रामनगर। पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामनगर के तत्वावधान में इन दिनों स्वास्थ्य क्रांति की एक नई अलख जगाई जा रही है, जिसके अंतर्गत संस्थान के योग विभाग ने समाज को निरोगी बनाने का बीड़ा उठाया है। बदलते दौर की भागदौड़ भरी जिंदगी और मानसिक तनाव के बीच युवाओं को शारीरिक व आध्यात्मिक रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक वृहद निःशुल्क योग जन जागरूकता अभियान का संचालन किया जा रहा है। इस अनूठी मुहिम के प्रथम चरण का भव्य समापन बीते दिनों हुआ, जो 11 मई से शुरू होकर 27 मई तक लगातार बिना किसी रुकावट के गतिमान रहा। इस पूरे अभियान को “योग करें हम, स्कूल चलें हम” का बेहद आकर्षक और प्रेरणादायक नाम दिया गया था, जिसने न केवल स्कूली बच्चों को बल्कि पूरे शिक्षा जगत को अपनी ओर आकर्षित किया। स्वस्थ व्यक्ति से ही एक स्वस्थ समाज का निर्माण होता है और स्वस्थ समाज ही एक समृद्ध राष्ट्र की नींव रखता है, इसी महान और कल्याणकारी कल्पना को धरातल पर साकार करने के लिए रामनगर क्षेत्र के तमाम सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में इन विशेष शिविरों का जाल बिछाया गया था।
इस व्यापक योग चेतना अभियान को धरातल पर उतारने और बच्चों को क्रियात्मक रूप से प्रशिक्षित करने का मुख्य जिम्मा कुशल योग प्रशिक्षक डॉ. मुरलीधर कापड़ी के कंधों पर था, जिन्होंने महाविद्यालय के योग विभाग के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं की पूरी टोली के साथ मिलकर विभिन्न स्कूलों में अलख जगाई। इस टीम ने कड़ी मेहनत करते हुए राजकीय इंटर कालेज ढिकुली के परिसर में छह दिनों तक चलने वाले सघन योग सत्र का संचालन किया, जिसमें बच्चों को अनुशासन और एकाग्रता के गुर सिखाए गए। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए राजकीय इंटर कालेज गौजानी में पांच दिवसीय योग शिविर लगाया गया, जहाँ ग्रामीण परिवेश के बच्चों ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। निजी शिक्षण संस्थानों में भी इस मुहिम को हाथों-हाथ लिया गया, जिसके तहत लिटिल स्कॉलर्स स्कूल में छह दिवसीय और माउंट कारबेल स्कूल देवरानी टांडा में भी छह दिनों का विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। इसके अतिरिक्त एमएस चौहान मेमोरियल पब्लिक स्कूल छोई के विद्यार्थियों को भी छह दिनों तक योग की गूढ़ विधाओं से परिचित कराया गया, जिससे बच्चों के भीतर एक नई ऊर्जा का संचार देखने को मिला।
प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर बच्चों में अच्छे संस्कार और स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने के लिए राजकीय प्राथमिक विद्यालय हिम्मतपुर में छह दिवसीय शिविर का सफल आयोजन हुआ, जबकि राजकीय प्राथमिक विद्यालय छोई में तीन दिनों तक बच्चों को योग के आसान तरीके सिखाए गए। शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को जोड़ते हुए राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय लखनपुर में सबसे लंबा यानी सात दिवसीय योग शिविर आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं का उत्साह चरम पर था। इसके साथ ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय जस्सागांजा में चार दिवसीय और राजकीय इंटर कॉलेज छोई में एक दिवसीय विशेष योग कार्यशाला का आयोजन कर बच्चों को स्वास्थ्य का महत्व समझाया गया। सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए दुर्गा मंदिर दुर्गापुरी के पावन परिसर में भी एक दिवसीय जन जागरूकता शिविर लगाया गया, जिसमें स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया। वहीं, जीजीआईसी के अंतर्गत संचालित होने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास में तीन दिनों तक छात्राओं को एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए विशेष योग अभ्यास कराए गए।

इन सभी विविध शिविरों के दौरान हजारों की संख्या में आए छात्र-छात्राओं को योग की प्राचीन और वैज्ञानिक कलाओं से रूबरू कराया गया, जिसमें शरीर को लचीला और मजबूत बनाने वाले विभिन्न आसन, श्वसन तंत्र को सुदृढ़ करने वाले प्राणायाम, आंतरिक ऊर्जा को नियंत्रित करने वाले बंध व मुद्रा तथा मन को शांत करने वाले ध्यान का गहन अभ्यास कराया गया। बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने और उनमें उत्साह का संचार करने के लिए विशेष रूप से वृक्षासन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें संतुलन और एकाग्रता का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। इन तमाम अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शारीरिक व्याधियों से दूर रखना, उनके मानसिक विकास को गति देना और आध्यात्मिक चेतना को जागृत कर उन्हें समग्र स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना था। यह पूरा अभियान पीएनजी महाविद्यालय के यशस्वी प्राचार्य प्रो. एम.सी. पांडे के कुशल मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व में बेहद सुचारू रूप से संचालित हो रहा है, जो समय-समय पर योग विभाग की प्रगति की समीक्षा करते रहते हैं।
सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए और इस अभियान से जुड़े सभी विद्यार्थियों व प्रशिक्षकों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए प्राचार्य प्रो. एम.सी. पांडे ने कहा कि उत्तम स्वास्थ्य और अच्छे संस्कारों के समन्वय से ही एक उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है, जो आज के समय की सबसे बड़ी मांग है। इस पूरे वृहद कार्यक्रम का कुशल ताना-बाना बुनने और इसे सफलता के शिखर पर पहुंचाने में एम.ए. योग प्रभारी डॉ. मूलचन्द्र शुक्ल तथा पीजी डिप्लोमा योग प्रभारी डॉ. सुमन कुमार की मुख्य भूमिका रही, जिन्होंने शिविरों के संयोजन को बेहद बारीकी से संभाला। इन दोनों प्रभारियों ने संयुक्त रूप से जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रथम चरण की अपार सफलता के बाद अब द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आगामी द्वितीय चरण के अंतर्गत 1 जून से लेकर 21 जून यानी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक स्वयं महाविद्यालय परिसर के भीतर ही एक अत्यंत भव्य और व्यापक योग शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नगर के आम नागरिकों को भी जोड़ने का प्रयास रहेगा।





