- विकास शर्मा बोले धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास की नई लहर शुरू हुई
- विपक्ष पर निशाना साधते हुए विकास शर्मा ने कहा जनता पूरी तरह भाजपा के साथ
- महापौर विकास शर्मा ने 2027 में धामी के दोबारा मुख्यमंत्री बनने का जताया पूरा भरोसा
काशीपुर। उत्तराखंड राज्य गठन की रजत जयंती पर्व श्रृंखला के तहत आयोजित शहरी विकास सम्मेलन में निकाय अध्यक्षों और मेयरों का संगम एक सशक्त संवाद का केंद्र बना। इस अवसर पर रुद्रपुर नगर निगम के मेयर विकास शर्मा ने मीडिया से बातचीत में राज्य की विकास नीतियों, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और उत्तराखंड के भविष्य को लेकर अपनी स्पष्ट व बेबाक राय रखी। उन्होंने इस आयोजन को बेहद सराहनीय पहल बताते हुए शहरी विकास सचिव नितेश झा और मुख्यमंत्री धामी को धन्यवाद दिया। शर्मा ने कहा कि यह सम्मेलन केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में राज्य के शहरी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने इसे “ट्रिपल इंजन सरकार” की दूरदर्शी सोच का प्रतीक बताया—जहां केंद्र, राज्य और स्थानीय निकाय मिलकर जनता के हित में काम कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस मंथन से निकला निष्कर्ष उत्तराखंड के विकास की नई गाथा लिखेगा।
मेयर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निकाय केवल प्रशासनिक इकाई नहीं बल्कि एक स्वतंत्र सरकार की तरह कार्य करता है। उन्होंने संविधान के 74वें संशोधन का हवाला देते हुए कहा कि नगर निकायों को अठारह प्रकार के अधिकार दिए गए थे, लेकिन उत्तराखंड में फिलहाल केवल आठ या नौ ही अधिकार नगर निगमों के पास हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब नगर निगम जनता को जल, विद्युत, स्वच्छता और राजस्व जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है तो उसे पूर्ण अधिकार भी मिलने चाहिए ताकि योजनाओं को धरातल पर लाना आसान हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि इन अधिकारों को वापस नगर निकायों को सौंपा जाए ताकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का “अंत्योदय” का सपना — यानी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की नीति — साकार हो सके। उन्होंने इस सम्मेलन को एक ऐसा “मंथन” बताया, जिससे जो अमृत निकलेगा, वह निश्चित रूप से उत्तराखंड के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मेयर विकास शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य की दिशा और दशा दोनों में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरे राज्य में “धामी धामी” की गूंज है और मुख्यमंत्री की लोकप्रियता केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रही बल्कि देशभर में फैल चुकी है। उन्होंने बताया कि धामी ने न केवल उत्तराखंड में बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में भी पार्टी की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि यह “तीसरी सरकार” यानी ट्रिपल इंजन वाली व्यवस्था, पूरी तरह से तैयार सेना की तरह काम कर रही है, जो फिर से उत्तराखंड में परचम फहराने को तत्पर है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी ही सरकार बनाएगी और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर फिर से पुष्कर सिंह धामी ही बैठेंगे।
राजनीतिक समीकरणों पर बात करते हुए मेयर विकास शर्मा ने कहा कि आज विपक्ष खुद अपने ही अंतर्विरोधों में उलझा हुआ है। जनता का भरोसा केवल भाजपा पर है। उन्होंने कहा कि किसानों से लेकर युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और व्यापारियों तक — हर वर्ग मुख्यमंत्री धामी के साथ खड़ा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि लोकसभा चुनावों में भाजपा ने पांचों सीटों पर जीत दर्ज की, नगर निकाय चुनावों में सभी 11 सीटों पर भाजपा का कब्जा रहा, और जिला पंचायत चुनावों में 12 में से 11 जगह भाजपा ने अध्यक्ष बनाए। उन्होंने कहा कि छात्र राजनीति में भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने लगातार जीत का परचम लहराया है, जो इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की जनता भाजपा की नीतियों और मुख्यमंत्री धामी की कार्यशैली से पूरी तरह संतुष्ट है।
कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए मेयर विकास शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना भारतीय जनता पार्टी ने की थी, और इसे साकार करने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी इस राज्य को बनाने का समर्थन नहीं किया, बल्कि हमेशा रुकावटें खड़ी कीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राज्य निर्माण की मांग तेज थी, तब कांग्रेस ने जनता की भावनाओं को नजरअंदाज किया। उन्होंने यह भी कहा कि जो आज शहीदों के परिवारों के पास जाकर संवेदना जता रहे हैं, वही लोग उस दौर में राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान के लिए जिम्मेदार थे। उन्होंने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी ने जो उत्तराखंड बनाया था, उसे कांग्रेस ने भ्रष्टाचार और खनन माफियाओं का गढ़ बना दिया।”
मेयर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खनन नीति की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज उत्तराखंड में अवैध खनन की स्थिति पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने बताया कि पहले जहां चोरी-छिपे खनन होता था, वहीं अब हर वाहन निर्धारित रॉयल्टी देकर ही खनिज परिवहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि “सरकार ने सिस्टम को इतना पारदर्शी बना दिया है कि अब हर पैसा सीधे सरकारी खजाने में जा रहा है, और यही धन जनता के कल्याण में लगाया जा रहा है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास अब न तो कोई एजेंडा बचा है और न ही जनता में भरोसा। वह केवल भाषणों में व्यस्त है, जबकि मुख्यमंत्री धामी मैदान में उतरकर खुद जनता की समस्याएं सुनते हैं और समाधान करते हैं।
आपदा प्रबंधन को लेकर भी मेयर विकास शर्मा ने मुख्यमंत्री की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब अधिकारी सुरक्षा कारणों से आपदा क्षेत्र में जाने से बचते हैं, तब धामी खुद जोखिम उठाकर वहां पहुंचते हैं और राहत कार्यों का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री धामी एक ऐसे बेटे की तरह हैं जो अपने परिवार के हर सदस्य की चिंता करता है — चाहे वह पहाड़ में रहने वाला ग्रामीण हो या शहर का व्यापारी।” उन्होंने कहा कि ऐसा संवेदनशील और सक्रिय मुख्यमंत्री मिलना किसी राज्य के लिए सौभाग्य की बात है।
अंत में, मेयर विकास शर्मा ने कहा कि उत्तराखंड की रजत जयंती केवल एक उत्सव नहीं बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। इस राज्य ने 25 वर्षों में बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन अब जरूरत है कि विकास की गति और तेज की जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि शहरी विकास सम्मेलन में हुए विचार-विमर्श से जो “अमृत” निकलेगा, वह राज्य के हर शहर, हर नागरिक और हर वर्ग के लिए शुभ परिणाम लेकर आएगा। उन्होंने कहा कि “धामी सरकार” के नेतृत्व में उत्तराखंड न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा — और इस दिशा में रुद्रपुर से लेकर काशीपुर तक हर जनप्रतिनिधि एकजुट होकर आगे बढ़ने को तैयार है।



