काशीपुर। कृषि उत्पादन मंडी समिति के फल और सब्जी मंडी में आज उस समय हलचल मच गई जब प्रभारी मंडी सचिव योगेश तिवारी के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अमल में लाया गया। लंबे समय से चल रहे अव्यवस्था और कब्जे की शिकायतों के बीच मंडी प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए व्यापारियों को साफ संकेत दिया कि अब कोई भी नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्रवाई शुरू होते ही थोक व्यापारियों में खलबली मच गई और कई ने खुद ही अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कोशिश शुरू कर दी। लेकिन प्रभारी मंडी सचिव योगेश तिवारी ने स्पष्ट कर दिया कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में मंडी को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना था कि मंडी परिसर में किसी भी व्यापारी को अनुशासन तोड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी और अब समय आ गया है कि हर आढ़ती अपने नाम और व्यवसाय की स्पष्ट पहचान दर्ज करे।
घटनाक्रम के दौरान देखा गया कि प्रशासन ने पहले व्यापारियों को समय-समय पर चेतावनी दी थी, नोटिस जारी किए थे और लाउडस्पीकर से प्रचार कर उन्हें स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया था। बावजूद इसके अपेक्षित परिणाम नहीं निकले और अवैध कब्जे बने रहे। प्रभारी मंडी सचिव योगेश तिवारी ने दो टूक कहा कि प्रशासन ने पूरी गंभीरता से यह अभियान छेड़ा है और यदि व्यापारी स्वयं नहीं हटते तो बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कल एडीएम स्तर के अधिकारी भी मंडी का निरीक्षण कर चुके थे और स्थिति को देखकर असंतोष जताया था। इसी कारण आज फिर से निर्देश दिए गए कि जो भी व्यापारी कब्जा हटाने में ढिलाई करेंगे, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। यहां तक कि योगेश तिवारी ने जेसीबी लगाने तक का इशारा कर दिया था और यह साफ कर दिया था कि कोई भी ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।
आज की कार्रवाई के बाद यह भी तय कर दिया गया कि अब मंडी में हर आढ़त पर बोर्ड लगाकर नाम और मालिक की पहचान सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। इस फैसले से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्राहक और खरीदार यह जान सकें कि जिस दुकान से वह लेन-देन कर रहे हैं, उसका वास्तविक मालिक कौन है। प्रभारी मंडी सचिव योगेश तिवारी ने कहा कि अक्सर यह शिकायत आती थी कि कई लोग बिना नाम उजागर किए कारोबार कर रहे हैं और इससे भ्रम की स्थिति बनती है। लेकिन अब यह व्यवस्था खत्म होगी और हर व्यापारी को अपने लाइसेंस पर दर्ज नाम के साथ ही कारोबार करना होगा। यदि कोई व्यापारी इसमें कोताही करेगा तो उसके खिलाफ मंडी प्रशासन तुरंत एक्शन लेगा। यह नया नियम मंडी में पारदर्शिता लाने और ग्राहकों को सही जानकारी देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

मंडी सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि कार्रवाई किसी एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि लगातार जारी रहेगी। आज जिन आढ़तियों ने खुद अतिक्रमण हटाया, उन्हें कल फिर से देखा जाएगा और यदि कहीं भी कब्जा बरकरार मिलता है तो मशीनों की मदद से उसे ध्वस्त किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि मंडी की साफ-सुथरी व्यवस्था केवल व्यापारियों की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रशासन का भी दायित्व है और दोनों मिलकर ही इसे सफल बना सकते हैं। व्यापारी संगठनों को भी इस दिशा में सहयोग करना होगा ताकि मंडी को अनुशासन और पारदर्शिता का आदर्श उदाहरण बनाया जा सके। योगेश तिवारी ने यह भी कहा कि इस कदम से न केवल खरीदारों को लाभ मिलेगा बल्कि व्यापारियों के बीच भी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा।
आज की कार्रवाई के बाद मंडी के व्यापारिक गलियारों में यह संदेश जोरदार ढंग से फैल गया है कि अब कोई भी व्यक्ति गुपचुप तरीके से अपना कारोबार नहीं चला पाएगा। हर दुकान के बाहर नाम प्रदर्शित करने की बाध्यता से नकली नाम और फर्जी पहचान वाले लोगों की पोल खुल जाएगी। साथ ही अतिक्रमण हटाने से मंडी का वातावरण भी सुधरेगा और खरीदारों को आवाजाही में भी आसानी होगी। इस पूरे अभियान ने जहां व्यापारियों में हलचल पैदा की है, वहीं आम जनता इसे सकारात्मक कदम मान रही है। लोग इसे प्रशासन की पारदर्शिता की दिशा में उठाई गई मजबूत पहल बता रहे हैं। प्रभारी मंडी सचिव योगेश तिवारी ने कहा कि आने वाले दिनों में सख्ती और बढ़ाई जाएगी और मंडी को अनुशासित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इस कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि अब नियम तोड़कर मंडी में व्यापार करना किसी के लिए आसान नहीं रहेगा और प्रशासन अपनी सख्ती से हर व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कटिबद्ध है।



