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18 साल के युवक ने गौ माता से किया कुकर्म पुलिस ने चाकू संग दबोचा आरोपी

सीसीटीवी फुटेज से खुली काली करतूत, मंदिर के पास गाय से दुष्कर्म कर भागे युवक को कब्रिस्तान में चाकू सहित धर दबोचा

काशीपुर। गौ माता के साथ दुष्कर्म जैसा घिनौना कृत्य सामने आने के बाद हिंदू संगठनों और स्थानीय निवासियों के आक्रोश ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए विवश कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही कटोराताल पुलिस चौकी प्रभारी विपुल जोशी ने अपनी टीम के साथ तत्काल प्रभाव से आरोपी की धरपकड़ शुरू कर दी। पुलिस को यह मामला इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से उजागर हुआ, जिसमें युवक की करतूत कैद थी। यही नहीं, इस घटना के सामने आने के बाद जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और भारी विरोध के बीच पुलिस पर दबाव बढ़ गया कि आरोपी को शीघ्र गिरफ्तार कर कानूनी शिकंजे में लिया जाए।

उक्त युवक की तलाश में पुलिस की सक्रियता उस समय रंग लाई, जब कटोराताल क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से अहम सुराग प्राप्त हुआ। पुलिस टीम उस समय क्षेत्र के पॉलीटेक्निक कॉलेज के मुख्य गेट से आगे मानपुर तिराहे की ओर बढ़ रही थी, जब नौगजा मजार के पास स्थित कब्रिस्तान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर ने बताया कि एक युवक अवैध हथियार के साथ वहां खड़ा है और किसी अज्ञात स्थान की ओर भागने की फिराक में है। सूचना पर संज्ञान लेते हुए विपुल जोशी ने अपनी टीम, जिसमें एसआई गिरीश चन्द्र और कांस्टेबल देवानन्द शामिल थे, के साथ त्वरित कार्रवाई की और बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर युवक को दबोच लिया। उस समय वह एकांत स्थान पर खड़ा था और भागने की तैयारी में था।

पुलिस द्वारा जब उस युवक से पूछताछ की गई तो उसने अपना नाम और उम्र 18 वर्ष बताई और कहा कि वह काली बस्ती का निवासी है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक कैच लगा हुआ धारदार चाकू बरामद हुआ। पूछताछ में उसने जो खुलासे किए, वे और भी चौंकाने वाले थे। उसने कबूल किया कि कुछ दिन पहले उसने लाहोरियान मोहल्ले के मंशा देवी मंदिर के पास एक संकरी गली में एक गाय के साथ अमानवीय कृत्य किया था। इसके बाद उसके मोहल्ले के कुछ युवकों ने उसे बताया कि उसकी करतूत कैमरे में कैद हो गई है और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो चुकी है। यही कारण था कि वह डर के मारे घर लौटने की बजाय रातों को कब्रिस्तानों और सुनसान इलाकों में भटकता फिर रहा था।

पुलिस ने युवक की स्वीकारोक्ति और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसके खिलाफ पहले ही भारतीय दंड संहिता की धारा 11(1)(ए) पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। अब जब उसके पास से चाकू भी बरामद हुआ है, तो इस मुकदमे में शस्त्र अधिनियम की धारा 25 और 4 को भी जोड़ते हुए कानूनी कार्यवाही को विस्तार दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी ने यह भी बताया कि उसकी कई युवकों से रंजिश है, और इसी वजह से वह स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए हथियार लेकर चलता है। उसकी यह दलील पुलिस के समक्ष दर्ज कर ली गई है, लेकिन इसके बावजूद चाकू रखना और उसे सार्वजनिक स्थान पर ले जाना अपराध की श्रेणी में आता है। इस लिहाज से अब पुलिस ने उसके खिलाफ सख्त धाराएं लगाकर उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में ले लिया है।

हिंदूवादी संगठनों ने इस घटना को केवल एक आपराधिक कृत्य नहीं बल्कि आस्था और धार्मिक भावनाओं के साथ खुला खिलवाड़ बताते हुए इसे अत्यंत निंदनीय कहा है। संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर उसे सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और आरोपी को न्यायिक प्रणाली के माध्यम से कड़ी सजा दिलाने की हरसंभव कोशिश की जाएगी। इस मामले ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और यह मांग उठ रही है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

इस पूरी घटना ने जहां एक ओर इंसानियत को शर्मसार किया है, वहीं कानून व्यवस्था की सजगता को भी एक बार फिर से सतर्क कर दिया है। पुलिस द्वारा आरोपी की समय रहते गिरफ्तारी करना प्रशासन की तत्परता का परिचायक है, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि आखिरकार ऐसा जघन्य अपराध करने की मानसिकता युवक में आई कैसे? सामाजिक संगठनों का मानना है कि ऐसे युवाओं की मानसिक स्थिति की जांच कर उन्हें काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करना भी जरूरी है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की वीभत्स घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। फिलहाल आरोपी हिरासत में है और पुलिस द्वारा उसके खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया चल रही है।

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