काशीपुर। विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भोगपुर में ग्रामीण विकास और किसानों को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। गांव में लगभग 12 लाख रुपये की लागत से बनने वाले तिल मार्ट का विधिवत शिलान्यास किया गया। परियोजना के शुभारंभ को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह नजर आया और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी, जनप्रतिनिधि तथा कार्यकर्ता मौजूद रहे। लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और स्थानीय उत्पादकों को अपने उत्पादों के लिए उपयुक्त बाजार एवं मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता महसूस की जाती रही है। ऐसे में तिल मार्ट की स्थापना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली पहल के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि इस प्रकार की योजनाएं गांवों को केवल बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और स्वरोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा देती हैं। ग्रामीणों ने परियोजना के शिलान्यास पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि इसके निर्माण के बाद क्षेत्र के किसानों और नागरिकों को अपने उत्पादों के लिए अधिक सुविधाजनक मंच प्राप्त होगा और गांव की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
परियोजना के निर्माण से क्षेत्र के किसानों तथा स्थानीय नागरिकों को अपने स्तर पर उत्पादों और गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एक व्यवस्थित एवं उपयोगी मंच उपलब्ध होने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्र में कृषि और उससे जुड़े कार्य बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका का आधार हैं, लेकिन बाजार तक पहुंच, उचित स्थान और स्थानीय स्तर पर बिक्री की सुविधाओं का अभाव कई बार किसानों और छोटे उत्पादकों के सामने चुनौती खड़ी करता है। तिल मार्ट जैसी परियोजना इस स्थिति में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि गांवों के विकास का वास्तविक अर्थ तभी सामने आता है, जब विकास योजनाओं का सीधा लाभ आम नागरिक, किसान, छोटे कारोबारी और स्थानीय परिवारों तक पहुंचे। भोगपुर में प्रस्तावित मार्ट से क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधाएं मिलने की संभावना है तथा स्थानीय उत्पादों को पहचान और बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में विकास से जुड़ी योजनाओं के आने से न केवल आधारभूत ढांचा मजबूत होता है, बल्कि लोगों में अपने क्षेत्र में ही आर्थिक अवसर तलाशने का भरोसा भी बढ़ता है। यही वजह रही कि शिलान्यास कार्यक्रम में ग्रामीणों की भागीदारी उत्साहपूर्ण रही और लोगों ने परियोजना को क्षेत्र की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया।
शिलान्यास कार्यक्रम में क्षेत्र की ब्लॉक प्रमुख चंद्र प्रभा, राज्य मंत्री सीमा चौहान, मंडल अध्यक्ष अर्जुन सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष गुरबख्श बग्गा, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान अजय पाल तथा जिला पंचायत सदस्य जसबीर सैनी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप प्रदान किया। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र से जुड़ी अपनी अपेक्षाओं और विकास की जरूरतों को भी सामने रखा। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक आवश्यकताओं को समझते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाना जरूरी है, ताकि योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहकर जमीन पर दिखाई दे। उन्होंने कहा कि किसानों और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली परियोजनाएं गांव की अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शिलान्यास के अवसर पर मौजूद ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों के समक्ष क्षेत्र की अन्य आवश्यकताओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों लोगों ने परियोजना के प्रति अपना समर्थन और उत्साह व्यक्त किया तथा इसके शीघ्र निर्माण की उम्मीद जताई।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों की ओर से मिले आत्मीय स्नेह और उत्साह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि जनता की सुविधाओं का विस्तार और क्षेत्र का समग्र विकास प्राथमिकता में शामिल है। इस दौरान यह संदेश भी दिया गया कि विकास की योजनाओं को केवल बड़े शहरों और कस्बों तक सीमित रखने के बजाय गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना आवश्यक है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से लोगों को अपने दैनिक कार्यों के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों पर निर्भरता कम करनी पड़ती है और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। तिल मार्ट के निर्माण को इसी सोच से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसानों और स्थानीय उत्पादकों को उनके आसपास ही बिक्री एवं कारोबार के लिए उचित मंच मिलता है तो इससे उनकी मेहनत का बेहतर लाभ उन्हें प्राप्त हो सकता है। साथ ही गांव में छोटे स्तर पर व्यापार करने वाले लोगों के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि विकास का प्रभाव तभी व्यापक माना जाएगा, जब उसका लाभ समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचे और ग्रामीण जीवन की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए। भोगपुर में शुरू हुई यह परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तौर पर सामने आई है।
वहीं, कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार की विकास नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार गांव, गरीब और किसान के उत्थान को केंद्र में रखते हुए विकास कार्यों को लगातार गति दे रही है। वक्ताओं ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि किसी भी वर्ग को विकास की मुख्यधारा से अलग न रहना पड़े। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, किसानों के हितों से जुड़ी योजनाओं और स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि गांवों की मजबूती ही क्षेत्र और प्रदेश की मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव बन सकती है। भोगपुर में लगभग 12 लाख रुपये की लागत से बनने वाला तिल मार्ट भी इसी व्यापक विकास दृष्टिकोण का हिस्सा बताया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया गया। साथ ही उम्मीद व्यक्त की गई कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद किसानों, स्थानीय नागरिकों और क्षेत्र के अन्य लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा तथा भोगपुर में विकास और आर्थिक गतिविधियों को एक नई रफ्तार प्राप्त होगी।





