रामनगर। रोडवेज बस अड्डे पर शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब टैक्सी चालकों और बस परिचालक के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। यह विवाद तब शुरू हुआ जब रोडवेज के परिचालक ने बस अड्डे के बाहर खड़े प्राइवेट टैक्सी चालकों द्वारा की जा रही डगामारी का विरोध किया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और टैक्सी चालकों ने परिचालक पर हमला बोल दिया। घटना के दौरान परिचालक की वर्दी तक फाड़ दी गई, जिससे यात्रियों में भी हड़कंप मच गया। मौके पर उपस्थित लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह झगड़ा शांत कराया, मगर परिचालक को काफी चोटें आईं। यह मामला अब स्थानीय पुलिस के संज्ञान में है और जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस घटना ने फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर रोडवेज अड्डों पर इस तरह की मनमानी कब तक जारी रहेगी।
काशीपुर डिपो में तैनात परिचालक मुकेश कुमार ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। मुकेश कुमार ने अपनी तहरीर में बताया कि वह शनिवार को बस संख्या यूके 07 पीए 4372 लेकर रामनगर पहुंचे थे। दोपहर के समय जब बस दिल्ली रूट के लिए रवाना हो रही थी, तभी कुछ प्राइवेट टैक्सी चालक यात्रियों को बस छोड़ अपनी टैक्सियों में बैठाने का प्रयास कर रहे थे। इस पर उन्होंने विरोध जताया, तो आरोप है कि टैक्सी चालकों ने उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। बताया गया कि झगड़े के दौरान उनकी वर्दी भी फाड़ दी गई। बस अड्डे पर खड़े अन्य कर्मचारियों और यात्रियों ने किसी तरह बीच-बचाव किया, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हुई। इस शर्मनाक घटना के बाद से रोडवेज कर्मियों में गहरा रोष व्याप्त है।
स्थानीय पुलिस अधिकारी एसएसआई यूसुफ ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी, ताकि सटीक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा सके। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि आरोप सही पाए गए, तो संबंधित व्यक्तियों पर कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पुलिस की जांच टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया है और गवाहों से बातचीत की है। वहीं, रोडवेज कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि बस अड्डे पर टैक्सी चालकों की मनमानी अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है और बार-बार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं हो रहा।
इस पूरी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एआरएम रामनगर डिपो नवीन आर्य ने कहा कि डगामारी की शिकायतें लगातार आ रही हैं और इस विषय में कई बार संबंधित अधिकारियों को वाहनों के नंबरों सहित लिखित शिकायतें भेजी गई हैं। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे ऐसे लोग और निर्भीक होकर अपनी हरकतें दोहरा रहे हैं। नवीन आर्य ने कहा कि सोमवार को एक बार फिर एआरएम कार्यालय की ओर से उन डगामारी करने वाले वाहनों के खिलाफ विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी और कार्रवाई की मांग की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही इन अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगी, तो रोडवेज कर्मचारी अपनी सुरक्षा को लेकर कड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।
रामनगर बस अड्डे पर घटित यह घटना न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि रोडवेज कर्मचारियों की समस्याओं को कितनी गंभीरता से अनदेखा किया जा रहा है। एक ओर जहां रोडवेज चालक और परिचालक यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं, वहीं दूसरी ओर डगामारी करने वाले लोग उनके साथ मारपीट तक करने से नहीं चूकते। यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है बल्कि प्रशासनिक सुस्ती का भी जीता-जागता उदाहरण बन गई है। अब जनता और कर्मचारी दोनों की निगाहें पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या इस बार दोषियों को सजा मिलेगी या फिर यह मामला भी कई अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा?



