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हाट बाजार में नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने युवक पर झोंका सरेराह फायर

काशिपुर की जनता सहमी! हाट बाजार में नकाबपोश बदमाशों की अंधाधुंध गोलीबारी से मची भारी भगदड़; घायल शाने अली अस्पताल में जीवन-मौत से संघर्षरत, पुलिस की कड़ी जांच जारी, आरोपियों की धरपकड़ के लिए नाकेबंदी तेज।

काशीपुर। आईटीआई कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बरखेड़ा पांडे में मंगलवार की शाम उस समय सनसनी फैल गई, जब एक साप्ताहिक हाट बाजार में सरेराह गोलीबारी की वारदात को अंजाम दिया गया। सामान्य दिनों की तरह बाजार में चहल-पहल थी और लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए खरीदारी में व्यस्त थे, तभी अचानक चली गोली की गड़गड़ाहट ने पूरे इलाके को दहला दिया। जानकारी के मुताबिक, गांव का ही 18 वर्षीय युवक शाने अली पुत्र नामे अली शाम करीब सात बजे घर का सामान लेने के लिए बाजार गया था। खरीदारी के दौरान वह कुछ समय के लिए अपने ताऊ महबूब की दुकान पर जाकर बैठ गया, जहां उसका तहेरा भाई साहिल भी मौजूद था। दोनों भाइयों ने मिलकर बाजार में समय बिताया और फिर करीब आठ बजे के आसपास वे पैदल ही अपने घर की ओर प्रस्थान करने लगे। अभी वे बाजार के मुख्य हिस्से से बाहर निकल ही रहे थे कि अंधेरे का फायदा उठाकर घात लगाए बैठे नकाबपोश हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले से किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और गोली शाने अली के कंधे को चीरती हुई निकल गई।

वारदात के चश्मदीद गवाह और पीड़ित के तहेरे भाई साहिल ने घटना के बारे में जो जानकारी दी है, वह किसी फिल्मी पटकथा से कम खौफनाक नहीं है। साहिल के अनुसार, जब वे लोग दुकान पर खड़े थे, तभी एक संदिग्ध बाइक सवार युवक, जिसने अपना चेहरा ढका हुआ था, बाजार के दो चक्कर काट चुका था। उस समय उन्हें इस बात का कतई अंदाजा नहीं था कि वह युवक किसी बड़ी वारदात की फिराक में है। जैसे ही साहिल और शाने अली ने घर की ओर कदम बढ़ाए, उन्होंने देखा कि बाजार के बाहर वही बाइक सवार खड़ा था और उसके साथ एक अन्य नकाबपोश युवक भी बाइक पर सवार हो गया था। इससे पहले कि दोनों भाई कुछ समझ पाते या वहां से भागने की कोशिश करते, नकाबपोशों ने सीधे उन पर फायर झोंक दिया। गोली चलने की आवाज इतनी तेज थी कि पूरा हाट बाजार दहशत में आ गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हमलावरों ने शाने अली को अपना निशाना बनाया और वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद अपनी तेज रफ्तार बाइक से मौके से फरार होने में सफल रहे।

गोलीबारी की इस दुस्साहसिक घटना के बाद घायल शाने अली जमीन पर गिर पड़ा और उसके कंधे से खून की धारा बहने लगी, जिसे देखकर बाजार में मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। स्थानीय नागरिकों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस सेवा को फोन किया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस की सहायता से लहूलुहान शाने अली को आनन-फानन में काशीपुर के एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया। अस्पताल में मौजूद डॉक्टर मनोज प्रकाश ने बताया कि मरीज की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है और प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गोली कंधे को छूकर निकल गई है, जिससे कोई गहरा आंतरिक घाव नहीं हुआ है। डॉक्टर मनोज प्रकाश के अनुसार, घायल युवक के वाइटल्स और ब्लड प्रेशर सामान्य हैं, लेकिन गहरे घाव के कारण उसे निगरानी में रखा गया है। अस्पताल परिसर में शाने अली के परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जो इस अचानक हुए हमले से पूरी तरह स्तब्ध और परेशान नजर आ रहे थे।

पुलिस प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। सूचना मिलते ही कोतवाल पैगा पुलिस चौकी प्रभारी जसविंदर सिंह भारी पुलिस बल के साथ बरखेड़ा पांडे गांव पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ आसपास के दुकानदारों और प्रत्यक्षदर्शियों से लंबी पूछताछ की है। जसविंदर सिंह ने बताया कि हमलावरों की धरपकड़ के लिए इलाके में नाकेबंदी कर दी गई है और संदिग्ध रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जसविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावरों का उद्देश्य क्या था और वे किस दिशा की ओर भागे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया जाएगा। पुलिस की इस सक्रियता से ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद जगी है, लेकिन सरेआम हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

पीड़ित युवक के पिता नामे अली ने अस्पताल में मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए अपनी पीड़ा साझा की और बताया कि उन्होंने ही शाने अली को शाम करीब 8 बजे बाजार जाकर सब्जी लाने के लिए कहा था। नामे अली के मुताबिक, उनका बेटा गोहुंगी रोड पर लगने वाले बाजार में केवल घरेलू सामान खरीदने गया था और उसकी किसी से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं है। पिता ने बताया कि हमलावरों ने अपने चेहरे पूरी तरह ढके हुए थे, जिससे उनकी पहचान करना असंभव था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी बेकसूर का नाम नहीं लेना चाहते और पुलिस की तफ्तीश पर उन्हें पूरा भरोसा है। नामे अली ने बताया कि घटना के समय उन्होंने 112 नंबर पर फोन किया था, जिसके बाद पुलिस उनके घर तक पहुंच गई थी और एंबुलेंस के जरिए उनके बेटे को अस्पताल पहुंचाया गया। परिवार का कहना है कि वे एक साधारण जीवन व्यतीत करते हैं और इस तरह के खूनी हमले के बारे में उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। पिता की आंखों में अपने जवान बेटे के लिए चिंता साफ देखी जा सकती थी, लेकिन उन्होंने संयम बरतते हुए केवल अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

इस सनसनीखेज वारदात ने बरखेड़ा पांडे और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा छेड़ दी है, खासकर साप्ताहिक बाजारों में जहां भारी भीड़ उमड़ती है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर हमलावर एक से अधिक फायर करते तो बाजार में भगदड़ मचने से कई अन्य लोग भी हताहत हो सकते थे। ग्रामीणों का कहना है कि नकाबपोशों द्वारा रेकी करना और फिर सुनियोजित तरीके से गोली मारना इस बात का संकेत है कि अपराधी बेखौफ हो चुके हैं। शाने अली ने खुद पुलिस को दिए बयान में कहा है कि वह हमलावरों को बिल्कुल नहीं पहचानता और न ही उसका कभी किसी से विवाद हुआ है। परिजनों द्वारा किसी भी रंजिश से इनकार किए जाने के बाद पुलिस अब इस मामले को रैंडम अटैक या पहचान की गलती के नजरिए से भी देख रही है। बाजार के व्यापारियों ने भी मांग की है कि मंगलवार के बाजार के दौरान पुलिस की गश्त बढ़ाई जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल पूरे गांव में तनाव का माहौल है और लोग डरे हुए हैं कि कहीं हमलावर दोबारा वापस न आ जाएं।

जैसे-जैसे रात बीत रही है, पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है और संदेही ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पैगा चौकी प्रभरी जसविंदर सिंह की टीमें अलग-अलग इनपुट्स पर काम कर रही हैं ताकि नकाबपोशों का चेहरा बेनकाब किया जा सके। अस्पताल में शाने अली का उपचार कर रहे डॉक्टर मनोज प्रकाश ने पुष्टि की कि युवक की जान को कोई खतरा नहीं है और वह खतरे से बाहर है। हालांकि, मानसिक रूप से शाने अली और उसका भाई साहिल काफी सदमे में हैं, क्योंकि मौत उनके बिल्कुल करीब से गुजर गई। इस मामले ने पूरे काशीपुर क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति को सुर्खियों में ला दिया है और हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उन दो नकाबपोशों का मकसद क्या था। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने भी रिपोर्ट मांगी है और स्थानीय पुलिस को जल्द से जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या वे उन अज्ञात बाइक सवारों को ढूंढ पाएंगे जिन्होंने एक हंसते-खेलते बाजार को खूनी रंग में रंगने की कोशिश की।

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