयोजकों को अपनी ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।

स्टेडियम के विशाल प्रांगण में आयोजित इस भव्य योग महोत्सव की सफलता इस बात से साफ साफ बयां हो रही थी कि वहां समाज के हर वर्ग, हर आयु और हर क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोगों की बेहद गरिमामयी मौजूदगी थी। इस अंतरराष्ट्रीय पावन और पावनकारी अवसर पर केवीएस प्रीमियर ग्रुप के प्रमुख पदाधिकारी केएमडी देवेंद्र अग्रवाल, प्रबुद्ध समाजसेविका रेखा जिंदल, जाने-माने व्यक्तित्व बी. पी. गोयल तथा महिला पतंजलि योग समिति की सम्मानित राज्य कार्यकारिणी सदस्य कमला ने अपनी पूरी टीम के साथ उपस्थित रहकर कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को संभाला और स्वयं भी योग साधना की। प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने के साथ-साथ योग के प्रति अपनी गहरी निष्ठा प्रकट करने के लिए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसपी स्वप्न किशोर और क्षेत्र के जागरूक एसडीएम अभय प्रताप सिंह भी इस ऐतिहासिक शिविर में पूरे समय मौजूद रहे। उनके साथ ही काशीपुर की पूर्व मेयर उषा चौधरी, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राज मेहरोत्रा और युवा उद्यमी सुमित अग्रवाल समेत शहर के तमाम गणमान्य नागरिकों ने अग्रिम पंक्ति में बैठकर विभिन्न जटिल योग आसनों और प्राणायाम का बेहद कुशलतापूर्वक अभ्यास किया, जिससे वहां मौजूद आम जनता का भी उत्साह कई गुना बढ़ गया।

इस महाशिविर का सबसे खूबसूरत और आकर्षक पहलू स्टेडियम में उमड़ा वह विशाल जनसैलाब था, जिसमें काशीपुर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों से आई भारी संख्या में आमजन, मातृशक्ति के रूप में महिलाएं, पुरुष, विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूलों के नन्हे-मुन्ने बच्चे तथा ऊर्जा से लबरेज युवा खिलाड़ी शामिल थे। रंग-बिरंगे ट्रैक सूट और पारंपरिक परिधानों में सजे इन सभी लोगों ने एक साथ, एक ही लय और एक ही ताल में जब सूर्य नमस्कार, कपालभाति, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम जैसी योग क्रियाएं कीं, तो वह दृश्य देखने लायक था। इस वर्ष की जो मूल थीम थी, यानी ष्स्वस्थ आयु के लिए योगष्, वह स्टेडियम के कोने-कोने में पूरी तरह चरितार्थ होती दिखाई दे रही थी, क्योंकि वहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी एक ही संकल्प के साथ जुटे थे कि उन्हें अपने जीवन को पूरी तरह से स्वस्थ, तनावमुक्त, संतुलित व सुखी बनाना है। उपस्थित योग गुरुओं ने मंच से प्रत्येक आसन के वैज्ञानिक लाभों के बारे में विस्तार से समझाया और बताया कि कैसे आज की भागदौड़ भरी आधुनिक जिंदगी में योग ही एकमात्र ऐसा साधन है जो इंसान को मानसिक अवसाद और शारीरिक व्याधियों से पूरी तरह सुरक्षित रख सकता है।

कार्यक्रम के समापन सत्र में एक बार फिर इस बात पर गहराई से मंथन किया गया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में ही भारतीय योग को यह वैश्विक पहचान और अतुलनीय गौरव हासिल हुआ है, जिससे आज संपूर्ण विश्व भारत की इस प्राचीन विद्या के सामने नतमस्तक है। आज योग किसी धर्म या संप्रदाय विशेष का न रहकर पूरी तरह से वैश्विक स्वास्थ्य का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है और दुनिया भर में करोड़ों लोगों के दैनिक स्वस्थ जीवन का मुख्य आधार है। योग हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति की वह अमूल्य और अनुपम धरोहर है, जो वास्तव में एक स्वस्थ शरीर, पूरी तरह से शांत मन और मानसिक रूप से संतुलित जीवन का सबसे बड़ा और अचूक आधार है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित नागरिकों और गणमान्य अतिथियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे योग को केवल एक दिन के उत्सव के रूप में नहीं मनाएंगे, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन की दिनचर्या का एक अनिवार्य हिस्सा बनाएंगे ताकि एक स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध समाज का निर्माण किया जा सके। आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करने के साथ ही इस अभूतपूर्व योग महोत्सव का राष्ट्रगान के साथ अत्यंत गरिमापूर्ण समापन हुआ।

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