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बकरीद पर नगर निगम का महा फरमान खुले में कुर्बानी देने वालों पर गिरेगा कानून का डंडा

नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट के कड़े रुख से मचा हड़कंप, इस बार छतों या बंद कमरों में भी नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे दर्ज होगी एफआईआर और कटेगा भारी चालान।

काशीपुर। उत्तराखंड के प्रमुख औद्योगिक और सांस्कृतिक शहर काशीपुर में आगामी त्योहार ईद-उल-जुहा को लेकर प्रशासनिक महकमे ने अपनी कमर पूरी तरह कस ली है और इसी सिलसिले में नगर निगम ने एक बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। त्योहार की पवित्रता, आपसी सौहार्द और शहर की स्वच्छता को अक्षुण्ण बनाए रखने के उद्देश्य से नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट द्वारा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विस्तृत दिशा-निर्देशों की नियमावली आधिकारिक तौर पर जारी की गई है। इस नए सरकारी फरमान के सामने आने के बाद से ही पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक हलचल मची हुई है क्योंकि इस बार नियमों का उल्लंघन करने वालों से कड़ाई से निपटने के स्पष्ट संकेत दे दिए गए हैं। नगर निगम प्रशासन का यह कड़ा और अभूतपूर्व कदम माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड नैनीताल के उन तमाम पुराने और नए निर्देशों तथा आदेशों का शत-प्रतिशत जमीनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में उठाया गया है जो पर्यावरण और नागरिक व्यवस्था से जुड़े हुए हैं। पूरे नगर निगम क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की गंदगी या विवाद को रोकने के लिए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी सत्ताईस मई दो हजार छब्बीस से यह विशेष आदेश पूरी तरह से प्रभावी और लागू माना जाएगा।

प्रशासनिक स्तर पर इस बार त्योहार के आयोजन को लेकर जो सबसे बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव किया गया है, वह कुर्बानी के निर्धारित स्थलों और उसकी संपूर्ण व्यवस्था को लेकर है जिसके तहत अब किसी भी मनमाने स्थान पर यह कार्य नहीं किया जा सकेगा। नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट द्वारा जारी किए गए नए नियमों के कड़े प्रावधानों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से सार्वजनिक या खुले स्थानों पर यह धार्मिक अनुष्ठान संपन्न नहीं कर पाएगा और इसके लिए केवल काशीपुर नगर निगम द्वारा पूर्व में अधिकृत और अनुमति प्राप्त स्लॉटर हाउस का ही इस्तेमाल पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त यदि किसी विशेष परिस्थिति में किसी अन्य चिन्हित या पारंपरिक स्थान पर धार्मिक प्रक्रिया संपन्न करनी भी है, तो वहां संपूर्ण त्योहार की अवधि के दौरान केवल एक ही कुर्बानी की स्पष्ट अनुमति प्रदान की जाएगी ताकि अत्यधिक भीड़ या गंदगी की स्थिति पैदा न हो सके। इस पूरी व्यवस्था को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संचालित करने की जिम्मेदारी स्थानीय समाज के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा गठित एक विशेष निगरानी समिति के कंधों पर डाली गई है, जो मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगी। नियमों के तहत इस नवगठित समिति में न्यूनतम पांच सदस्य और अधिकतम ग्यारह सदस्यों का होना अनिवार्य किया गया है, जिसमें यह भी साफ कर दिया गया है कि अठारह वर्ष से कम आयु का कोई भी नाबालिग इस जिम्मेदार समिति का हिस्सा नहीं बन सकेगा।

तकनीक और आधुनिकता के इस दौर में नगर निगम काशीपुर के नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने इस बार कानून व्यवस्था और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल तकनीकों का सहारा लेने का एक बहुत बड़ा और कड़ा फैसला किया है जिससे हुड़दंगियों में हड़कंप मच गया है। आधिकारिक आदेश के अनुसार कुर्बानी की इस पूरी पारंपरिक प्रक्रिया की मुस्तैदी से डिजिटल निगरानी की जाएगी, जिसके लिए विभिन्न संवेदनशील इलाकों और निर्धारित स्थलों पर आधुनिक कैमरे और वीडियो रिकॉर्डिंग की पुख्ता व्यवस्था अमल में लाई जा रही है। इसके साथ ही प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इस धार्मिक प्रक्रिया का किसी भी रूप में कोई सार्वजनिक प्रदर्शन या सोशल मीडिया आदि पर अनुचित प्रचार-प्रसार पूरी तरह से प्रतिबंधित और दंडनीय रहेगा। शहर की सांप्रदायिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए ईद-उल-जुहा यानी बकरीद के पावन मौके पर किसी भी खुले मैदान, सार्वजनिक मुख्य सड़कों, व्यस्त चौराहों या फिर किसी भी पूजा स्थल के ठीक सामने से गुजरने वाले आम रास्तों पर पशुओं की कुर्बानी देने पर पूरी तरह से कानूनी रोक लगा दी गई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहार के दौरान आम जनता की धार्मिक भावनाएं आहत न हों और शहर का यातायात तथा सामान्य जनजीवन बिना किसी व्यवधान या मानसिक तनाव के सुचारू रूप से चलता रहे।

पर्यावरण संरक्षण और पशु कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने प्रतिबंधित पशुओं की सूची और उनके संरक्षण को लेकर भी बेहद सख्त और कड़े कानूनी रुख की घोषणा अपने इस नए आधिकारिक पत्र में स्पष्ट रूप से कर दी है। सरकार द्वारा जारी किए गए ताजा दिशा-निर्देशों के अंतर्गत विशेष रूप से गाय, छोटे बछड़े, ऊंट और इसके साथ ही साथ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत आने वाले तमाम प्रतिबंधित श्रेणी के पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह से पूर्ण पाबंदी और कानूनी रोक लगाई गई है। इसके अलावा स्वच्छता मानकों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने स्थानीय नागरिकों और धार्मिक कमेटियों को यह सख्त हिदायत भी जारी की है कि किसी भी जानवर का खून या दूषित पानी बहकर आम नालियों या सड़कों पर नहीं जाना चाहिए। शहर के किसी भी सार्वजनिक या रिहायशी इलाके, खाली पड़े भूखंडों अथवा नालों के किनारे पशुओं के अवशेष और अपशिष्ट को खुले में फेंकना पूरी तरह से वर्जित कर दिया गया है क्योंकि ऐसा करने से भयंकर बीमारियां फैलने और महामारी का खतरा बढ़ जाता है।

त्योहार के दौरान पैदा होने वाले भारी मात्रा में जैविक कचरे और पशुओं के अवशेषों के सही वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट के निर्देश पर काशीपुर नगर निगम ने इस बार खुद आगे बढ़कर एक बेहद सुव्यवस्थित और सराहनीय कार्ययोजना का खाका तैयार किया है जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी। नगर निकाय ने स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि अधिकृत स्लॉटर हाउस और निर्धारित केंद्रों से निकलने वाले तमाम अपशिष्ट और गंदगी के सुरक्षित निस्तारण की पूरी जिम्मेदारी खुद नगर निगम की विशेष स्वच्छता टीमें उठाएंगी जो चौबीसों घंटे मुस्तैद रहेंगी। प्रशासन ने इसके साथ ही एक बहुत ही गंभीर और कड़ी चेतावनी भी जारी की है कि यदि कोई भी व्यक्ति या समूह इस सरकारी आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया गया या स्वच्छता व्यवस्था में बाधा डाली, तो उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम काशीपुर के इस कड़े और अभूतपूर्व कदम का विभिन्न सामाजिक संगठनों ने स्वागत किया है, क्योंकि इससे न केवल शहर की स्वच्छता बरकरार रहेगी बल्कि आने वाले त्योहार को सभी समुदायों के लोग आपसी भाईचारे और शांति के साथ मना सकेंगे।

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