काशीपुर। नगर निगम के वार्ड संख्या 13 में नाली और सड़क निर्माण को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही तनातनी आखिरकार समाप्त हो गई जब महापौर दीपक बाली स्वयं अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों गुटों को समझाते हुए सहमति से विवाद का समाधान कर दिया। क्षेत्र के लोगों के बीच लंबे समय से यह मुद्दा गहराता जा रहा था क्योंकि एक पक्ष का कहना था कि सड़क निर्माण के साथ-साथ जल निकासी की उचित व्यवस्था भी होनी चाहिए जबकि दूसरा पक्ष नालियों के ढलान को लेकर असहमत था। कई दिनों तक चली खींचतान ने यहां के लोगों को दो हिस्सों में बांट दिया था और आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच माहौल तनावपूर्ण बना रहा। यहां तक कि नगर निगम कार्यालय में धरना देने तक की स्थिति उत्पन्न हो गई थी और लोगों ने साफ शब्दों में कहा था कि अब उन्हें केवल महापौर से ही समाधान की उम्मीद है।
लोगों की नाराजगी तब और बढ़ गई थी जब नगर आयुक्त द्वारा ठेकेदार को नाली बनाने के आदेश दिए जाने के बावजूद भी काम में कोई तेजी नहीं आई। वार्ड की महिलाएं और पुरुष इस लापरवाही से आक्रोशित होकर नगर निगम पहुंच गए थे और उन्होंने खुलकर कहा था कि उन्हें अब केवल दीपक बाली से ही उम्मीद है। इसी गंभीरता को देखते हुए महापौर अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ वार्ड संख्या 13 में पहुंचे और वहां मौजूद दर्जनों लोगों से सीधे संवाद किया। उन्होंने पूरे क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण करते हुए लोगों से कहा कि जल निकासी को लेकर जो भय व्यक्त किया जा रहा है, वह उतना गंभीर नहीं है क्योंकि शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की समस्या थी और जब अंतिम बिंदु की सफाई की गई तो पानी आसानी से बहने लगा। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि यहां भी यही तरीका अपनाकर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।

महापौर ने इस मौके पर स्पष्ट किया कि जहां-जहां लोगों ने नालियों पर स्लैब डाल रखे हैं, वहां पर बीच-बीच में सफाई के लिए स्थान खाली छोड़ना आवश्यक है ताकि गंदगी हटाई जा सके और निकासी लगातार बनी रहे। उन्होंने कहा कि बरसात के समय जलभराव की समस्या न केवल इस वार्ड बल्कि शहर के दूसरे क्षेत्रों में भी आती है और इसे दूर करने के लिए बड़े नाले का निर्माण जरूरी है। दीपक बाली ने कहा कि अतिक्रमण हटाकर यहां पर एक विस्तृत नाला तैयार किया जाएगा जिससे छोटे नालों का पानी आसानी से निकल सके और आने वाले वर्षों में यह वार्ड जलभराव से पूरी तरह मुक्त हो सके। उनकी इस बात पर मौजूद सभी लोगों ने सहमति जताई और लगातार चले आ रहे विरोध को समाप्त करने का फैसला किया।
इस मौके पर वार्ड की पार्षद गुंजन प्रजापति अपने पति और पूर्व पार्षद देव प्रजापति के साथ मौजूद थीं। नगर निगम कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा, अवर अभियंता राजू कुमार, सहायक अभियंता मदन कुमार, सफाई निरीक्षक मनोज बिष्ट भी इस निरीक्षण में शामिल हुए। स्थानीय स्तर पर डॉ. अरविंद शर्मा समेत अनेक गणमान्य लोग और वार्ड के निवासी जैसे विजेंद्र पाल, हेमंत, बृजेश शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, मनोज कुमार, अशोक, नरेंद्र कुमार, राजेश सिंह, स्नेहलता, विमला देवी, संतोष देवी, सीमा रानी, रजनी चौहान, कमलेश, ममता, इंदु चौहान, रेखा, पूनम रानी और सोनिया अरोरा भी वहां मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि जिस तरह महापौर ने बीच का रास्ता निकालते हुए दोनों पक्षों को संतुष्ट किया है वह सराहनीय है और इससे अब क्षेत्र का विकास बिना रुकावट आगे बढ़ सकेगा।

सड़क और नाली निर्माण को लेकर खड़ा हुआ यह विवाद पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया था क्योंकि आमतौर पर छोटी-छोटी समस्याएं आपसी समझ से निपटा दी जाती हैं लेकिन इस मामले ने वार्डवासियों को दो गुटों में बांट दिया था। एक ओर लोग अपने घरों में पानी भरने की समस्या से परेशान थे और बच्चों के स्कूल जाने तक में बाधा आ रही थी, वहीं दूसरी ओर नालियों के ढलान को लेकर संदेह जताया जा रहा था। महापौर दीपक बाली ने जिस कुशलता से इस पूरे विवाद का समाधान किया, उसने यह साबित कर दिया कि प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ लोगों से संवाद और विश्वास बनाना भी कितना महत्वपूर्ण है। अब सड़क निर्माण के साथ-साथ नाली और आगे चलकर बड़े नाले का निर्माण होने से वार्ड संख्या 13 के निवासियों को वर्षों पुरानी परेशानी से राहत मिलेगी और विकास कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकेगा।



