हरिद्वार। धाम में स्वास्थ्य और आध्यात्मिक सेवा का अनोखा संगम देखने को मिलने वाला है। संत जगदीश मुनि जी महाराज की अगुवाई में न्यूरो 108 हीलिंग सिस्टम शिविर 21 अगस्त से 30 अगस्त तक श्री कृष्ण हरि धाम में आयोजित किया जाएगा। यह शिविर हरिद्वार धाम की सूखी नदी के पास चेतन जागृति आश्रम के बिल्कुल सामने लगेगा, जिसे संचालित कर रहे हैं श्री श्री 108 महंत प्रेमानंद जी और श्री कृष्ण हरि धाम ट्रस्ट। देशभर में पिछले 32 वर्षों से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे संत जगदीश मुनि जी महाराज इस शिविर के माध्यम से संगतजनों को रोगों से मुक्ति और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करेंगे। इस शिविर का उद्देश्य केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि पवित्र हरिद्वार धाम के दर्शन का अवसर भी संगत को मिलेगा, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को लाभ होगा।
इस शिविर में विशेष रूप से सेरेब्रल पाल्सी, एलर्जी, स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी और अन्य रोगों का उपचार किया जाएगा। चिकित्सीय प्रक्रिया में कोई दवाई या इंजेक्शन का उपयोग नहीं होगा। सभी रोगियों का इलाज न्यूरो 108 हीलिंग सिस्टम, योग और नैचरोपैथी के माध्यम से किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट की संभावना नहीं होगी। शिविर में आने वाले लोगों के लिए आश्रम में रहने और खाने की विशेष व्यवस्था भी की गई है, ताकि संगत बिना किसी परेशानी के पूरी चिकित्सा प्रक्रिया का लाभ उठा सकें। संत जगदीश मुनि जी महाराज का मानना है कि रोगियों को सुरक्षित, प्रभावी और सुलभ चिकित्सा सेवा मिलनी चाहिए और यही कारण है कि यह शिविर अत्यंत व्यवस्थित और संगत की सुविधा के अनुसार आयोजित किया जा रहा है।
निरोग जीवन संस्थान के प्रवक्ता पवन मुनि ने बताया कि न्यूरो 108 हीलिंग सिस्टम शिविर अब तक देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में आयोजित किए जा चुके हैं। हरिद्वार धाम में आयोजित यह शिविर इस प्रणाली के माध्यम से रोगियों को बिना किसी दवाई और इंजेक्शन के उपचार की सुविधा देगा। उन्होंने कहा कि संत जगदीश मुनि जी महाराज ने पिछले तीन दशकों से देशभर में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में योगदान दिया है और अब हरिद्वार धाम में इस शिविर के माध्यम से संगतजनों को इस अनोखी चिकित्सा सेवा का लाभ मिलेगा। शिविर में आने वाले सभी रोगियों का इलाज अनुभवी चिकित्सकों और योग विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की चिकित्सीय त्रुटि या समस्या न हो।
संत जगदीश मुनि जी महाराज ने कहा कि इस शिविर का आयोजन संगत की विशेष मांग और सुविधा के लिए किया गया है। उन्होंने बताया कि शिविर में हर प्रकार के रोगियों की चिकित्सा न्यूरो 108 हीलिंग सिस्टम के जरिए की जाएगी। इसके तहत शारीरिक, मानसिक और न्यूरोलॉजिकल रोगों के इलाज की पूरी व्यवस्था है। यह शिविर सिर्फ रोगियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक अवसर है संगत को हरिद्वार धाम की पवित्रता का अनुभव करने का, माता गंगा के दर्शन करने का और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का। संत जगदीश मुनि जी महाराज का कहना है कि स्वास्थ्य और आध्यात्मिक अनुभव का यह संगम लोगों के जीवन में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लाएगा।
महंत श्री श्री 108 प्रेमानंद जी और श्री कृष्ण हरि धाम ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित यह शिविर स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नया अध्याय खोल रहा है। संत जगदीश मुनि जी महाराज ने पिछले 32 वर्षों से निरंतर देशभर में स्वास्थ्य सेवा कार्य कर रहे हैं, और हरिद्वार में यह शिविर उनके सेवाकार्य का एक विशेष विस्तार है। संगतजनों को यहां न केवल चिकित्सीय लाभ मिलेगा, बल्कि उन्हें आध्यात्मिक अनुभव का भी अवसर मिलेगा। पवन मुनि ने बताया कि शिविर में आने वाले रोगियों के लिए योग, नैचरोपैथी और न्यूरो 108 हीलिंग सिस्टम के माध्यम से इलाज की व्यवस्था की गई है, ताकि रोगियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो और उपचार पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी हो।
इस शिविर की खासियत यह है कि यह रोगियों को बिना किसी दवाई और इंजेक्शन के उपचार का विकल्प प्रदान करता है। सेरेब्रल पाल्सी, एलर्जी और अन्य न्यूरोलॉजिकल रोगों के इलाज में न्यूरो 108 हीलिंग सिस्टम अत्यंत प्रभावी साबित हुआ है। संगत को इस शिविर में आने का अवसर मिलेगा, जहां वे अपने रोगों का उपचार करवा सकते हैं और साथ ही हरिद्वार धाम की पवित्रता का अनुभव भी कर सकते हैं। संत जगदीश मुनि जी महाराज का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा और आध्यात्मिक अनुभव का यह संयोजन लोगों के जीवन में संतुलन और शांति लाएगा।
अंततः यह शिविर देशवासियों और हरिद्वार धाम के आगंतुकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। संत जगदीश मुनि जी महाराज की अगुवाई में आयोजित यह न्यूरो 108 हीलिंग सिस्टम शिविर न केवल स्वास्थ्य लाभ प्रदान करेगा, बल्कि संगत को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक अनुभव भी देगा। श्री श्री 108 महंत प्रेमानंद जी और श्री कृष्ण हरि धाम ट्रस्ट के आशीर्वाद से यह शिविर पूरी तरह संगत की सुविधा और सुरक्षा के अनुसार आयोजित किया गया है। 21 अगस्त से 30 अगस्त तक चलने वाला यह शिविर स्वास्थ्य और आध्यात्मिक सेवा का एक अद्वितीय उदाहरण बनेगा।



