काशीपुर। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (महिला) की ज़िला इकाई, काशीपुर ने आज एक महत्त्वपूर्ण पहल करते हुए नगर की महिलाओं और व्यापारियों से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं को लेकर स्थानीय उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज़िला अध्यक्ष प्रियंका अग्रवाल के नेतृत्व में पहुँचे इस प्रतिनिधि मंडल ने शहर की आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की और त्वरित निवारण की माँग की। ज्ञापन में विशेष रूप से चार मुख्य बिन्दुओं को उजागर किया गया, जिनमें रसोई गैस की कालाबाज़ारी, वृद्धा/विधवा पेंशन शिविरों का सरलीकरण, राशन कार्ड प्रक्रियाओं की जटिलता और फ्लाई ओवर के नीचे व्यापारिक गतिविधियों की सुरक्षा शामिल हैं।
प्रतिनिधि मंडल ने उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह को बताया कि वर्तमान अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों और गलत अफ़वाहों का फ़ायदा उठाकर शहर में रसोई गैस (LPG) की कृत्रिम कमी पैदा की जा रही है। कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गैस सिलेंडरों की कालाबाज़ारी धड़ल्ले से जारी है, जिससे आम जनता, विशेषकर महिलाओं और छोटे व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में माँग की गई कि प्रशासन इस कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़ कठोर और दंडात्मक कार्यवाही करे और शहर के हर घर तक गैस सिलेंडरों की नियमित होम डिलीवरी (HOME DELIVERY) सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था बनाए।

एक और महत्त्वपूर्ण मुद्दे के रूप में, प्रतिनिधि मंडल ने वृद्धा और विधवा पेंशन योजनाओं के आवेदन हेतु लगाए जाने वाले सरकारी शिविरों की अव्यवस्था की ओर ध्यान आकर्षित किया। ज़िला अध्यक्ष ने उप जिलाधिकारी को अवगत कराया कि इन योजनाओं की मुख्य लाभार्थी बुजुर्ग और विधवा महिलाएँ होती हैं, जिन्हें शिविरों में आवेदन करने के लिए जगह-जगह भटकना पड़ता है। प्रतिनिधि मंडल ने माँग की कि इन शिविरों की प्रक्रियाओं को अत्यंत सरल बनाया जाए ताकि ये महिलाएँ बिना किसी परेशानी के सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें और उन्हें किसी भी प्रकार के शोषण का सामना न करना पड़े।
राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया में महिलाओं को होने वाली समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि केंद्र सरकार की नीति के अनुसार अब राशन कार्ड महिला (घर की मुखिया) के नाम पर ही जारी होते हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से इस प्रक्रिया को पूरा करने में महिलाओं को कई तरह की जटिलताओं का सामना करना पड़ता है। समय और संसाधनों की कमी के कारण अक्सर महिलाओं को एजेंटों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनके आर्थिक शोषण की प्रबल संभावना रहती है। संबंधित विभाग द्वारा समय पर राशन कार्ड जारी न करने की स्थिति और भी विकट हो जाती है। प्रशासन से माँग की गई कि इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुगम बनाया जाए।

शहर के फ्लाई ओवर के नीचे चल रही व्यापारिक गतिविधियों की सुरक्षा और वहाँ की ख़राब व्यवस्था पर भी प्रतिनिधि मंडल ने गंभीर चिंता जताई। उप जिलाधिकारी को बताया गया कि काशीपुर क्षेत्र में कई व्यापारी धूप और बारिश से बचने के लिए फ्लाई ओवर के नीचे अपना व्यापार संचालित करते हैं। साथ ही, बाज़ार की कई दुकानें भी फ्लाई ओवर के ठीक नीचे स्थित हैं। प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन का ध्यान इस ओर दिलाया कि फ्लाई ओवर की रेलिंग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है या टूटने की कगार पर है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। उन्होंने माँग की कि शहर के फ्लाई ओवर की रेलिंग को तत्काल प्रभाव से ठीक कराया जाए ताकि कोई अनहोनी न हो।
प्रतिनिधि मंडल की मांगों और चिंताओं को सुनने के बाद, उप जिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह ने उनकी समस्याओं को अत्यंत गंभीरता से लिया और तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रतिनिधि मंडल के सामने ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शहर में रसोई गैस की कालाबाज़ारी के ख़िलाफ़ कड़ी कार्यवाही की जाएगी, पेंशन शिविरों की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा, राशन कार्ड प्रक्रिया में सुधार किया जाएगा और फ्लाई ओवर की रेलिंग की मरम्मत भी जल्द से जल्द कराई जाएगी। उप जिलाधिकारी के इस त्वरित और सकारात्मक रूख़ के लिए प्रतिनिधि मंडल ने उनका धन्यवाद व्यक्त किया।
इस अवसर पर ज़िला अध्यक्ष प्रियंका अग्रवाल के साथ ज़िला महामंत्री सुधा रॉय, विधि सलाहकार ज्योति शर्मा, सोमा कांबोज, प्रेम लता और अन्य प्रमुख महिला व्यापारी उपस्थित थीं। प्रतिनिधि मंडल ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन द्वारा उनकी माँगों पर शीघ्र ही ठोस कार्यवाही की जाएगी और नगर की महिलाओं और व्यापारियों को इन समस्याओं से जल्द ही निजात मिलेगी। प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल (महिला) की इस सक्रियता और स्थानीय प्रशासन के त्वरित प्रत्युत्तर ने शहरवासियों में व्यवस्था के प्रति एक नया विश्वास जगाया है।





