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दीपावली से पहले हिंदू वाहिनी संगठन ने मंदिरों की सफाई कर दी भक्ति की मिसाल

उर्वशी दत्त बाली के मार्गदर्शन में हिंदू वाहिनी संगठन ने दीपावली से पूर्व मंदिरों को स्वच्छ कर समाज में आस्था और सेवा की नई प्रेरणा जगाई।

काशीपुर। दीपावली पर्व के आगमन से पहले काशीपुर में स्वच्छता और सेवा की मिसाल पेश करते हुए हिंदू वाहिनी संगठन ने नगर के प्रमुख मंदिरों में भव्य सफाई अभियान चलाया। इस प्रेरणादायक पहल का नेतृत्व डी-बाली ग्रुप की मैनेजिंग डायरेक्टर और महापौर दीपक बाली की पत्नी उर्वशी दत्त बाली के मार्गदर्शन में हुआ, जिन्होंने समाज में स्वच्छता और आस्था के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की। शहर के प्राचीन मंदिरों — शनि मंदिर, नागनाथ मंदिर, मोटेश्वर महादेव मंदिर, मां बाला सुंदरी मंदिर और चामुंडा मंदिर — को इस अभियान के तहत भक्तों और कार्यकर्ताओं ने साफ-सुथरा कर दीपावली की तैयारियों को एक नई दिशा दी। अभियान के दौरान मंदिरों की सफाई में जुटे श्रद्धालुओं के लिए भोजन की विशेष व्यवस्था सांसद प्रतिनिधि और भाजपा के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष राहुल पैगिया द्वारा कराई गई, जिससे सेवा और सहयोग की भावना और भी प्रबल होती दिखाई दी।

उर्वशी दत्त बाली ने कहा कि यह केवल सफाई अभियान नहीं बल्कि समाज में नई पीढ़ी को संस्कृति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थल नहीं, बल्कि हमारी आस्था, परंपरा और नैतिक मूल्यों के प्रतीक हैं। उनकी मान्यता है कि जब हम मंदिरों को स्वच्छ रखते हैं, तब हम अपने भीतर भी पवित्रता और समर्पण का भाव जागृत करते हैं। लंबे समय से शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रहने वाली उर्वशी दत्त बाली ने इस मौके पर कहा कि दीपावली केवल दीपों का त्योहार नहीं बल्कि यह आत्मशुद्धि और सेवा का पर्व भी है। उन्होंने इस अभियान को समाज के हर वर्ग को जोड़ने वाली पहल बताया और कहा कि स्वच्छता ही सच्ची भक्ति का रूप है।

इस अभियान की शुरुआत शनि मंदिर से की गई, जहां सुबह से ही कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हिंदू वाहिनी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आनंद तिवारी और महामंत्री रुचिन शर्मा के नेतृत्व में हुए इस कार्यक्रम में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने broom और buckets लेकर मंदिरों की सफाई शुरू की। धूल और कचरे से ढंके आंगनों को साफ करने के बाद मंदिरों को जल से धोया गया और दीपावली के स्वागत में फूलों से सजाया गया। वातावरण में गूंजते भजन और सफाई में जुटे युवाओं की मुस्कान ने इस पूरे आयोजन को एक अद्भुत आध्यात्मिक स्वरूप दे दिया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने ‘स्वच्छ मंदिर – शुभ दीपावली’ का नारा लगाकर अभियान को उत्साह और भक्ति का संगम बना दिया।

अभियान में शामिल अनिल शर्मा, संचित मिश्रा, महेन्द्र प्रताप सिसोदिया, अभिषेक शर्मा, योगेश चौहान, विनय शर्मा, विनायक शर्मा, भूपेन्द्र चौहान, आशीष पांडे, सुभाष शर्मा, दिनेश जोशी, दिव्यांशु, वंश, मुनीश बाजपेयी और अमित सक्सेना ने सफाई अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। महिला प्रकोष्ठ की ओर से हीरा बिष्ट, सोना ठाकुर, रानी यादव, पीहू त्रिपाठी, प्रियंका पाल, ज्योति शर्मा, पूजा अरोड़ा, रुचि मिश्रा, प्राची तिवारी, शिखा ठाकुर और रूपाली ठाकुर ने भी पूरे समर्पण से योगदान दिया। महिला कार्यकर्ताओं ने मंदिर प्रांगणों को दीपों, पुष्पमालाओं और सुगंधित धूप से सजाया, जिससे माहौल में एक अद्भुत भक्ति और उल्लास का भाव उत्पन्न हुआ।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि दीपावली से पहले मंदिरों की सफाई का उद्देश्य केवल सजावट नहीं, बल्कि समाज में यह संदेश देना है कि स्वच्छता और श्रद्धा एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि जैसे घरों की सफाई से समृद्धि आती है, वैसे ही मंदिरों की सफाई से समाज में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम में भाग लेने वाले युवाओं ने कहा कि इस अभियान ने उन्हें यह समझाया कि सेवा, भक्ति और स्वच्छता का मेल ही असली दीपावली का अर्थ है।

पूरे आयोजन के दौरान शहरवासियों में उत्सुकता और खुशी का माहौल बना रहा। मंदिरों में चमकते दीप और सफाई में जुटे स्वयंसेवकों का जोश इस बात का प्रमाण था कि काशीपुर की धरती पर सामाजिक एकता और जनसेवा की भावना कितनी गहरी है। जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ा, नगर के अन्य श्रद्धालुओं ने भी इसमें शामिल होकर मंदिरों को और अधिक सुंदर बनाने का संकल्प लिया। समाचार लिखे जाने तक यह स्वच्छता कार्यक्रम जारी था और ‘स्वच्छ मंदिर – शुभ दीपावली’ का संदेश पूरे नगर में गूंज रहा था। दीपों और सेवा से सजे इस अनूठे प्रयास ने यह साबित कर दिया कि जब समाज मिलकर आगे बढ़े, तो हर दीपावली सचमुच उजाले और सद्भाव की दीपावली बन जाती है।

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कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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