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सम्राट पृथ्वीराज चौहान संस्थान में भविष्य ज्योति पुरस्कार समारोह के दौरान मेधावी छात्र और शिक्षक सम्मानित

खोखराताल रोड पर आयोजित इस भव्य और ऐतिहासिक महाकुंभ में मुख्य अतिथि जसपुर विधायक आदेश चौहान तथा मुख्य विकास अधिकारी देवेश शासनी समेत कई दिग्गज हस्तियों ने शिरकत कर बढ़ाया होनहारों का हौसला।

काशीपुर। सम्राट पृथ्वीराज चौहान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के परिसर में ज्ञान, प्रतिभा और समर्पण का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब वहां ‘भविष्य ज्योति 2026’ पुरस्कार समारोह का अत्यंत भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम का मुख्य ध्येय शैक्षणिक जगत में अपनी असाधारण प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले होनहार छात्र-छात्राओं तथा राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले मार्गदर्शक शिक्षकों को सम्मानित कर उनके भीतर एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करना था। जैसे ही समारोह का आगाज हुआ, समूचा संस्थान परिसर करतल ध्वनि से गुंजायमान हो उठा और चारों तरफ केवल हर्ष और उल्लास का माहौल दिखाई देने लगा। इस विशेष आयोजन के माध्यम से संस्थान ने न केवल विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सराहा, बल्कि उनके भीतर छिपी असीम संभावनाओं को एक नया आकाश देने का भी सफल प्रयास किया। इस भव्य उत्सव ने क्षेत्र के शैक्षणिक परिदृश्य में एक अमिट छाप छोड़ी है, जिसकी चर्चा अब हर तरफ बेहद सकारात्मक रूप से की जा रही है।

इस गौरवमयी और अद्वितीय उत्सव के दौरान क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठित विद्यालयों से आए कक्षा दसवीं और बारहवीं के उन मेधावी छात्र-छात्राओं को मंच पर लाकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में अपनी कड़ी मेहनत की बदौलत शीर्ष स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता और स्कूल का नाम रोशन किया था। मंच पर जब इन टॉपर विद्यार्थियों के नामों की घोषणा की गई, तो उपस्थित जनसमुदाय ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका स्वागत किया। संस्थान प्रबंधन और मुख्य अतिथियों द्वारा इन सभी होनहार बच्चों को विशेष रूप से तैयार किए गए चमचमाते मैडल और गौरवपूर्ण प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जिन्हें पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इसके साथ ही, इस भव्य मंच से केवल छात्रों को ही नहीं, बल्कि शिक्षा के मंदिर में निस्वार्थ भाव से ज्ञान की अलख जगाने वाले और विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने वाले समर्पित शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को भी उनके उल्लेखनीय व अद्वितीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। गुरुओं के इस सम्मान ने समारोह की गरिमा को चार चांद लगा दिए और समाज में उनके ऊंचे दर्जे को एक बार फिर से रेखांकित किया।

इस महाआयोजन की भव्यता को और अधिक बढ़ाने के लिए राजनीतिक और प्रशासनिक जगत की कई नामचीन हस्तियों ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई, जिसमें जसपुर के अत्यंत लोकप्रिय विधायक आदेश चौहान तथा जिले के मुख्य विकास अधिकारी देवेश शासनी विशेष रूप से शामिल रहे। इन वरिष्ठ पदाधिकारियों के आगमन से कार्यक्रम का स्तर और अधिक ऊंचा हो गया। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथियों के रूप में औद्योगिक और चिकित्सा जगत के कई जाने-माने चेहरे मंच पर सुशोभित हुए, जिनमें नैनी पेपर मिल के सम्मानित डायरेक्टर पवन अग्रवाल, कपिला इंस्टीट्यूट के कुशल डायरेक्टर सुमित, तराई गोल्ड के कर्मठ प्रबंध निदेशक विनीत रावल के साथ-साथ क्षेत्र के विख्यात चिकित्सक डॉ. मनु महाजन, डॉ. त्रिभुवन अग्रवाल एवं डॉ. पुनीत सरना उपस्थित रहे। इन सभी गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा के इस महाकुंभ को लेकर समाज के हर वर्ग में कितना गहरा झुकाव और सम्मान है। मंच पर मौजूद इन सभी विभूतियों ने अपने बहुमूल्य अनुभवों को साझा करते हुए कार्यक्रम की सार्थकता को और अधिक बढ़ा दिया।

उत्सव की विधिवत शुरुआत भारतीय सनातन परंपरा के अनुसार बेहद आध्यात्मिक और पावन माहौल में हुई, जब मुख्य अतिथियों के साथ संस्थान के मार्गदर्शक और मैनेजिंग डायरेक्टर महेश सिंह चौहान, चेयरमैन गोपाल सिंह चौहान तथा सुरेश सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से कदम आगे बढ़ाए। इनके साथ ही निदेशक फार्मेसी डॉ कपिल कुमार, प्रिंसिपल डिग्री कॉलेज डॉ सीमा चौहान और प्रिंसिपल ऑफ़ नर्सिंग डॉ राजकुमार चौधरी ने मिलकर विद्या की अधिष्ठात्री मां सरस्वती के भव्य चित्र के समक्ष घी का दीपक प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान बैकग्राउंड में गूंज रही सरस्वती वंदना की मधुर ध्वनियों ने पूरे वातावरण को अत्यंत पवित्र, शांत और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। दीप प्रज्वलन की इस रस्म के साथ ही ‘भविष्य ज्योति 2026’ के इस मंच से प्रतिभाओं को सम्मानित करने का सिलसिला शुरू हुआ, जिसने वहां मौजूद हर एक व्यक्ति के भीतर एक नई प्रेरणा और चेतना का संचार कर दिया।

समारोह में उपस्थित जनसमूह और युवा विद्यार्थियों को मार्गदर्शित करते हुए मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में बेहद प्रेरणादायक बातें कहीं और इस बात पर विशेष जोर दिया कि शिक्षा ही वह अचूक हथियार है जो किसी भी व्यक्ति के उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की मजबूत आधारशिला रखती है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए निरंतर कठिन परिश्रम, कड़ा अनुशासन और हमेशा सकारात्मक सोच का होना बेहद जरूरी है क्योंकि इसके बिना कोई भी मुकाम हासिल नहीं किया जा सकता। अतिथियों ने अपने प्रेरक भाषण में सम्मानित होने वाले गुरुजनों की भूमिका की भी मुक्त कंठ से सराहना की और भावुक होते हुए कहा कि एक शिक्षक ही समाज की वह रीढ़ होता है जो राष्ट्र निर्माण के वास्तविक शिल्पकार के रूप में काम करता है और अज्ञानता के अंधेरे को दूर भगाता है। उनके इन विचारों ने विद्यार्थियों के साथ-साथ वहां बैठे अभिभावकों के दिलों को भी गहराई से छू लिया।

इस भव्य और अविस्मरणीय पुरस्कार वितरण समारोह के साक्षी बनने के लिए खोखराताल रोड स्थित परिसर में बहुत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, उनके गौरवान्वित अभिभावक, विभिन्न स्कूलों के शिक्षकगण और शहर के तमाम गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिससे पूरा पंडाल खचाखच भरा नजर आया। इस बेहद खास मौके पर संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार किए गए कई तरह के मनमोहक और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने अपनी अद्भुत कला और नृत्य से उपस्थित दर्शकों को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर दिया और समारोह में मनोरंजन का तड़का लगा दिया। जैसे-जैसे कार्यक्रम अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ा, वैसे-वैसे वहां मौजूद लोगों का उत्साह और अधिक बढ़ता गया। अंत में, संस्थान प्रबंधन द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सम्मानित अतिथियों, शिक्षकों और ऊर्जावान प्रतिभागियों के प्रति दिल से आभार व्यक्त करते हुए इस ऐतिहासिक समारोह का समापन किया गया। इस शानदार अवसर पर पुरस्कार पाकर लौटे छात्रों और उनके परिवारों में हर्ष, संतोष और गर्व का एक अनोखा माहौल साफ तौर पर देखा जा सकता था।

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