काशीपुर। ई-रिक्शा संचालन को लेकर लंबे समय से जारी अव्यवस्था और नियमों के उल्लंघन को देखते हुए अब नगर निगम और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से सख्त रुख अपनाया है। शहर में बढ़ती संख्या में बिना पंजीकरण के चल रहे ई-रिक्शा जहां ट्रैफिक व्यवस्था को प्रभावित कर रहे थे, वहीं कई शिकायतें इनके मनमाने संचालन और गलत पार्किंग से भी जुड़ी थीं। लोगों की लगातार आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निगम प्रशासन ने परिवहन विभाग के साथ मिलकर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न स्थानों पर चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें उन ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की गई जो नियमों का पालन नहीं कर रहे थे या जिनके कागजात अधूरे पाए गए। कई जगहों पर चालक बिना सत्यापन और पंजीकरण के ही सड़कों पर ई-रिक्शा चला रहे थे, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा था।
एआरटीओ प्रवर्तन टीम द्वारा किए गए इस अभियान में बड़ी संख्या में अनियमित ई-रिक्शा जब्त किए गए। करीब 20 से अधिक ई-रिक्शा का संचालन प्रतिबंधित किया गया, जबकि 12 ई-रिक्शा को सीज़ कर लिया गया। इस कार्रवाई के दौरान परिवहन विभाग के अधिकारी और नगर निगम की प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि जिन चालकों के पास वाहन के जरूरी दस्तावेज़ नहीं थे या जिन्होंने अब तक अपने ई-रिक्शा का सत्यापन नहीं कराया था, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह भी देखा गया कि कई चालक न तो यातायात नियमों का पालन कर रहे थे और न ही निर्धारित पार्किंग स्थल का उपयोग कर रहे थे। इस कारण शहर के मुख्य मार्गों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही थी। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि इसे लगातार चलाया जाएगा ताकि शहर में ई-रिक्शा संचालन को व्यवस्थित किया जा सके।
परिवहन विभाग के अधिकारियों नंदन राम आर्य ने कहा कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई बल्कि इसके लिए पहले से ही ई-रिक्शा संचालकों को चेतावनी दी गई थी कि वे निर्धारित समय सीमा में अपने वाहनों का पंजीकरण करा लें। फिर भी कई चालक समय पर ऐसा नहीं कर पाए, जिसके चलते अब उन पर सख्त कदम उठाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिन ई-रिक्शा चालकों के पास आवश्यक दस्तावेज़ नहीं मिले, उन्हें मौके पर ही नोटिस देकर वाहन जब्त कर लिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल चालकों को दंडित करने के लिए नहीं है, बल्कि शहर में एक सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो चालक नियमों का पालन करेंगे, उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, लेकिन जो नियमों की अनदेखी करेंगे, उनके खिलाफ बिना किसी छूट के कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं, इस पूरे अभियान को लेकर काशीपुर नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में चल रहे सभी ई-रिक्शा का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 8 नवंबर तय की गई थी। इस तिथि तक कई चालकों ने अपने वाहन पंजीकृत करा लिए, लेकिन कुछ लोगों ने लापरवाही दिखाई और प्रक्रिया पूरी नहीं की। उन्हीं चालकों के खिलाफ अब यह सख्त अभियान चलाया जा रहा है। नगर आयुक्त ने बताया कि ई-रिक्शा चालकों को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे, फिर भी कुछ लोग बिना पंजीकरण के वाहन चला रहे थे, जिससे न केवल यातायात प्रभावित हो रहा है बल्कि सुरक्षा संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम, परिवहन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम अब ऐसे सभी वाहनों की जांच कर रही है।
रविंद्र सिंह बिष्ट ने आगे कहा कि यह अभियान केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी ई-रिक्शा चालक बिना वैध दस्तावेज़ों के सड़कों पर न चले। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 700 ई-रिक्शा पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि शहर में लगभग ढाई हजार ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं। बाकी चालकों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपने वाहन का रजिस्ट्रेशन कराएं, अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने यह भी कहा कि ई-रिक्शा के संचालन से जहां आम जनता को सुविधा मिलती है, वहीं बिना नियंत्रण के यह व्यवस्था बिगाड़ भी सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि सभी चालकों का सत्यापन हो और सभी वाहन अधिकृत रूप से पंजीकृत हों।
उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा ई-रिक्शा से जो शुल्क वसूला जाएगा, उसका उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जाएगा। साथ ही, इस प्रणाली से अपराध दर में भी कमी आने की उम्मीद है। रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि कई ऐसे ई-रिक्शा चालक बाहर से आकर शहर में बिना पंजीकरण के वाहन चला रहे हैं, जिनकी गतिविधियों पर संदेह जताया गया है। कुछ मामलों में ऐसे चालकों का आपराधिक गतिविधियों में शामिल होना भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने से ऐसे लोगों की पहचान आसान होगी और शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर हो सकेगी। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यह अभियान एक-दो दिनों का नहीं है बल्कि तब तक जारी रहेगा जब तक सभी ई-रिक्शा नगर निगम में पंजीकृत नहीं हो जाते।
इस पूरे अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि प्रशासन शहर में कानून व्यवस्था और यातायात अनुशासन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। नगर निगम और परिवहन विभाग की यह संयुक्त पहल ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित और व्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में इस तरह के निरीक्षण और अधिक सख्ती से किए जाएंगे ताकि भविष्य में कोई भी चालक नियमों की अवहेलना न कर सके। इस सख्त कदम से उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही शहर की सड़कों पर चल रहे सभी ई-रिक्शा व्यवस्थित ढंग से संचालित होंगे और काशीपुर एक अनुशासित, सुरक्षित व स्वच्छ यातायात व्यवस्था का उदाहरण बनेगा।



