ऊधमसिंहनगर। अपराधियों के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए ऊधमसिंहनगर पुलिस ने एक ऐसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने जिले में सक्रिय अपराध जगत के भीतर जबरदस्त खलबली मचा दी है। खूनी गैंगवार की आशंका के बीच पुलिस की सतर्कता, सटीक रणनीति और साहसिक कार्रवाई ने न केवल एक संभावित बड़े रक्तपात को समय रहते रोक दिया, बल्कि पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग करने वाले कुख्यात शार्प शूटर जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी को मुठभेड़ के दौरान घायल अवस्था में दबोच लिया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने दो अन्य शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनका एक साथी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार कांबिंग अभियान और ताबड़तोड़ दबिश दे रही है। इस साहसिक कार्रवाई के बाद पूरे जिले में पुलिस की कार्यशैली की चर्चा तेज हो गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते यह कार्रवाई नहीं की जाती तो जिले में किसी बड़े आपराधिक संघर्ष, गैंगवार अथवा सनसनीखेज वारदात से इनकार नहीं किया जा सकता था। इस सफलता को अपराध नियंत्रण की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि पुलिस ने न केवल अपराधियों की योजना ध्वस्त की बल्कि हथियारों और घटना में प्रयुक्त वाहन को भी बरामद कर अपराध के मजबूत साक्ष्य अपने कब्जे में ले लिए।
राज्य सरकार द्वारा अपराध मुक्त उत्तराखंड की परिकल्पना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से चलाए जा रहे व्यापक अभियान के अंतर्गत ऊधमसिंहनगर पुलिस लगातार संगठित अपराधियों, गैंग संचालकों और हिस्ट्रीशीटर बदमाशों पर शिकंजा कस रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपराध नियंत्रण संबंधी विजन को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में जिले भर में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। पुलिस को खुफिया माध्यमों से सूचना मिली थी कि कुछ कुख्यात अपराधी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी में जुटे हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए रणनीतिक योजना तैयार की और संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी। पुलिस टीम ने विभिन्न मार्गों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया तथा संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी। इसी दौरान पुलिस का सामना उन अपराधियों से हुआ, जिनके इरादे बेहद खतरनाक बताए जा रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि बदमाश किसी खूनी गैंगवार अथवा गंभीर आपराधिक वारदात की योजना बना रहे थे। ऐसे में पुलिस की सक्रियता ने संभावित हिंसक संघर्ष को समय रहते रोक दिया और अपराधियों की पूरी साजिश धराशायी हो गई। अधिकारियों का कहना है कि यदि यह गिरोह अपने मंसूबों में सफल हो जाता तो जनपद में कानून व्यवस्था के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती थी।
घटनास्थल पर जब पुलिस टीम ने संदिग्ध अपराधियों को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर ही जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से कुछ क्षणों के लिए तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस और संयम का परिचय देते हुए मोर्चा संभाला तथा पूरी सतर्कता के साथ जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की ओर से की गई नियंत्रित फायरिंग के दौरान कुख्यात शार्प शूटर जितेन्द्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल उसे अपने कब्जे में ले लिया। मुठभेड़ के दौरान दो अन्य शातिर अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उनका एक साथी अंधेरे और आसपास की परिस्थितियों का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित कर दी गई हैं और लगातार कांबिंग अभियान, संभावित ठिकानों पर दबिश तथा तकनीकी निगरानी की जा रही है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम ने पूरी सतर्कता के साथ कार्रवाई की, जिससे किसी भी पुलिसकर्मी को गंभीर नुकसान नहीं पहुंचा और अपराधियों की योजना पूरी तरह विफल हो गई। इस पूरी कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस किसी भी स्थिति में अपराधियों के सामने झुकने वाली नहीं है और कानून को चुनौती देने वालों के खिलाफ कड़ी एवं निर्णायक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल की गहन तलाशी ली, जिसमें अपराधियों के कब्जे से भारी मात्रा में आपराधिक गतिविधियों में प्रयुक्त सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने मौके से तीन तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, वारदात में प्रयुक्त रेनॉल्ट क्विड कार तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद हथियारों और अन्य सामग्रियों को पुलिस ने विधिवत कब्जे में लेकर फोरेंसिक परीक्षण एवं आगे की जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन हथियारों का उपयोग किन-किन घटनाओं में किया गया था और क्या इनका संबंध अन्य आपराधिक मामलों से भी जुड़ा हुआ है। बरामद मोबाइल फोन की डिजिटल जांच के माध्यम से अपराधियों के संपर्क, उनके नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और आगामी योजनाओं का भी विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है। वहीं बरामद रेनॉल्ट क्विड कार की भी जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वाहन का उपयोग किन-किन आपराधिक गतिविधियों में किया गया था और उसके स्वामित्व से जुड़े सभी तथ्यों का भी सत्यापन किया जा सके।
इस पूरी कार्रवाई के बाद ऊधमसिंहनगर पुलिस ने स्पष्ट संकेत दिया है कि जिले में संगठित अपराध, गैंगवार, अवैध हथियारों के नेटवर्क और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को किसी प्रकार की राहत नहीं मिलने वाली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के नेतृत्व में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार कांबिंग अभियान संचालित किया जा रहा है और उसे शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही गिरफ्तार अपराधियों से गहन पूछताछ कर उनके पूरे नेटवर्क, आपराधिक इतिहास, सहयोगियों तथा संभावित बड़ी वारदातों की योजनाओं का खुलासा किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय अपराधियों के मनोबल पर गहरा असर पड़ेगा और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ कड़ा संदेश जाएगा। वहीं आम नागरिकों ने भी पुलिस की इस त्वरित और साहसिक कार्रवाई की सराहना करते हुए इसे जिले की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया है। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा आपराधिक सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर समाज में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखा जा सके।





