काशीपुर। 23 वर्षीय आकाश पाल की असमय मौत से गहरे सदमे में डूबे परिवार के बीच मंगलवार को महापौर दीपक बाली पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने परिवार के दुख में सहभागी बनते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की और नगर निगम की ओर से दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। महापौर ने कहा कि युवा आकाश का इतनी कम उम्र में दुनिया से चले जाना बेहद पीड़ादायक है और इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में पीड़ित परिवार को केवल सांत्वना देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदना के साथ उसके साथ खड़ा होना भी आवश्यक है। रक्षा बंधन के दिन मानपुर रोड पर नगर निगम की कूड़ा गाड़ी की चपेट में आने से आकाश पाल की मौत हुई थी। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। महापौर ने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी कहा कि हादसे के बाद मृतक के परिजनों ने जिस धैर्य, संयम और समझदारी का परिचय दिया, वह उल्लेखनीय है। परिवार की ओर से घटना के दिन किसी प्रकार की आर्थिक मदद की मांग नहीं की गई थी, लेकिन एक नागरिक के रूप में और नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी के तहत पीड़ित परिवार का सहयोग करना आवश्यक समझा गया। उन्होंने कहा कि दो लाख रुपये की सहायता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि परिवार के प्रति संवेदना और जिम्मेदारी का एक प्रयास है, ताकि इस कठिन दौर में उन्हें कुछ राहत मिल सके।
परिवार की आर्थिक परिस्थितियों और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए महापौर दीपक बाली ने मौके पर ही एक और महत्वपूर्ण आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के किसी एक सदस्य को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक दस्तावेज और कागजी प्रक्रिया पूरी कर प्रस्ताव को संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा, ताकि नियमों के अनुसार परिवार के एक सदस्य के लिए रोजगार की संभावना सुनिश्चित की जा सके। महापौर ने स्पष्ट किया कि यदि नगर निगम स्तर पर उपलब्ध प्रक्रिया के तहत रोजगार उपलब्ध कराने में कोई व्यावहारिक कठिनाई आती है तो आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से भी नौकरी दिलाने के विकल्प पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संबंधित आउटसोर्स कंपनी के प्रबंधन से बातचीत कर परिवार के एक सदस्य को रोजगार उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाश की जाएंगी। उनका कहना था कि आकाश की मौत के बाद परिवार के सामने भावनात्मक पीड़ा के साथ-साथ आर्थिक चुनौती भी खड़ी हो गई है। ऐसे में परिवार को भविष्य में आत्मनिर्भर बनाए रखने के लिए रोजगार का अवसर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण होगा। महापौर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि रोजगार से जुड़ी प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जाए और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद प्रस्ताव नियमानुसार आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास होना चाहिए कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के साथ भविष्य के लिए भी मजबूत सहारा मिले, जिससे परिवार अपने पैरों पर खड़ा हो सके।
मृतक परिवार की परिस्थितियों को समझते हुए महापौर ने आकाश की माता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि आकाश की माता की तबीयत खराब बताई गई है और उनका उपचार चल रहा है। ऐसे में परिवार के सामने बेटे को खोने का गहरा दुख तो है ही, साथ ही इलाज और दूसरी आवश्यकताओं का आर्थिक दबाव भी बना हुआ है। महापौर दीपक बाली ने कहा कि परिवार की जरूरतों को केवल एक बार की आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आकाश की माता के उपचार तथा परिवार की अन्य आवश्यक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी परिवार पर जब अचानक ऐसी विपत्ति आती है तो उसके लिए परिस्थितियों को संभालना बेहद कठिन हो जाता है। खासकर जब परिवार का युवा सदस्य असमय दुनिया छोड़ दे, तब आर्थिक और मानसिक दोनों स्तरों पर संकट गहरा जाता है। ऐसे समय में समाज और प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। महापौर ने कहा कि नगर निगम प्रशासन इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है और उनकी जरूरतों को समझते हुए नियमानुसार उपलब्ध सहायता दिलाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि उन्हें अकेला महसूस करने की जरूरत नहीं है और नगर निगम की ओर से संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मानवीय संवेदना केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि जरूरतमंद परिवार तक वास्तविक मदद पहुंचना भी उतना ही जरूरी है।
इस दौरान परिजनों ने महापौर दीपक बाली द्वारा उपलब्ध कराई गई दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिलाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए उनका आभार व्यक्त किया। परिजनों के लिए यह समय बेहद कठिन है, लेकिन महापौर की ओर से आर्थिक सहयोग और भविष्य में रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन उनके लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आया। महापौर ने परिवार को आश्वस्त किया कि नगर निगम प्रशासन उनकी स्थिति पर नजर रखेगा और जरूरत के अनुसार नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परिवार से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों और रोजगार संबंधी प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश भी दिए, ताकि आगे की कार्रवाई में अनावश्यक विलंब न हो। महापौर ने कहा कि आकाश की मौत ने परिवार को जिस गहरे संकट में पहुंचाया है, उससे उबरने में समय लगेगा और इस दौरान परिवार को सामाजिक तथा प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता रहेगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ खड़ा होना केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मुख्य नगर आयुक्त रविंद्र बिष्ट, कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा, पार्षद पुष्कर बिष्ट, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि तथा कांग्रेस नेता रवि ढींगरा भी मौजूद रहे। सभी ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। महापौर ने भी परिवार को भरोसा दिलाया कि कठिन समय में नगर निगम प्रशासन उनके साथ रहेगा और उपलब्ध संसाधनों एवं नियमों के दायरे में रहकर हरसंभव सहयोग किया जाएगा।





