काशीपुर। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री एवं पीसीसी सदस्य अलका पाल ने वर्तमान भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि UKSSC पेपर लीक कांड ने देवभूमि के युवाओं का भविष्य अंधकारमय बना दिया है और इस पूरी स्थिति के लिए केवल और केवल भाजपा सरकार जिम्मेदार है। अलका पाल ने दावा किया कि वर्तमान शासन तंत्र भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में पूरी तरह असफल साबित हुआ है और इस असफलता की सीधी मार उन युवाओं पर पड़ रही है जो वर्षों से मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदेश के हर कोने में अब यह चर्चा है कि पेपर लीक और नकल माफिया का गढ़ बन चुका उत्तराखंड युवाओं की महत्वाकांक्षाओं का गला घोंट रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाजपा सरकार ने जनता से किए गए वादों के विपरीत कार्य कर युवाओं को निराश और हताश कर दिया है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अलका पाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें भाजपा शासित राज्यों में फैली हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसा क्या कारण है कि उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे भाजपा शासित प्रदेशों में पेपर लीक की घटनाएं बार-बार सामने आती हैं और वहां के युवा लगातार अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं। अलका पाल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकार दरअसल घोटालों की सरकार बन चुकी है, जो केवल भ्रष्टाचारियों और दलालों को बचाने में लगी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नकल माफिया आज सरकारी तंत्र पर हावी हैं और हाकम जैसे लोग इस पूरे खेल में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। जनता के सामने उन्होंने यह प्रश्न भी रखा कि क्या भाजपा सरकार युवा वर्ग के साथ हो रहे अन्याय की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार है।
प्रदेश की जनता के बीच विश्वास की कमी का हवाला देते हुए अलका पाल ने कहा कि आज युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती रोजगार पाने की है, लेकिन इस चुनौती को और कठिन भाजपा सरकार ने बना दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे लाखों युवा अब यह सोचने को मजबूर हैं कि क्या उनकी मेहनत का कोई परिणाम मिलेगा या सब कुछ पहले से ही तयशुदा खेल का हिस्सा है। उन्होंने गुस्से में कहा कि सरकार ने युवाओं की आकांक्षाओं से खिलवाड़ किया है और उनके सपनों को कुचलने का काम किया है। अलका पाल ने इस दौरान भाजपा को जनता के विश्वास से खिलवाड़ करने वाली पार्टी बताते हुए यह आरोप भी लगाया कि मौजूदा सरकार जनता के भरोसे पर खरा उतरने में असफल रही है और यही वजह है कि नौजवान वर्ग सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मजबूर है।
अलका पाल ने सख्त लहजे में यह बात रखी कि उत्तराखंड में हाकम जैसे लोगों का तंत्र पूरी सरकार पर हावी है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि सत्ता की डोर इन भ्रष्टाचारी तत्वों के हाथों में है और सरकार कठपुतली की तरह उनके इशारों पर नाच रही है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक भर्ती घोटाले का मामला नहीं है, बल्कि प्रदेश की विश्वसनीयता और भविष्य का सवाल है। जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने पूछा कि आखिर कब तक युवाओं के सपनों का सौदा इस तरह किया जाएगा और कब तक सरकार चुपचाप तमाशा देखती रहेगी। अलका पाल ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस इस अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेगी और जनता के साथ मिलकर भाजपा की जनविरोधी नीतियों का सख्ती से विरोध करेगी।
कांग्रेस की इस नेत्री ने आंदोलन की चेतावनी भी दी और कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस उत्तराखंड की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली इस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने पांच तीखे सवाल रखे—पहला, भाजपा सरकार यह क्यों नहीं बता पा रही कि पेपर लीक की घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं? दूसरा, युवाओं के भविष्य से खेलकर भाजपा किसको फायदा पहुंचाना चाहती है? तीसरा, क्या सरकार इस पूरे घोटाले की पूरी जिम्मेदारी लेगी? चौथा, हाकम जैसे लोगों को बचाने का असली कारण क्या है? और पांचवां, क्या भाजपा यह वादा कर सकती है कि आगे ऐसी घटनाएं नहीं होंगी? अलका पाल ने कहा कि जब तक इन सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए जाते, तब तक कांग्रेस अपनी लड़ाई को और तेज करेगी।



