काशीपुर।काशीपुर में सोमवार का दिन कांग्रेस की ओर से छेड़े गए वोट चोरी विरोधी आंदोलन के लिए खास रहा, जब पार्टी कार्यकर्ताओं ने नगर की सड़कों पर उतरकर जोरदार हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया और जनता को जोड़ने का प्रयास किया। कांग्रेस ने देशभर में इस अभियान का आगाज़ 15 सितम्बर से किया है, जो 15 अक्टूबर तक लगातार चलेगा। पार्टी ने अपने सांसदों, प्रदेश स्तर के नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को विशेष जिम्मेदारियां सौंपते हुए 20 करोड़ हस्ताक्षरों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। कांग्रेस का मानना है कि मतदाता सूचियों में धांधली और जानबूझकर की गई गड़बड़ियां लोकतंत्र की बुनियाद को कमजोर कर रही हैं। लाखों असली मतदाताओं के नाम गायब कर देना, डुप्लिकेट प्रविष्टियों का बढ़ना और खास समुदायों को निशाना बनाना कांग्रेस की नज़र में लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा अपमान है। पार्टी इसे केवल वोट की चोरी नहीं बल्कि जनता की आवाज़ और उनके अधिकारों का हरण बता रही है और यही कारण है कि इस अभियान को लोगों के विश्वास और आक्रोश से जोड़कर बड़ी ताकत बनाने की कोशिश हो रही है।
राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन को कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता की गारंटी से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। पार्टी ने चुनाव आयोग से पांच बड़े कदम उठाने की मांग की है, जिनमें फोटो सहित मशीन से पढ़ी जा सकने वाली मतदाता सूचियां जारी करना, घटाने और जोड़ने वाली सूचियों का सार्वजनिक प्रकाशन करना, शिकायतों के निवारण के लिए मजबूत व्यवस्था लागू करना, बदलावों के लिए तय अंतिम तिथियों की पहले से घोषणा करना और मतदाता दमन की साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना शामिल है। कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि जब तक इन मांगों को अमल में नहीं लाया जाता तब तक लोकतंत्र को सुरक्षित नहीं माना जा सकता। पार्टी इस अभियान को एक व्यापक राजनीतिक लड़ाई की तरह देख रही है और दावा कर रही है कि यह केवल चुनावी रणनीति नहीं बल्कि देश के हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा की जंग है, जिसे जीतने तक वह पीछे नहीं हटेगी।

नगर में हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महाराणा प्रताप चौक पर की, जहां उत्साह और नारों के बीच उन्होंने “वोट चोर गद्दी छोड़” का नारा बुलंद किया। वक्ताओं ने कहा कि यह नारा तब तक गूंजता रहेगा जब तक लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले सत्ता से बेदखल नहीं हो जाते। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने जोर देकर कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा के नेतृत्व में पूरा संगठन सड़कों पर उतरा हुआ है और जनता के साथ मिलकर इस अभियान को व्यापक रूप दे रहा है। सभा में वक्ताओं ने राहुल गांधी की भूमिका पर खास ज़ोर दिया और कहा कि उन्होंने जिस तरह सत्ता पक्ष की नीतियों पर सवाल उठाए हैं उससे हुकूमत की बेचैनी साफ झलक रही है। कांग्रेसियों ने दावा किया कि जब तक पार्टी पूरे देश में अपनी सरकार स्थापित नहीं करती, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी और कार्यकर्ता चैन से नहीं बैठेंगे।
इस आंदोलन की जड़ें बिहार से जुड़ी हुई हैं, जहां से कांग्रेस ने इस मुहिम का शंखनाद किया था। कांग्रेस का आरोप है कि बिहार में चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार के इशारे पर मतदाता सूची में हेरफेर की, जिसके चलते लाखों मतदाताओं के नाम लिस्ट से गायब हो गए। पार्टी ने कहा कि इस तरह का अन्याय न केवल मतदाताओं के अधिकारों की अवहेलना है बल्कि लोकतंत्र की नींव को कमजोर करने वाली चाल भी है। कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया कि ऐसी धांधली को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसे रोकने के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान यह भी दोहराया कि देश की जनता अब वोट चोरी के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है और इस लड़ाई में कांग्रेस सबसे आगे खड़ी है।

हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें अनुपम शर्मा, अरूण चौहान, मुशर्रफ हुसैन, संदीप सहगल, मनोज जोशी, शिवम शर्मा, जितेंद्र सरस्वती, अर्पित मेहरोत्र, प्रदीप जोशी, हरीश कुमार सिंह एडवोकेट, विमल गुड़िया, अलका पाल, रोशनी बैगम, अजीता शर्मा, त्रिलोक सिंह अधिकारी, साबिर हुसैन, पार्षद राशिद फारूखी, शाह आलम, मौ. आरिफ, इलियास माहिगीर और विकल्प गुड़िया प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन सभी ने मंच से जनता को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए हर कीमत चुकाने को तैयार है। जोश से भरे नारों और जनता की सहभागिता के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस वोट चोरी के मुद्दे को देशव्यापी आंदोलन का रूप देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस अभियान की गूंज आने वाले दिनों में और तेज़ होने वाली है।



