spot_img
दुनिया में जो बदलाव आप देखना चाहते हैं, वह खुद बनिए. - महात्मा गांधी
Homeउत्तराखंडखालसा फाउंडेशन ने काशीपुर ट्रैफिक पुलिस टीम को किया सम्मानित सेवा और...

खालसा फाउंडेशन ने काशीपुर ट्रैफिक पुलिस टीम को किया सम्मानित सेवा और समर्पण को मिली सराहना

काशीपुर। त्यौहारों के इस व्यस्त मौसम में जब शहर की सड़कों पर गाड़ियों का शोर और लोगों की भीड़ अपने चरम पर होती है, तब ऐसे में कुछ लोग अपनी ड्यूटी से बढ़कर जनता की सुविधा के लिए खड़े रहते हैं। काशीपुर में ऐसी ही मिसाल पेश करने वाले यातायात पुलिस कर्मियों को आज सम्मानित किया गया। समाजसेवा की भावना के लिए पहचाने जाने वाले खालसा फाउंडेशन ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सधे तरीके से संभालने वाली पुलिस टीम को सराहना और सम्मान से नवाज़ा। इस अवसर पर फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहारों के बीच जब हर कोई अपने परिवार के साथ जश्न मनाने में व्यस्त होता है, तब ये पुलिस कर्मी सड़कों पर तैनात रहकर जनहित की मिसाल पेश करते हैं। इसी समर्पण और मेहनत के लिए टीएसआई अरुण कुमार, एएसआई जसवंत सिंह और तीन अन्य सिपाहियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

जहां एक ओर हर चौराहे पर बढ़ते वाहनों का दबाव प्रशासन के लिए चुनौती बनता जा रहा है, वहीं काशीपुर के इन कर्मठ जवानों ने अपने सूझबूझ और संयम से ट्रैफिक को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चाहे चीमा चौराहा हो, एमपी चौक या स्टेडियम चौराहा, हर जगह इनकी सतर्कता और तत्परता ने लोगों को जाम से राहत दी। यह सिर्फ ड्यूटी नहीं बल्कि सेवा भाव का उदाहरण है, जो हर राहगीर को सुरक्षा और व्यवस्था का एहसास कराता है। इन जवानों की लगन और जिम्मेदारी को देखकर साफ झलकता है कि शहर के यातायात को व्यवस्थित रखने में उन्होंने कितनी मेहनत और समर्पण से काम किया है। खालसा फाउंडेशन ने कहा कि इस सम्मान का उद्देश्य सिर्फ प्रोत्साहन देना नहीं, बल्कि उन सभी कर्मियों को प्रेरित करना है जो समाज के हित में निस्वार्थ भाव से कार्य करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान सतपाल सिंह, सर्वजीत सिंह, वीरेन्द्र सिंह, नितिन अरोरा और जगमोहन सिंह ने इन पुलिस कर्मियों को सम्मानित करते हुए कहा कि खालसा फाउंडेशन हमेशा से समाज की सेवा में अग्रणी रहा है और ऐसे लोगों को सम्मानित करना संस्था की परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि शहर की यातायात पुलिस ने इस त्योहारी सीजन में जिस तरह दिन-रात लोगों की सुविधा का ध्यान रखा है, वह सराहनीय है। भीड़भाड़ और व्यस्त बाजारों में भी इन पुलिसकर्मियों ने बिना थके अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। संस्था के सदस्यों ने कहा कि समाज तब ही सुरक्षित और संगठित रह सकता है जब सेवा और सम्मान की भावना एक साथ आगे बढ़े।

काशीपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में यातायात नियंत्रण एक कठिन जिम्मेदारी बन गया है, लेकिन टीएसआई अरुण कुमार, एएसआई जसवंत सिंह और उनकी टीम ने इस चुनौती को अवसर में बदला। उन्होंने न केवल वाहन चालकों को अनुशासन का संदेश दिया बल्कि अपनी उपस्थिति से नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा भी जगाया। उनके इसी प्रयास ने शहर की सड़कों को जाम से मुक्त रखने में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं खालसा फाउंडेशन लगातार अपने “सेवा निरंतर” भाव से समाज के हर क्षेत्र में योगदान दे रही है — चाहे वह जरूरतमंदों की मदद हो, पर्यावरण संरक्षण हो या प्रशासनिक सहयोग। संस्था ने एक बार फिर यह साबित किया कि सच्ची सेवा सिर्फ शब्दों में नहीं बल्कि कर्मों में दिखाई देती है।

सम्मान समारोह में उपस्थित लोगों ने भी पुलिस टीम की लगन की सराहना करते हुए कहा कि जब समाज ऐसे कर्मठ लोगों को सम्मानित करता है, तो वह सिर्फ व्यक्तियों की नहीं बल्कि सेवा की भावना का आदर करता है। हर साल की तरह इस बार भी फाउंडेशन ने यह साबित किया कि सामाजिक संगठन और पुलिस प्रशासन मिलकर शहर को बेहतर बना सकते हैं। त्योहारों के इस मौसम में जहां उत्सव का माहौल हर गली-मोहल्ले में फैला हुआ है, वहीं इन पुलिस कर्मियों का यह योगदान नागरिकों के दिलों में विश्वास और गर्व की भावना भर देता है। काशीपुर के लोग आज इन जांबाज कर्मियों को धन्यवाद दे रहे हैं, जिन्होंने शहर की रफ्तार को नियंत्रित रखते हुए व्यवस्था की गरिमा को बनाए रखा।

खालसा फाउंडेशन का यह कदम न केवल प्रेरणादायक है बल्कि समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देता है कि सम्मान हमेशा उन तक पहुंचना चाहिए जो निस्वार्थ होकर जनहित में कार्यरत हैं। इस अवसर ने यह साबित कर दिया कि शहर की प्रगति केवल विकास योजनाओं से नहीं बल्कि ऐसे समर्पित कर्मियों के प्रयासों से होती है, जो दिन-रात जनता की सुविधा के लिए डटे रहते हैं। समारोह का माहौल सौहार्द और कृतज्ञता से भरा रहा, जहां सेवा और सम्मान का संगम एक सुंदर उदाहरण बनकर उभरा।

संबंधित ख़बरें
शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

लेटेस्ट

ख़ास ख़बरें

error: Content is protected !!