काशीपुर। समर स्टडी हॉल विद्यालय के प्रांगण में बीते दो दिनों से चल रही 23वीं उत्तराखंड सब जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता (बालक बालिका वर्ग) शनिवार को शानदार समापन के साथ समाप्त हुई। इस रोमांचक आयोजन ने न केवल खेल प्रेमियों को उत्साह से भर दिया, बल्कि प्रदेशभर से आई युवा प्रतिभाओं ने अपने दमदार खेल से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता उत्तराखंड कबड्डी फेडरेशन के तत्वावधान में उधम सिंह नगर कबड्डी एसोसिएशन और समर स्टडी हॉल विद्यालय के संयुक्त प्रयास से आयोजित हुई। इस बार राज्य के 12 जिलों से बालक और बालिका वर्ग की लगभग 20 टीमों ने दमखम दिखाते हुए हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर विधायक काशीपुर त्रिलोक सिंह चीमा, नगर निगम महापौर दीपक बाली, एथलीट गोल्ड मेडलिस्ट विजेंद्र चौधरी, उत्तराखंड फेडरेशन कबड्डी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष महेश जोशी, उत्तराखंड कबड्डी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मेजर सिंह, समर स्टडी हॉल ग्रुप की अध्यक्षा मुक्ता सिंह, उत्तराखंड कबड्डी फेडरेशन के सचिव चेतन जोशी, उधम सिंह नगर के उपसचिव महेंद्र सिंह, समर स्टडी हॉल गर्ल्स स्कूल के डायरेक्टर राहुल पैगिया, उधम सिंह नगर कबड्डी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दिलबाग सिंह, काशीपुर कबड्डी एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष अनुराग कुमार सिंह, उधम सिंह नगर कबड्डी फेडरेशन के सचिव बृजेश दुबे और समर स्टडी हॉल के प्रधानाचार्य अनुज भाटिया ने दीप प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता की शुरुआत की। मंच पर इन प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बना दिया।

दूसरे दिन का शुभारंभ सहोता सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. रवि सहोता द्वारा किया गया, जिनकी मौजूदगी ने खेल के वातावरण में नई ऊर्जा का संचार किया। बालिका वर्ग के पहले सेमीफाइनल में उधम सिंह नगर और टिहरी के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला। मैदान पर दोनों टीमों ने शानदार संघर्ष दिखाया, पर अंततः टिहरी की टीम ने 46-40 से जीत हासिल कर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की। दूसरे सेमीफाइनल में देहरादून और हरिद्वार की बालिकाओं के बीच मुकाबला एकतरफा रहा, जिसमें हरिद्वार की टीम ने 48-13 के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। इसके बाद हुए रोमांचक फाइनल मुकाबले में हरिद्वार की टीम ने टिहरी को 54-21 से हराते हुए शानदार प्रदर्शन के साथ खिताब पर कब्जा जमाया। हरिद्वार की बेटियों ने पूरे टूर्नामेंट में दमदार फिटनेस, रणनीति और टीमवर्क का ऐसा उदाहरण पेश किया कि दर्शक बार-बार तालियों से मैदान गूंजाते रहे।
बालक वर्ग में भी मुकाबले किसी से कम नहीं रहे। पहले सेमीफाइनल में देहरादून और पौड़ी की टीमों के बीच टक्कर देखने लायक रही, जिसमें देहरादून के खिलाड़ियों ने सधी हुई रणनीति और मजबूत रक्षा के दम पर 44-20 से शानदार जीत दर्ज की। दूसरा सेमीफाइनल टिहरी और उधम सिंह नगर के बीच खेला गया, जिसमें उधम सिंह नगर की टीम ने बेहतरीन तालमेल दिखाते हुए 39-24 से मुकाबला अपने नाम किया। इसके बाद हुए फाइनल मैच में देहरादून और उधम सिंह नगर आमने-सामने हुए, जहां दर्शकों की सांसें थम गईं। खेल की शुरुआत से ही उधम सिंह नगर ने अपनी बढ़त बनाए रखी और शानदार प्रदर्शन करते हुए 40-18 के निर्णायक अंतर से फाइनल जीतकर चौंपियन बना। बालक खिलाड़ियों के जोश, गति और रणनीति ने पूरे मैदान को जीवंत बना दिया और यह फाइनल मुकाबला लंबे समय तक याद किया जाएगा।
प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल ने भी निष्पक्षता और प्रोफेशनल रवैये से अपनी भूमिका निभाई। रेफरी इंचार्ज गुडमोहर शाह के नेतृत्व में निर्णायक प्रवीण (टिहरी), आदेश डबराल (देहरादून), प्रवीण चौहान (देहरादून), नरेंद्र चौहान (देहरादून), रवि राठी (हरिद्वार), समीर (हरिद्वार), सुमित कुमार (हरिद्वार), शालिनी आर्य (उधम सिंह नगर), विमल पांडे (उधम सिंह नगर) और पलक (उधम सिंह नगर) ने प्रतियोगिता को सुव्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से संचालित किया। हर मैच में उन्होंने नियमों की सटीक समझ के साथ खिलाड़ियों को निष्पक्ष मंच प्रदान किया, जिससे खेल भावना बनी रही और किसी भी विवाद की स्थिति नहीं बनी। निर्णायकों की सक्रिय उपस्थिति ने प्रतियोगिता की साख को और मजबूत किया तथा युवा खिलाड़ियों को अनुशासन का वास्तविक संदेश दिया।

इस दौरान उत्तराखण्ड फेडरेशन कबड्डी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष महेश जोशी ने मिडिया से बात करते हुये कहा कि दो दिवसीय यह कबड्डी प्रतियोगिता बेहद सफल रही। खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और आयोजन की व्यवस्था भी उत्कृष्ट रही। मैं आयोजकों, खिलाड़ियों और पूरे प्रबंधन दल का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने इतना उम्दा खेल वातावरण तैयार किया। हमारा उद्देश्य यही है कि उत्तराखण्ड के हर जनपद से प्रतिभाशाली खिलाड़ी आगे आएँ और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन करें। हमारी चयन समिति सभी खिलाड़ियों की कमियों को दूर कर एक सशक्त अंतिम टीम तैयार करेगी। इन खिलाड़ियों को आगे विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी हमारे सम्माननीय उपाध्यक्ष मेजर सिंह जी बखूबी निभा रहे हैं। उन्होने कहा कि हाल ही में हमारे कई खिलाड़ी एशियाई स्तर तक पहुँचे हैं, जो राज्य के लिए गौरव की बात है। चेतन और मेजर सिंह जैसे समर्पित व्यक्तित्वों के नेतृत्व में हमें पूरा विश्वास है कि उत्तराखण्ड की टीम भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करेगी। अध्यक्ष महेश जोशी ने बताया कि कबड्डी आज युवाओं के दिलों का खेल बन चुका है। हरिद्वार और उधम सिंह नगर जैसे जिलों में खेल का जोश देखने योग्य है। बीते छह महीनों में हमने अपने प्रयासों से कई राष्ट्रीय पदक जीते हैं, और दो खिलाड़ी एशिया तक पहुँचे हैं – यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। महेश जोशी ने बताया कि सरकार पर निर्भर रहने के बजाय हम अपनी मेहनत और संसाधनों से कबड्डी को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहे हैं। आज प्रो कबड्डी लीग के खिलाड़ी करोड़ों कमा रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि कबड्डी भारत का उभरता हुआ खेल है। उन्होने कहा कि यह हमारा स्वदेशी खेल है, और आने वाले वर्षों में मुझे पूरा विश्वास है कि अगर हम सब मिलकर प्रयास करें, तो कबड्डी देश का सबसे लोकप्रिय खेल बनकर क्रिकेट को भी पीछे छोड़ देगी।
समापन समारोह के अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व उपाध्यक्ष कबड्डी एसोसिएशन नरेंद्र सिंह, चेतन अरोरा, प्रदीप सपरा, अर्पण शर्मा, शशांक सिंह, डॉ. योगेश चौहान, उपप्रधानाचार्य मनु अग्रवाल और विद्यालय का पूरा स्टाफ शामिल रहा। सभी ने विजेता टीमों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान समर स्टडी हॉल विद्यालय का वातावरण उत्साह, ऊर्जा और अनुशासन से भरा रहा। विद्यालय प्रबंधन ने खिलाड़ियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्था की और खेल भावना को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी। आयोजन समिति की लगन और समर्पण ने इस प्रतियोगिता को एक यादगार आयोजन बना दिया, जिसने यह साबित कर दिया कि उत्तराखंड की धरती पर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने आने वाले समय में राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करने का संकेत दिया।



