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बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर गरजे प्रभात ध्यानी सुबोध उनियाल से मांगा तत्काल सुधार

संयुक्त चिकित्सालय समेत मालधन पीरुमदारा और कानिया के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की कमी दूर करने की मांग उठी ज्ञापन सौंपकर सुविधाएं मजबूत करने पर जोर।

रामनगर। विधानसभा क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष एवं राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने देहरादून में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों की समस्याएं प्रमुखता से उठाईं। उन्होंने संयुक्त चिकित्सालय रामनगर के साथ ही सामुदायिक केंद्र मालधन, पीरुमदारा और कानिया में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया। प्रभात ध्यानी ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि इन स्वास्थ्य संस्थानों पर बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और आमजन उपचार के लिए निर्भर हैं, लेकिन संसाधनों और आवश्यक चिकित्सा सेवाओं की कमी के चलते लोगों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों में मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी होती है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर सरकारी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है। मुलाकात के दौरान उन्होंने संयुक्त संघर्ष समिति रामनगर की ओर से स्वास्थ्य संबंधी मांगों का ज्ञापन भी स्वास्थ्य मंत्री को सौंपा।

ज्ञापन में संयुक्त चिकित्सालय रामनगर की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत करने की मांग रखी गई। प्रभात ध्यानी ने अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित नियुक्ति के साथ पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि किसी भी अस्पताल की प्रभावी कार्यप्रणाली केवल भवन और उपकरणों से सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि पर्याप्त संख्या में चिकित्सक और प्रशिक्षित कर्मचारी भी जरूरी हैं। उन्होंने क्षेत्र के अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति का भी उल्लेख करते हुए मालधन, पीरुमदारा और कानिया में आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं को व्यवस्थित करने की मांग की। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र किसी जीवनरेखा से कम नहीं हैं। यदि वहां जरूरी सेवाएं उपलब्ध हों तो सामान्य उपचार के लिए लोगों को अनावश्यक रूप से दूर नहीं जाना पड़ेगा और गंभीर मरीजों को समय पर प्राथमिक चिकित्सा भी मिल सकेगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से रामनगर क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप ठोस एवं स्थायी व्यवस्था विकसित करने की अपेक्षा जताई।

प्रभात ध्यानी की ओर से रखे गए मुद्दों पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। मंत्री के समक्ष क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषय उठाए जाने के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर विभागीय कार्रवाई पर है। संयुक्त संघर्ष समिति रामनगर लंबे समय से क्षेत्र की जनसमस्याओं को सामने रखने वाले संगठनों में शामिल है और उसके घटक संगठन उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर यह पहल की गई है। मुलाकात में विशेष रूप से संयुक्त चिकित्सालय रामनगर की क्षमता और सेवाओं को जनअपेक्षाओं के अनुरूप बनाने की आवश्यकता सामने आई। इसके साथ ही मालधन, पीरुमदारा और कानिया के स्वास्थ्य केंद्रों को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। क्षेत्रवासियों की प्रमुख अपेक्षा यही है कि सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सकीय मानव संसाधन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि उन्हें उपचार के लिए बाहर निर्भर न रहना पड़े। स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन मांगों पर कितनी तेजी से कदम उठाता है और रामनगर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं में धरातल पर कितना बदलाव दिखाई देता है।

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