काशीपुर। बरसात का मौसम कुछ अलग ही रंग लेकर आया और शहर के इतिहास में पहली बार ऐसा नजारा सामने आया जब व्यापारी खुशियों से झूमते नजर आए। वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या ने हमेशा यहां के कारोबारियों को परेशानियों में डाले रखा, हर साल दुकानों में पानी घुसकर करोड़ों का नुकसान कराता और व्यापारी मजबूरी में अपनी पीड़ा झेलते थे। लेकिन इस बार परिस्थितियां पूरी तरह बदली हुई दिखीं और इसका श्रेय नगर की बागडोर संभाल रहे महापौर दीपक बाली के अथक प्रयासों को दिया जा रहा है। महज छह महीने की सक्रियता और लगातार की गई मेहनत ने शहर की दशकों पुरानी समस्या को कम कर दिया। बरसात भरपूर हुई, लेकिन पानी सड़कों और दुकानों में नहीं घुसा और यह दृश्य शहरवासियों के लिए किसी ऐतिहासिक उपलब्धि से कम नहीं था।
निगम कार्यालय में उस समय का माहौल देखने लायक था जब व्यापारी सामूहिक रूप से पहुंचे और महापौर दीपक बाली का सम्मान किया। उनके चेहरे पर लंबे समय बाद संतोष की चमक साफ झलक रही थी। व्यापारियों ने कहा कि बारिश तो इस साल भी उतनी ही हुई, लेकिन फर्क इस बार प्रशासन की तत्परता ने पैदा किया। महापौर ने रात-रात भर नालों और नालियों की सफाई कराई और सुनिश्चित किया कि कहीं भी पानी रुक न सके। परिणाम यह हुआ कि दुकानों में पानी घुसने की नौबत नहीं आई और करोड़ों रुपये का वार्षिक नुकसान पूरी तरह टल गया। व्यापारियों के मुताबिक बरसों से ऐसी राहत का अनुभव उन्होंने पहली बार किया और यही वजह रही कि वे नगर निगम कार्यालय पहुंचकर महापौर के अभिनंदन में जुटे।

इस मौके पर महापौर दीपक बाली ने भी आभार जताते हुए कहा कि यह सफलता केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में काशीपुर को जलभराव की समस्या से पूर्णतः मुक्त किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले साल तक वह जलभराव की समस्या को शून्य प्रतिशत कर देंगे, लेकिन इसके लिए व्यापारियों का सहयोग आवश्यक होगा। महापौर ने साफ किया कि जिन दुकानों के सामने पक्की स्लैब डाल दी गई हैं, वे सफाई में बाधा उत्पन्न करती हैं, इसलिए उन्हें फोल्डिंग जाल से बदलना जरूरी है ताकि सफाई तेज और आसान तरीके से हो सके। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन और व्यापारी एक साथ मिलकर काम करेंगे, तभी शहर को स्थायी रूप से इस संकट से मुक्त कराया जा सकता है।
व्यापारियों ने भी इस मौके पर एक स्वर में आश्वासन दिया कि वे महापौर की हर पहल में पूरा साथ देंगे और शहर को जलभराव से पूरी तरह आजादी दिलाने में सहयोग करेंगे। निगम क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की उन्होंने खुलकर प्रशंसा की और कहा कि जिस तेजी से महापौर दीपक बाली शहर की समस्याओं को प्राथमिकता देकर हल कर रहे हैं, उससे भविष्य की तस्वीर और भी बेहतर होने की उम्मीद जगी है। लंबे समय बाद पहली बार व्यापारी अपने मन में संतोष और चेहरे पर मुस्कान लेकर बरसात के मौसम को देख पा रहे हैं और यह बदलाव उनके लिए बेहद अहम है।
व्यापारी सुधांशु सिंधवानी ने इस दौरान अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बरसों से काशीपुर के व्यापारी बरसात आते ही डर और चिंता में जीने को मजबूर थे। हर साल जब बादल खुलकर बरसते थे तो दुकानों में पानी घुस जाता था और देखते ही देखते करोड़ों रुपये का नुकसान हो जाता था। व्यापारियों के पास न तो कोई विकल्प बचता था और न ही कोई उम्मीद, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल अलग नजर आए। सुधांशु सिंधवानी ने कहा कि महापौर दीपक बाली ने मात्र छह महीनों में वह कर दिखाया जिसकी उम्मीद दशकों से नहीं थी। लगातार सफाई और नालों पर निगरानी के कारण इस साल पानी दुकानों में घुसा ही नहीं और व्यापारी नुकसान से बच गए। उन्होंने कहा कि यह बदलाव न केवल प्रशासन की मेहनत बल्कि शहरवासियों के लिए राहत की नई शुरुआत है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में काशीपुर पूरी तरह जलभराव मुक्त होगा।

व्यापारी मुकेश पाहवा ने इस मौके पर कहा कि काशीपुर में इस बार का बरसात का मौसम इतिहास बदलने वाला साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्षों से व्यापारी बरसात के नाम से घबराते थे, क्योंकि भारी बारिश के साथ ही दुकानों में पानी भरना तय होता था और उस वजह से लाखों-करोड़ों का नुकसान हर साल उठाना पड़ता था। मुकेश पाहवा ने कहा कि इस बार हालात बिल्कुल अलग रहे और इसका सीधा श्रेय महापौर दीपक बाली की सतर्कता और कड़ी मेहनत को जाता है। उन्होंने दिन-रात नालों की सफाई कराई और बरसात से पहले ही तैयारी पूरी कर ली। यही कारण रहा कि जब तेज बारिश हुई, तब भी पानी बाजारों और दुकानों तक नहीं पहुंच सका। मुकेश पाहवा ने कहा कि दशकों में पहली बार व्यापारी बिना चिंता और नुकसान के इस मौसम का सामना कर पाए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि महापौर की इसी तरह की कार्यशैली काशीपुर को पूरी तरह जलभराव मुक्त बनाएगी।
इस अभिनंदन कार्यक्रम में पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव सेतिया डंपी के नेतृत्व में भारी संख्या में व्यापारी शामिल हुए और उन्होंने फूल-मालाओं और सम्मान के साथ महापौर दीपक बाली का स्वागत किया। दशकों से शहर की बरसाती समस्या का भार झेलते आए कारोबारियों ने एक स्वर में कहा कि यह ऐतिहासिक पल है और इसका श्रेय केवल और केवल महापौर की सक्रियता और कड़े प्रयासों को जाता है। काशीपुर के इतिहास में बरसात के मौसम में पहली बार मुस्कुराते हुए व्यापारियों का दृश्य हर किसी के लिए सुखद आश्चर्य का कारण बना और यह नजारा लंबे समय तक लोगों की यादों में दर्ज रहेगा।



