दिल्ली/रामनगर। स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर को समर्पित सामाजिक सरोकारों से जुड़े एक भव्य आयोजन ने राजधानी दिल्ली में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के कार्यों, उपलब्धियों और महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया। 13 अगस्त 2026 को त्रेतायुग फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में 150 से अधिक सोसायटी और गैर-सरकारी संस्थाओं ने सक्रिय भागीदारी की। आयोजन में देश के विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक उत्थान, महिला सशक्तिकरण, जनसेवा और समाज के कमजोर वर्गों के लिए कार्य कर रही संस्थाओं ने अपनी गतिविधियों और उपलब्धियों को मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में कई संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रत्यक्ष रूप से पहुंचकर हिस्सा लिया, जबकि अनेक संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य वर्चुअल माध्यम से ऑनलाइन बैठक में जुड़े। इस आयोजन का उद्देश्य केवल संस्थाओं को एक मंच पर लाना नहीं था, बल्कि उनके सामाजिक योगदान को पहचान देना और बेहतर कार्य करने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करना भी था। इसी महत्वपूर्ण अवसर पर पुष्कर सोसाइटी ने अपनी सामाजिक गतिविधियों और उपलब्धियों का प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण कर विशेष पहचान बनाई।
कार्यक्रम के दौरान पुष्कर सोसाइटी की ओर से वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से संस्था के सामाजिक नेटवर्क, नैतिक लक्ष्य, कार्य उद्देश्य, अब तक हासिल उपलब्धियों और भविष्य की दिशा के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की गई। प्रस्तुति में यह बताया गया कि संस्था सामाजिक दायित्वों को केवल औपचारिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से निरंतर धरातल पर काम कर रही है। विशेष रूप से महिलाओं को हुनर से जोड़ने, उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को प्रमुखता से सामने रखा गया। आयोजन में दिल्ली, उत्तराखंड और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों में सरकार द्वारा पंजीकृत सोसायटियों ने सहभागिता की। इस व्यापक भागीदारी के बीच पुष्कर सोसाइटी की कार्यप्रणाली, दस्तावेजी विवरण और सामाजिक गतिविधियों को भी मंच पर प्रस्तुत किया गया। संस्था की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच और प्रमाणिकता के बाद उसके कार्यों को प्रभावी माना गया, जिसके परिणामस्वरूप संस्था की प्रेसिडेंट पूनम गुप्ता को प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित किया गया।
रात देर तक चली मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद जब अलग-अलग श्रेणियों में नामांकन और परिणाम घोषित किए गए तो पुष्कर सोसाइटी के लिए यह क्षण उपलब्धि से कहीं अधिक गौरव का विषय बन गया। संस्था को एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ, जिसने उसके सामाजिक कार्यों को एक नई पहचान दी। पुष्कर सोसाइटी की प्रेसिडेंट पूनम गुप्ता को INSPIRING WOMEN VISIONARY AWARD से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही संस्था को ICONIC AWARD की श्रेणी में भी विशेष पहचान मिली और इस सम्मान के लिए भी पुष्कर सोसाइटी की प्रेसिडेंट पूनम गुप्ता का चयन किया गया। एक ही आयोजन में दो प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त होना संस्था के लिए निश्चित रूप से महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। देर रात घोषित हुए परिणामों ने संस्था से जुड़े पदाधिकारियों, सदस्यों और शुभचिंतकों में उत्साह पैदा कर दिया। सामाजिक क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहने वाली पुष्कर सोसाइटी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सम्मान उसके कार्यों की सार्वजनिक स्वीकार्यता और सामाजिक प्रयासों की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
पुष्कर सोसाइटी की प्रेसिडेंट पूनम गुप्ता के लिए भी यह सम्मान उस निरंतर प्रयास का परिणाम माना जा रहा है, जिसके माध्यम से संस्था सामाजिक जिम्मेदारियों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ा रही है। कार्यक्रम में संस्थाओं के कामकाज को अलग-अलग मानकों पर देखा गया और उनकी गतिविधियों, उद्देश्यों, उपलब्धियों तथा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसी प्रक्रिया में पुष्कर सोसाइटी की ओर से प्रस्तुत कार्य विवरण और प्रमाणित दस्तावेजों को महत्वपूर्ण माना गया। संस्था को मिले दोनों पुरस्कारों ने उसके सामाजिक अभियान को नई ऊर्जा देने का काम किया है। खास तौर पर INSPIRING WOMEN VISIONARY AWARD का मिलना महिला नेतृत्व और महिला उत्थान से जुड़े कार्यों के प्रति संस्था की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। वहीं ICONIC AWARD के माध्यम से संस्था की समग्र सामाजिक सक्रियता और प्रभाव को सम्मान मिला है। पुष्कर सोसाइटी से जुड़े लोगों का मानना है कि यह सम्मान केवल संस्था अथवा उसकी प्रेसिडेंट की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन सभी सदस्यों, सहयोगियों और महिलाओं के प्रयासों की सामूहिक पहचान है, जो संस्था के सामाजिक अभियानों से जुड़कर समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में पुष्कर सोसाइटी का मौजूदा कार्य भी इस उपलब्धि को विशेष महत्व प्रदान करता है। संस्था वर्तमान समय में 25 महिलाओं को निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण प्रदान कर रही है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य महिलाओं को केवल सिलाई का हुनर सिखाना नहीं, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं में कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। संस्था का मानना है कि किसी भी परिवार और समाज की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है और जब महिला के हाथ में हुनर होता है तो उसके सामने आत्मनिर्भरता के रास्ते खुलते हैं। इसी सोच के साथ निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुष्कर सोसाइटी द्वारा चलाया जा रहा यह प्रयास उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बन रहा है, जो किसी कारणवश रोजगार या स्वरोजगार के अवसरों से दूर हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद महिलाएं सिलाई के माध्यम से अपनी आय का साधन विकसित कर सकें, यही संस्था के प्रयासों का मूल उद्देश्य है।
समाज में महिलाओं को सम्मानजनक स्थान दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में किए जा रहे इन प्रयासों के बीच दिल्ली के आयोजन में मिला दोहरा सम्मान पुष्कर सोसाइटी के लिए एक नई प्रेरणा के रूप में सामने आया है। संस्था से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि पुरस्कार किसी अभियान का अंतिम पड़ाव नहीं बल्कि आगे और बेहतर काम करने की जिम्मेदारी को बढ़ाने वाला अवसर होता है। सामाजिक संस्थाओं के बीच प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने वाले ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की गति को तेज कर सकते हैं। त्रेतायुग फाउंडेशन के कार्यक्रम में 150 से अधिक सोसायटी और गैर-सरकारी संस्थाओं की भागीदारी ने भी यह संदेश दिया कि देश के विभिन्न हिस्सों में सामाजिक संगठनों का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से हुई सहभागिता ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया। इस मंच पर पुष्कर सोसाइटी द्वारा अपनी गतिविधियों को विस्तार से प्रस्तुत करना और उसके बाद दो पुरस्कारों के लिए चयनित होना संस्था की मेहनत और सामाजिक प्रतिबद्धता के लिए उत्साहवर्धक परिणाम के रूप में देखा जा रहा है।
स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले मिले इस सम्मान ने पुष्कर सोसाइटी की उपलब्धि को और अधिक अर्थपूर्ण बना दिया है। आजादी का पर्व केवल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, समान अवसर और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है। इसी भावना के अनुरूप महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास व्यापक सामाजिक बदलाव से जुड़ा हुआ है। पुष्कर सोसाइटी की प्रेसिडेंट पूनम गुप्ता को मिले INSPIRING WOMEN VISIONARY AWARD और ICONIC AWARD संस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आए हैं। दो पुरस्कारों के साथ पुष्कर सोसाइटी ने यह साबित करने की दिशा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है कि स्थानीय स्तर पर निरंतर और ईमानदारी से किए गए सामाजिक प्रयासों को व्यापक मंच पर भी पहचान मिल सकती है। संस्था के लिए यह गौरव का क्षण होने के साथ-साथ आने वाले समय में सामाजिक कार्यों को और अधिक विस्तार देने का संकल्प भी है। 25 महिलाओं को निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण देने की मौजूदा पहल के साथ संस्था महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्थान की अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रतिबद्ध दिखाई दे रही है।





