spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडकाशीपुर रामनगर रोड का निर्माण कार्य 20 तारीख के आसपास होगा शुरू...

काशीपुर रामनगर रोड का निर्माण कार्य 20 तारीख के आसपास होगा शुरू जनता को मिलेगी बड़ी राहत

काशीपुर। कुमाऊं और गढ़वाल की जीवनरेखा मानी जाने वाली काशीपुर-रामनगर सड़क के कायाकल्प की घड़ी अब बेहद करीब आ चुकी है, जिससे इस मार्ग पर धूल और गड्ढों का संताप झेल रहे हजारों राहगीरों को बड़ी राहत मिलने वाली है। नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता ने इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति साझा करते हुए स्पष्ट किया कि बहुप्रतीक्षित निर्माण कार्य के लिए टेंडर की जटिल प्रक्रियाएं अब अपने निर्णायक और अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी हैं। तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताओं के इस दौर में एक प्रमुख टेंडर का एग्रीमेंट हस्ताक्षरित होने की कगार पर है, जिसके संपन्न होते ही महज 10 से 12 दिनों के भीतर मशीनों की गड़गड़ाहट और डामरीकरण का काम धरातल पर नजर आने लगेगा। यह सड़क केवल दो शहरों को नहीं जोड़ती, बल्कि यह उत्तराखंड के दो बड़े मंडलों के बीच व्यापार और पर्यटन का मुख्य सेतु है, इसलिए इसके पुनर्निर्माण को लेकर शासन-प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की निगाहें भी टिकी हुई हैं।

विकास की इस बयार के बीच नगर के प्रखर नेता दीपक बाली ने भी वस्तुस्थिति को स्पष्ट करते हुए जनता के समक्ष पूरी तस्वीर रखी है ताकि किसी भी प्रकार के भ्रम की गुंजाइश न रहे। उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्व में 10 तारीख के आसपास कार्य शुरू होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई थी, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग के बड़े प्रोजेक्ट्स में आने वाली तकनीकी अड़चनों और कागजी कार्यवाही की बारीकियों के कारण इसमें आंशिक विलंब हुआ है। दीपक बाली ने बहुत ही जिम्मेदारी के साथ बताया कि टेंडर प्रक्रिया और एग्रीमेंट के टेक्निकल ग्राउंड पर काम पूरा करने में थोड़ा अतिरिक्त समय लग रहा है, जिसे देखते हुए अब 20 तारीख के आसपास सड़क निर्माण का श्रीगणेश होने की पूरी उम्मीद है। उनके अनुसार, विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य होता है, जिसमें थोड़ा बहुत समय ऊपर-नीचे होना स्वाभाविक है।

उधर, नेशनल हाईवे के अधिशासी अभियंता ने भी दीपक बाली द्वारा बताई गई नई समयसीमा पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी है, जिससे अब यह तय माना जा रहा है कि 20 तारीख के बाद काशीपुर-रामनगर रोड की सूरत बदलना शुरू हो जाएगी। अभियंता ने तकनीकी पक्ष को विस्तार से समझाते हुए कहा कि सड़क निर्माण की अनुमति मिलने से पहले सुरक्षा मानकों और एग्रीमेंट की शर्तों का मिलान करना पड़ता है, जो अब अंतिम चरण में है। वर्तमान में जिस तरह से कुछ हलकों में दीपक बाली द्वारा दी गई डेडलाइन को लेकर चर्चाएं हो रही हैं और उनके इरादों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं। कुछ लोग इसे जनता के साथ छलावा करार देने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि वास्तविकता यह है कि दीपक बाली ने 10 तारीख को एक सांकेतिक लक्ष्य के रूप में रखा था ताकि विभाग पर दबाव बना रहे और कार्य जल्द से जल्द शुरू हो सके।

यह समझना अत्यंत आवश्यक है कि नेशनल हाईवे की परियोजनाओं का नियंत्रण न तो सीधे तौर पर राज्य सरकार के अधीन होता है और न ही नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है। यह पूरी तरह से केंद्र और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की एक बेहद जटिल और पारदर्शी टेंडरिंग प्रक्रिया पर आधारित होता है, जहां हर कदम पर तकनीकी विशेषज्ञों की मंजूरी आवश्यक होती है। दीपक बाली का प्रयास केवल इस प्रक्रिया में गति लाना और जनता की आवाज को उच्च अधिकारियों तक पहुँचाना था, जिसे उन्होंने बखूबी अंजाम दिया है। 10 तारीख तक वास्तव में टेंडर प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है, और अब केवल एग्रीमेंट के बाद वर्क ऑर्डर जारी होने की औपचारिकता शेष है। अतः यह कहना कि जनता को गुमराह किया गया, पूरी तरह से निराधार और राजनीति से प्रेरित जान पड़ता है।

सड़क निर्माण के इस महायज्ञ में अब 20 तारीख की तिथि एक उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है, और विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ दीपक बाली भी इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इस सड़क के बन जाने से न केवल काशीपुर और रामनगर के बीच की दूरी का समय कम होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी और दुर्घटनाओं के ग्राफ में भी भारी कमी आएगी। जनता को धैर्य रखने की अपील करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि बड़े प्रोजेक्ट्स में प्रक्रियात्मक देरी होना एक सामान्य प्रशासनिक हिस्सा है, न कि किसी की विफलता। अब जबकि टेंडर और एग्रीमेंट अपने अंतिम दौर में हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब इस मार्ग पर चलने वाले यात्रियों का सफर सुहाना और सुरक्षित होगा, और दीपक बाली के प्रयासों का सुखद परिणाम सबके सामने होगा।

अंततः, काशीपुर-रामनगर मार्ग का निर्माण केवल एक सड़क का बनना नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास के प्रति प्रशासनिक संकल्प और जन प्रतिनिधियों की सक्रियता का प्रमाण भी है। दीपक बाली ने जिस तरह से इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और लगातार विभाग के संपर्क में रहकर टेंडर प्रक्रिया को गति दी, वह उनकी कर्मठता को दर्शाता है। 20 तारीख के आसपास काम शुरू होने की पुष्टि अधिशासी अभियंता द्वारा किए जाने के बाद अब संशय के बादल पूरी तरह छंट चुके हैं। सड़क निर्माण की यह योजना अब अपनी पूर्णता की ओर अग्रसर है और बहुत जल्द भारी मशीनों के साथ श्रमिक सड़क पर डामर बिछाते हुए दिखाई देंगे, जिससे विकास का पहिया एक बार फिर तेजी से घूमने लगेगा और विरोधियों के पास आरोपों के लिए कोई स्थान शेष नहीं बचेगा।

संबंधित ख़बरें
स्वच्छ, सुंदर और विकसित काशीपुर के संकल्प संग गणतंत्र दिवस

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!