देहरादून।भक्ति और उत्साह से भरे माहौल में श्री शिव मंदिर, कुमार तनय सभा परिसर रविवार को दिव्य आस्था और सामाजिक एकता का अनोखा संगम बन गया, जब कुमार तनय वैश्य सभा काशीपुर ने देव सेनापति भगवान कार्तिकेय जी के षष्ठी पर्व के अवसर पर भव्य आयोजन किया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हर ओर भगवान कार्तिकेय के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। मनमोहक सजावट और पुष्पों की खुशबू से आस्था का रंग और भी गहरा हो गया। भव्य पूजन, हवन, संकीर्तन और प्रसाद वितरण से वातावरण में धार्मिक ऊर्जा का संचार हुआ, वहीं समाज के सभी वर्गों के लोगों ने एक साथ मिलकर इस पर्व को भक्ति, एकता और उत्साह का प्रतीक बना दिया।
शुभ अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि वर्तमान समय समाज के एकजुट होकर कार्य करने का है। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज को अपने सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक दायित्वों को समझते हुए राष्ट्र के विकास में अपनी प्रभावशाली भूमिका निभानी चाहिए। उनके अनुसार जब समाज एक दिशा में संगठित होकर आगे बढ़ता है, तभी राष्ट्र प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूता है। उन्होंने कहा कि भगवान कार्तिकेय जी के उपदेश हमें धर्म, अनुशासन और एकता की प्रेरणा देते हैं, जिन्हें अपने जीवन में आत्मसात करना प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य होना चाहिए। राकेश गुप्ता के विचारों ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया और सभी ने संगठित समाज के निर्माण का संकल्प दोहराया।

सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री गौरव गुप्ता ने कार्यक्रम के दौरान भगवान कार्तिकेय जी की पावन कथा का वाचन किया। उनकी वाणी से निकली प्रत्येक पंक्ति में भक्ति और श्रद्धा की झंकार थी। कथा के माध्यम से उन्होंने भगवान कार्तिकेय जी के जीवन से जुड़े प्रेरणादायी प्रसंगों को इस प्रकार प्रस्तुत किया कि उपस्थित श्रद्धालु भक्ति भाव में डूब गए। कथा समाप्ति के पश्चात उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज को एक सूत्र में जोड़ते हैं और हमें अपनी परंपराओं के संरक्षण का बोध कराते हैं। गौरव गुप्ता ने कहा कि आस्था के ऐसे आयोजन केवल पूजा तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये समाज में एकता, प्रेम और सहयोग की भावना को भी सशक्त करते हैं।
आयोजन में उपस्थिति ने इसे और भव्य बना दिया। इस अवसर पर राकेश गुप्ता, गौरव गुप्ता, मनोज, उपेंद्र, प्रणव, संजय, अंकुर टंडन, सुधीर, श्रीमती स्निल गुप्ता, श्रीमती सिमरन, कुमाऊं वैश्य महासभा अध्यक्ष श्री एम. पी. गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष श्री जे. पी. अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष श्री शेष कुमार सितारा, कोषाध्यक्ष श्री के. सी. बंसल, महामंत्री श्री कपिल अग्रवाल, प्रचार मंत्री श्री सौरभ गुप्ता (लोहिया) एवं मनोज अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज के उत्थान में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हवन में आहुति दी और भक्ति संकीर्तन में भाग लेकर ईश्वर से समाज की उन्नति की प्रार्थना की।

सभा के उपाध्यक्ष उपेंद्र गुप्ता ने इस अवसर पर बताया कि आने वाले समय में कुमार तनय वैश्य सभा एक और बड़े आयोजन की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को इसमें सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए ताकि यह आयोजन और अधिक प्रभावशाली रूप ले सके। उपेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सभा का उद्देश्य केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि समाज के सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक विकास के लिए ठोस पहल करना है। उन्होंने उपस्थित सभी बंधुओं से सहयोग और मार्गदर्शन की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि जब समाज के लोग एकजुट होकर कार्य करेंगे, तब संगठन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा और वैश्य समाज अपनी पहचान को और मजबूत करेगा।
कार्यक्रम का समापन भावनाओं से ओतप्रोत वातावरण में हुआ। भजन संकीर्तन के दौरान पूरे परिसर में भक्ति की गूंज छा गई। श्रद्धालु तालियों की लय पर भजनों का आनंद लेते रहे और प्रसाद वितरण के समय हर चेहरे पर प्रसन्नता की झलक थी। भगवान कार्तिकेय जी के जयकारों के साथ जैसे ही अंतिम आरती हुई, मंदिर का वातावरण अलौकिक हो उठा। हर किसी ने इस आयोजन को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि यह केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को एक दिशा देने वाला पावन प्रयास था। इस पूरे आयोजन ने काशीपुर में भक्ति, संस्कार और संगठन की मिसाल पेश की, जो आने वाले समय में वैश्य समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी।



