रुद्रपुर। निर्माणाधीन रामनगर-मुरादाबाद हाईवे के कात्यानी पेपर मिल गंगापुर क्षेत्र से सरिया चोरी के आरोप में जेल में बंद धर्म सिंह को जिला एवं सत्र न्यायालय, ऊधम सिंह नगर से राहत मिल गई है। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश चन्द्र आर्य की अदालत ने धर्म सिंह की ओर से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कुंडा थाना क्षेत्र में दर्ज प्राथमिकी से जुड़े इस मामले में धर्म सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303(2), 317(2) तथा 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। न्यायालयीन आदेश के अनुसार यह धर्म सिंह का पहला जमानत आवेदन था। सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश ने अपना पक्ष रखा और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर जमानत दिए जाने का अनुरोध किया। अदालत ने जमानत आवेदन के साथ प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन करने के साथ मामले से जुड़ी परिस्थितियों पर भी विचार किया। आदेश में दर्ज तथ्यों के अनुसार धर्म सिंह को मामले में जेल भेजा गया था और वह न्यायिक हिरासत में था।
जमानत प्रार्थना पत्र में धर्म सिंह की ओर से आरोपों को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष बताया गया। बचाव पक्ष ने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि आरोपी ने कथित चोरी की घटना को अंजाम नहीं दिया और उसे पुलिस द्वारा गलत तरीके से मामले में फंसाया गया है। जमानत आवेदन में यह भी कहा गया कि धर्म सिंह के पास से सरिया तार का कोई बंडल बरामद नहीं हुआ है। बचाव पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि आरोपी को वादी पक्ष से मिलीभगत कर झूठे मामले में फंसाया गया। इसके अलावा यह भी बताया गया कि धर्म सिंह पहले से जेल में निरुद्ध है और उसके खिलाफ इस स्तर पर कोई पूर्व आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। इन आधारों पर अदालत से आरोपी को जमानत का लाभ देने की मांग की गई। न्यायालय ने बचाव पक्ष की ओर से रखे गए तर्कों तथा रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री का परीक्षण किया। जमानत पर निर्णय लेते समय अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपित अपराध का विचारण मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा किया जाना है और मामले के गुण-दोष पर इस स्तर पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
मामले के अभियोजन कथानक के अनुसार धर्म सिंह पर अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर निर्माणाधीन रामनगर-मुरादाबाद हाईवे के कार्यस्थल से सरिया चोरी करने का आरोप लगाया गया। रिकॉर्ड में बताया गया कि कथित चोरी कात्यानी पेपर मिल गंगापुर क्षेत्र से की गई थी। अभियोजन कहानी में यह भी उल्लेख है कि आरोपी के कब्जे से चोरी की गई 191 नग सरिया बरामद की गई। इसके साथ ही कथित घटना के बाद धर्म सिंह को टुकटुक ई-रिक्शा में सरिया रखे होने की स्थिति में टुकटुक चालक के साथ पकड़े जाने तथा मौके से भागने की कोशिश करने का विवरण भी सामने आया। हालांकि अदालत ने जमानत आवेदन पर सुनवाई करते हुए इन आरोपों की अंतिम पुष्टि या खंडन नहीं किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस चरण पर मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना जमानत के प्रश्न पर फैसला किया जा रहा है। अदालत ने उपलब्ध परिस्थितियों को समग्र रूप से देखते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में बनाए रखने के बजाय निर्धारित शर्तों के साथ जमानत पर रिहा करना उचित माना।
अदालत के आदेश के अनुसार धर्म सिंह को ₹50,000 का व्यक्तिगत बंधपत्र तथा इतनी ही राशि के दो सक्षम प्रतिभू संबंधित मजिस्ट्रेट अथवा विचारण न्यायालय की संतुष्टि के अनुसार प्रस्तुत करने होंगे। इन कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही आरोपी को जमानत पर रिहा किया जाएगा। न्यायालय ने मामले की परिस्थितियों, आरोपी के पूर्व आपराधिक इतिहास के इस स्तर पर सामने नहीं आने और उसके न्यायिक हिरासत में होने समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखा। इसके बाद जमानत आवेदन स्वीकार करते हुए रिहाई के आदेश जारी किए गए। अदालत ने आदेश की एक प्रति उपकारागार हल्द्वानी के अधीक्षक को ई-मेल के माध्यम से भेजने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही आदेश को सीआईएस सर्वर और एनजेडीजी पोर्टल पर अपलोड करने के लिए कहा गया है। इस तरह सरिया चोरी के आरोप में जेल में बंद धर्म सिंह को न्यायालय से फिलहाल बड़ी राहत मिली है। हालांकि जमानत मिलने से मामले में लगाए गए आरोप समाप्त नहीं होते और प्रकरण की आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। मामले में आरोपों की वास्तविकता का अंतिम निर्धारण साक्ष्यों और आगामी न्यायिक सुनवाई के आधार पर ही होगा।
प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश चन्द्र आर्य ने आदेश में उपलब्ध परिस्थितियों को देखते हुए धर्म सिंह को जमानत पर रिहा करने का निर्णय दिया। न्यायालय के आदेश में यह भी स्पष्ट है कि इस स्तर पर मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय व्यक्त नहीं की गई है। यानी जमानत का आदेश आरोपी को मुकदमे के दौरान राहत प्रदान करता है, लेकिन इससे उसके खिलाफ दर्ज मामले का अंतिम निस्तारण नहीं माना जाएगा। आगे की सुनवाई में अभियोजन और बचाव पक्ष को अपने-अपने साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत करने होंगे। फिलहाल न्यायालय द्वारा निर्धारित बंधपत्र और प्रतिभू की शर्त पूरी होने के बाद धर्म सिंह की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। मामले की प्राथमिकी कुंडा थाना क्षेत्र से संबंधित है और न्यायालयीन रिकॉर्ड में इसका प्राथमिकी संख्या 212/2026 के रूप में उल्लेख किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में अदालत ने जमानत के प्रश्न पर उपलब्ध रिकॉर्ड और मौजूदा परिस्थितियों का परीक्षण करते हुए निर्णय सुनाया है।





