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नैनीताल पुलिस महकमे में हड़कंप बड़े पैमाने पर निरीक्षक उपनिरीक्षक और यातायात प्रभारियों के तबादले

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा के आदेश से नैनीताल जिले में पुलिस अधिकारियों की नई तैनाती से कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में आएगी नई धार

नैनीताल। जिले की पुलिस महकमे में इन दिनों बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा (आई.पी.एस.) ने जिलेभर में निरीक्षक, उप निरीक्षक, अपर उप निरीक्षक और यातायात प्रभारियों के स्थानांतरण का आदेश जारी कर दिया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू भी हो गया है। लंबे समय से एक ही जगह तैनात अधिकारियों और कर्मियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि न केवल कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा आ सके, बल्कि कानून व्यवस्था भी और अधिक सुदृढ़ बनाई जा सके। इस फेरबदल से जिले की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में तेजी और ताजगी आने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस महकमे में ऐसा फेरबदल हमेशा से चर्चाओं का विषय बनता है और इस बार भी आदेश के बाहर आते ही इसे लेकर हलचल मच गई। जिले की जनता की निगाहें अब इन नए अधिकारियों पर टिकी हैं, जो अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर जनता से सीधे जुड़ेंगे।

बदलाव की इस प्रक्रिया में निरीक्षक स्तर पर कई प्रमुख नियुक्तियां की गई हैं। हरपाल सिंह को प्रभारी SOG/ANTF/साइबर सैल से हटाकर प्रभारी थाना चोरगलिया बनाया गया है, जबकि विजय मेहता को कालाढूंगी से स्थानांतरित कर ANTF की कमान सौंपी गई है। अरुण कुमार सैनी अब रामनगर की जगह कालाढूंगी की बागडोर संभालेंगे, वहीं राजेश कुमार यादव को हल्द्वानी से हटाकर शिकायत प्रकोष्ठ का जिम्मा दिया गया है। अमरचंद शर्मा, जो पहले पुलिस लाइन में तैनात थे, उन्हें हल्द्वानी का प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह दिनेश सिंह फर्त्याल को लालकुआं से स्थानांतरित कर डीसीआरबी का प्रभारी बनाया गया है। ब्रजमोहन सिंह राणा, जो सम्मन सेल में कार्यरत थे, अब लालकुआं की जिम्मेदारी देखेंगे, जबकि राजेंद्र सिंह रावत को पुलिस लाइन से स्थानांतरित कर सम्मन सेल का प्रमुख बनाया गया है। ये सभी आदेश जिले में पुलिसिंग के नए दौर की शुरुआत के संकेत दे रहे हैं।

उप निरीक्षक स्तर पर भी तैनाती में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। कुल 17 उप निरीक्षकों के स्थानांतरण किए गए हैं, जिनमें महेंद्र प्रसाद को कोतवाली हल्द्वानी से हटाकर वरिष्ठ उप निरीक्षक रामनगर की जिम्मेदारी दी गई है। सोमेंद्र सिंह को बिंदुखत्ता चौकी से भेजकर थाना रामनगर में नियुक्त किया गया है। वीरेंद्र बिष्ट को थाना मुखानी से हटाकर तल्लीताल भेजा गया है। विजय कुमार को चौकी धानाचूली से स्थानांतरित कर थाना बेतालघाट की कमान दी गई है, जबकि हरिराम को थाना बेतालघाट से हटाकर चौकी धानाचूली का प्रभारी बनाया गया है। फिरोज आलम को एसओजी से हटाकर चौकी बैलपड़ाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इनके अलावा आशा बिष्ट, आरती, जोगेंद्र यादव, कृष्णागिरी और अन्य कई उप निरीक्षकों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह फेरबदल स्पष्ट रूप से इस ओर संकेत करता है कि जिले की सुरक्षा और प्रशासनिक कामकाज को और अधिक सक्रिय बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

अपर उप निरीक्षक स्तर पर भी कई अहम नियुक्तियां की गई हैं। गणेश सिंह राणा को पुलिस लाइन से हटाकर थाना भीमताल का प्रभारी बनाया गया है। पंकज जोशी को पुलिस लाइन से स्थानांतरित कर हल्द्वानी भेजा गया है। त्रिभुवन सिंह को थाना भीमताल से हटाकर थाना भवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सुरेश कन्याल को सूचना सेल से निकालकर भवाली भेजा गया है। वहीं कु. आशा शर्मा को पुलिस लाइन से हटाकर थाना हल्द्वानी की ड्यूटी दी गई है। इन बदलावों से साफ है कि जिले में पुलिस अधिकारियों को नए क्षेत्रों में भेजकर कामकाज को और अधिक मजबूत बनाने की कवायद की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि जब अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलेगा तो उनकी कार्यकुशलता में भी निखार आएगा और जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी।

यातायात व्यवस्था में भी तबादले की लहर चली है। यातायात प्रभारी भवाली महेश चंद्रा को हल्द्वानी भेजा गया है, जबकि हल्द्वानी यातायात प्रभारी शिवराज सिंह बिष्ट को भवाली का प्रभारी बनाया गया है। इन दोनों के स्थानांतरण से साफ है कि यातायात प्रबंधन में नए बदलाव लाकर व्यवस्था को और बेहतर बनाने की योजना है। नैनीताल जैसे पर्यटन और भीड़भाड़ वाले जिले में यातायात का सुचारू संचालन हमेशा से बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में इन नई तैनातियों से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सड़क व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और प्रभावी होगी। जनता की सुरक्षा और यातायात की सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल प्रहलाद नारायण मीणा ने स्पष्ट किया है कि यह स्थानांतरण सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किए गए हैं और इनमें किसी भी तरह का अन्य कारण नहीं है। उनका कहना है कि जिले की पुलिसिंग को सशक्त और जनता से जोड़ने के लिए इस तरह के परिवर्तन समय-समय पर किए जाते रहेंगे। इससे अधिकारियों को भी नई चुनौतियां मिलेंगी और जनता को अधिक पारदर्शी और तेज पुलिस सेवा का अनुभव होगा। नैनीताल जैसे संवेदनशील और पर्यटक प्रधान जिले में इस तरह की कवायद बेहद अहम है, क्योंकि यहां पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यटन और यातायात प्रबंधन में भी अहम होती है। इन नए आदेशों ने जिले में पुलिसिंग का चेहरा बदलने का संदेश दे दिया है और जनता के बीच भी अब नई तैनातियों को लेकर उत्सुकता है कि आने वाले समय में कामकाज कैसा दिखाई देगा।

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