काशीपुर। ग्राम पैगा में किसान सुखवंत सिंह की आत्मा की शांति के लिए आयोजित अंतिम अरदास और भोग कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को शोकाकुल कर दिया। उनके निवास स्थान पर हुए इस धार्मिक और भावनात्मक आयोजन में सैकड़ों की संख्या में किसान, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सिख संगत के बुजुर्ग, युवा और महिलाएं बड़ी श्रद्धा के साथ पहुंचे। वातावरण पूरी तरह गमगीन था, जहां हर आंख नम और हर मन शोक से भरा नजर आया। अरदास के दौरान गुरबाणी की मधुर ध्वनि और श्रद्धालुओं की मौन प्रार्थनाएं दिवंगत किसान के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त कर रही थीं। ग्रामीणों के साथ-साथ दूर-दराज से आए लोग भी इस आयोजन में शामिल होकर सुखवंत सिंह के संघर्ष, उनके सामाजिक सरोकार और किसान समुदाय के लिए किए गए योगदान को याद कर रहे थे। पूरे आयोजन में अनुशासन और मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे यह कार्यक्रम श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक बन गया।
इस बड़े आयोजन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। आयोजन स्थल से लेकर काशीपुर अलीगंज रोड तक जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। ट्रैफिक को सुचारु रखने के लिए मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई और पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे। भारी भीड़ के बावजूद किसी प्रकार की अव्यवस्था देखने को नहीं मिली, जिससे प्रशासनिक तैयारियों की सराहना की गई। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भी सहयोग दिखाते हुए नियमों का पालन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारी और जवान पूरे समय मुस्तैद नजर आए, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। यह आयोजन न केवल शोक सभा था, बल्कि प्रशासन और समाज के समन्वय का भी उदाहरण बना।
अंतिम अरदास में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुईं, जिन्होंने दिवंगत किसान को श्रद्धांजलि अर्पित की। क्षेत्रीय विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, महापौर दीपक बाली, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे, जसपुर विधायक आदेश चौहान, कांग्रेस के हरिंदर सिंह लाडी, जगजीत सिंह हैप्पी, गगन काम्बोज, देवेंद्र अरोरा, हरदेव सिंह हैरी, जगतार सिंह बाजबा, जसपाल जस्सी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गुरमुख सिंह, यूकेडी के नेता, अनेक किसान नेता और बड़ी संख्या में गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सुखवंत सिंह के निधन को किसान समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया। नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।

महापौर दीपक बाली ने काशीपुर में आयोजित इस अंतिम अरदास और भोग में सम्मिलित होकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि यह क्षति केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और किसान समाज की है। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री द्वारा भेजा गया शोक संदेश भी उन्होंने परिवारजनों को सौंपा। दीपक बाली ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार इस दुखद घटना को लेकर गंभीर है और सुखवंत सिंह के परिजनों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है और न्याय की प्रक्रिया में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
मुख्यमंत्री का शोक संदेश सौंपे जाने के दौरान आयोजन स्थल पर कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, पीसीयू चेयरमेन राम मल्होत्रा, युवा भाजपा नेता रवि पाल, प्रधान संघ के अध्यक्ष जसपाल सिंह जस्सी और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जगजीत सिंह हैप्पी की मौजूदगी में यह संदेश परिवार को दिया गया। संदेश में दिवंगत किसान के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की गई। उपस्थित जनों ने इस पहल को संवेदनशील और मानवीय कदम बताया। सभी नेताओं ने एकजुट होकर यह संदेश दिया कि किसान हितों और उनके सम्मान के लिए सरकार और समाज दोनों प्रतिबद्ध हैं। इस दौरान माहौल भावुक हो गया और कई लोगों की आंखें भर आईं।
इसी क्रम में विधानसभा क्षेत्र काशीपुर के विधायक त्रिलोक सिंह चीमा भी ग्राम पैगा पहुंचे और अंतिम अरदास में सम्मिलित होकर सुखवंत सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर अपनी संवेदनाएं साझा कीं और कहा कि इस प्रकार की घटनाएं पूरे समाज को झकझोर देती हैं। विधायक ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रेषित शोक संदेश परिवारजनों को सौंपा गया है, जिसमें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
अंतिम अरदास और भोग कार्यक्रम के दौरान किसानों और ग्रामीणों के बीच गहरी एकजुटता देखने को मिली। दूर-दूर से आए किसान नेताओं ने सुखवंत सिंह के संघर्षों और उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा किसानों की आवाज बने रहे। इस अवसर पर महिलाओं और बुजुर्गों की भी बड़ी भागीदारी रही, जिन्होंने अरदास में शामिल होकर दिवंगत आत्मा के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम स्थल पर सिख परंपराओं के अनुसार पूरी मर्यादा और अनुशासन के साथ धार्मिक क्रियाएं संपन्न की गईं। संगत ने लंगर प्रसाद ग्रहण कर आपसी भाईचारे और समानता का संदेश दिया। यह आयोजन शोक के साथ-साथ सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन गया।

समापन के समय पूरे वातावरण में गहरी शांति और गंभीरता व्याप्त थी। लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को यह असहनीय पीड़ा सहने की शक्ति प्रदान करें। उपस्थित सभी नेताओं, किसानों और नागरिकों ने एकमत होकर कहा कि सुखवंत सिंह की स्मृति और उनके कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे। यह अंतिम अरदास केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि किसान समाज की पीड़ा, उनकी एकजुटता और न्याय की मांग का प्रतीक बनकर उभरी। ग्राम पैगा में हुआ यह आयोजन लंबे समय तक लोगों के मन में एक गहरी छाप छोड़ गया, जहां संवेदना, समर्थन और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव स्पष्ट रूप से नजर आया।





