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180 फुट तिरंगे के साथ गूंजा हरिद्वार, मदन कौशिक की अगुवाई में निकली भव्य राष्ट्रभक्ति यात्रा

एनसीसी छात्रों की अगुवाई में उमड़ा जनसैलाब, भारत माता के जयघोष से गूंजा शहर, महापौर किरण जैसल समेत भाजपा नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

हरिद्वार। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हरिद्वार में राष्ट्रभक्ति का उत्साह उस समय देखते ही बना, जब कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक मदन कौशिक के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। आर्य नगर चौक से शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, युवा और स्थानीय नागरिक हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। यात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंजता चला गया। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष ने पूरे मार्ग को राष्ट्रप्रेम के रंग में रंग दिया। यात्रा का समापन चंद्राचार्य चौक पर हुआ, जहां प्रतिभागियों ने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर बलिदानियों को श्रद्धापूर्वक याद करते हुए लोगों ने उनके त्याग और संघर्ष को नमन किया। आयोजन में युवाओं की विशेष भागीदारी दिखाई दी और उनके हाथों में लहराता तिरंगा लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। यात्रा का उद्देश्य केवल स्वतंत्रता दिवस का उत्सव मनाना नहीं, बल्कि नागरिकों के भीतर राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करना भी रहा। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता का पर्व आज भी समाज के हर वर्ग को एक भावनात्मक सूत्र में जोड़ने की क्षमता रखता है।

तिरंगा यात्रा का सबसे प्रभावशाली दृश्य उस समय सामने आया, जब एनसीसी के छात्रों ने 180 फुट लंबे तिरंगे को लेकर भारत माता के जयघोष के साथ यात्रा का शुभारंभ किया। विशाल राष्ट्रीय ध्वज को लेकर आगे बढ़ते युवाओं ने पूरे आयोजन को अलग ही भव्यता प्रदान की। सड़क के दोनों ओर मौजूद लोगों ने भी इस दृश्य को उत्साह के साथ देखा और देशभक्ति के नारों में अपनी आवाज मिलाई। विशाल तिरंगे के साथ कदमताल करते एनसीसी विद्यार्थियों ने अनुशासन, उत्साह और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। आयोजन में शामिल लोगों के बीच स्वतंत्रता दिवस को लेकर विशेष उमंग दिखाई दी और हर तरफ तिरंगे की मौजूदगी ने वातावरण को पूरी तरह राष्ट्रभक्ति से भर दिया। यात्रा के दौरान युवाओं का जोश विशेष रूप से देखने को मिला। प्रतिभागियों ने देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया। 180 फुट लंबे तिरंगे को यात्रा में शामिल करना आयोजन की प्रमुख विशेषताओं में रहा, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि आज देश जिस आजादी का अनुभव कर रहा है, उसके पीछे असंख्य वीरों का संघर्ष और त्याग रहा है। इस भावना के साथ यात्रा आगे बढ़ी और रास्ते भर देशभक्ति के उद्घोष सुनाई देते रहे। एनसीसी छात्रों की भागीदारी ने यह भी संदेश दिया कि नई पीढ़ी राष्ट्र के इतिहास, स्वतंत्रता के संघर्ष और राष्ट्रीय प्रतीकों के महत्व को लेकर सजग है तथा देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझती है।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक मदन कौशिक ने कहा कि तिरंगा भारत की पहचान भर नहीं, बल्कि देश के गौरव, स्वाभिमान, एकता और वीरता का प्रतीक है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के उन असंख्य वीरों को याद किया, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना जीवन तक न्योछावर कर दिया। उनके अनुसार आजादी केवल इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि वर्तमान पीढ़ी के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को ऐसे भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए, जिसका सपना स्वतंत्रता सेनानियों ने देखा था। मदन कौशिक ने तिरंगा यात्रा के उद्देश्य को राष्ट्रप्रेम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को मजबूती देने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देशवासियों को एकता के सूत्र में बांधने वाला प्रतीक है और इसके सम्मान की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आत्मनिर्भरता, विकास और राष्ट्र गौरव के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उनके मुताबिक स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर नागरिकों को अपने कर्तव्यों की याद दिलाते हैं और यह प्रेरणा देते हैं कि देश की प्रगति में प्रत्येक व्यक्ति अपनी भूमिका निभाए। यात्रा के दौरान मदन कौशिक ने कार्यकर्ताओं और नागरिकों के उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय पर्वों को व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाने से देशभक्ति की भावना और मजबूत होती है।

हरिद्वार नगर निगम की महापौर किरण जैसल ने भी तिरंगा यात्रा में सहभागिता करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तिरंगा देश की शान और प्रत्येक भारतीय के गौरव का प्रतीक है। महापौर ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले क्रांतिकारियों को याद करते हुए कहा कि अनेक वीरों ने तिरंगे को अपने सीने से लगाकर और उसे अपने शरीर पर लपेटकर देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया। उनके अनुसार ऐसे बलिदानों की स्मृति को जीवंत रखना हर भारतीय का दायित्व है। उन्होंने तिरंगा यात्रा को प्रत्येक देशवासी के लिए गौरव का अवसर बताते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीरों के त्याग और संघर्ष की याद दिलाता है, जिनकी वजह से देश स्वतंत्र हुआ। किरण जैसल ने कहा कि आजादी के इस पर्व पर पूरा देश अमर बलिदानियों को नमन कर रहा है और हरिद्वार की यह यात्रा भी उसी राष्ट्रीय भावना का हिस्सा है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के उत्साह को रेखांकित करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि देश के अमर जवान और स्वतंत्रता सेनानी आज भी भारतीयों के दिलों में जीवित हैं। महापौर ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि देश के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। उनके अनुसार तिरंगे के नीचे सभी नागरिकों की पहचान एक भारतीय के रूप में होती है और यही भावना राष्ट्र की एकता को मजबूत बनाती है।

आर्य नगर चौक से चंद्राचार्य चौक तक निकली इस यात्रा में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय नागरिकों और युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। यात्रा के मार्ग में राष्ट्रभक्ति के नारों ने वातावरण को लगातार ऊर्जावान बनाए रखा। भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष के बीच हाथों में तिरंगा लेकर चल रहे लोगों ने स्वतंत्रता दिवस की भावना को जीवंत किया। प्रतिभागियों ने देश की संप्रभुता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने के साथ राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भी लिया। यात्रा में शामिल लोगों का कहना था कि स्वतंत्रता दिवस केवल ध्वजारोहण और औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इस अवसर पर देश के प्रति नागरिकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर भी विचार होना चाहिए। युवाओं ने उत्साह के साथ यात्रा में भाग लेते हुए राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक थामा और पूरे मार्ग पर अनुशासन बनाए रखा। आयोजन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों और अमर सेनानियों के योगदान को याद किया गया। लोगों ने माना कि आजादी की कीमत समझने के लिए इतिहास को याद रखना जरूरी है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकता का संदेश देने का प्रयास किया गया। यात्रा में मौजूद लोगों के बीच उत्साह का स्तर लगातार बना रहा और विशाल तिरंगे के साथ आगे बढ़ता कारवां शहर में आकर्षण का केंद्र बन गया। इस आयोजन ने हरिद्वार में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों और राष्ट्रीय पर्व को लेकर नागरिकों के उत्साह की झलक भी प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में भाजपा संगठन से जुड़े अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिससे यात्रा को व्यापक राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी मिली। पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप गोयल, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, जिला महामंत्री हीरा सिंह बिष्ट, जिला अध्यक्ष युवा मोर्चा अभिनव चौहान, कार्यक्रम संयोजक लव शर्मा और दीपांशु विद्यार्थी समेत अनेक कार्यकर्ताओं ने यात्रा में सहभागिता की। राजकुमार अरोड़ा, अन्नू ककड़, सुभाष चंद्र, सांसद प्रतिनिधि अनिल पुरी, तरुण नय्यर, अनिमेष शर्मा, तुषांक भट्ट, किशन बजाज, आशु चौधरी और विकास प्रधान भी आयोजन में उपस्थित रहे। महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रीति गुप्ता के साथ देवेश ममगई, पारुल चौहान, करण वर्मा, निकुंज शर्मा, अंकित रघुवंशी, नवीन तेश्वर, सत्यनारायण शर्मा, मोनिका सैनी, निशा नोडियाल, राकेश नोडियाल और भोला शर्मा ने भी यात्रा में भाग लिया। इनके अलावा सुमित लखेड़ा, अर्श नय्यर, कपिल बालियान, सूरज भारद्वाज, मुकुल भारद्वाज, लवी चौहान, उमेश पाठक, रेशु चौहान और हरजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। यात्रा में अलग-अलग जिम्मेदारियों से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया। लोगों ने एक साथ कदम मिलाकर राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और देश की एकता का संदेश दिया। आयोजन में राजनीतिक संगठन के साथ नागरिक सहभागिता का मिश्रण दिखाई दिया, जिससे तिरंगा यात्रा केवल पार्टी कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि शहर के लोगों के बीच भी राष्ट्रीय पर्व की भावना को मजबूत करने का माध्यम बनी।

स्वतंत्रता दिवस से पहले निकाली गई इस यात्रा में राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और अखंडता को लेकर भी संदेश दिया गया। प्रतिभागियों ने कहा कि देश की आजादी लंबे संघर्ष और बलिदानों के बाद हासिल हुई है, इसलिए वर्तमान पीढ़ी को इसकी रक्षा और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने की जिम्मेदारी समझनी चाहिए। यात्रा में शामिल वक्ताओं ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि देश की आगामी दिशा काफी हद तक नई पीढ़ी की सोच, मेहनत और जिम्मेदारी पर निर्भर करती है। विशाल तिरंगे के साथ निकली यात्रा में युवाओं की भागीदारी ने इस संदेश को और प्रभावशाली बनाया। राष्ट्रीय ध्वज को लेकर शहर की सड़कों पर आगे बढ़ते लोगों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। यात्रा के दौरान किसी एक वर्ग या समूह की नहीं, बल्कि व्यापक राष्ट्रीय भावना की तस्वीर दिखाई दी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जोड़ना और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना भी रहा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि देश का विकास केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि नागरिकों को भी अपने स्तर पर ईमानदारी, अनुशासन और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देकर योगदान देना चाहिए। इस भावना के साथ यात्रा में शामिल लोगों ने एकता, अखंडता और राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानने का संकल्प दोहराया।

चंद्राचार्य चौक पर यात्रा के समापन के साथ ही स्वतंत्रता दिवस की भावना और राष्ट्रभक्ति से जुड़ा यह आयोजन संपन्न हुआ, लेकिन पूरे कार्यक्रम के दौरान दिखाई दिया उत्साह लंबे समय तक चर्चा में रहा। यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व नागरिकों को देश की उपलब्धियों के साथ-साथ उन चुनौतियों पर भी विचार करने का अवसर देता है, जिनका सामना देश को आगे बढ़ने के लिए करना है। तिरंगे को सम्मान देने और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करने के साथ देश की एकता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना भी जरूरी है। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के नेतृत्व में निकली यात्रा में पार्टी पदाधिकारियों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी ने इसे व्यापक स्वरूप दिया। 180 फुट लंबे तिरंगे की अगुवाई में एनसीसी छात्रों का उत्साह आयोजन की खास पहचान बना रहा। महापौर किरण जैसल ने भी राष्ट्रध्वज को देश की शान बताते हुए अमर बलिदानियों को याद किया और प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देश की संप्रभुता, अखंडता तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया। यात्रा के समापन के साथ हरिद्वार ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता दिवस केवल कैलेंडर की तारीख नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं, संघर्षों और बलिदानों से जुड़ा राष्ट्रीय पर्व है। आर्य नगर चौक से शुरू होकर चंद्राचार्य चौक तक पहुंची तिरंगा यात्रा ने शहर में राष्ट्रभक्ति का माहौल बनाया और युवाओं सहित आम नागरिकों को स्वतंत्रता के मूल्यों से जुड़ने का अवसर दिया। इस भव्य आयोजन के माध्यम से देश के प्रति सम्मान, एकता और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया गया।

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