काशीपुर। काशीपुर के नागरिकों के लिए सोमवार की सुबह नई उम्मीद की किरण लेकर आई, जब रामनगर रोड स्थित चामुंडा अस्पताल के समीप नगर निगम का बुलडोज़र वर्षों से उपेक्षित पड़े नालों की गंदगी साफ करने के लिए उतरा। बरसात से पहले जलभराव की पुरानी समस्या को खत्म करने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा विशेष सफाई अभियान की शुरुआत की गई। इस मुहिम के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से कुंदन स्वीट्स के सामने नालों की तलीझाड़ की गई और अतिक्रमण को हटाया गया। गौर करने वाली बात यह रही कि इस संपूर्ण प्रक्रिया में खुद नगर निगम के मेयर दीपक बाली मौजूद रहे। वे न केवल मौके पर खड़े रहे, बल्कि हर एक गतिविधि पर बारीकी से नज़र रखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश भी देते रहे। यह दृश्य देखकर क्षेत्रवासियों के मन में विश्वास जगा कि अब शहर की वर्षों पुरानी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।
नगर निगम के इस अभियान ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब नगर की स्वच्छता और सौंदर्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। मेयर दीपक बाली ने मौके पर ही यह दो टूक कहा कि अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शहर को साफ-सुथरा व व्यवस्थित बनाने के लिए निगम पूरी ताक़त झोंक देगा। उन्होंने बताया कि नालों की सफाई का यह काम वर्षों से टलता आ रहा था, जिस कारण हर बरसात में यहां के लोग जलभराव और दुर्गंध से परेशान होते थे। अब निगम का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस बार ऐसा कोई भी कोना न छूटे जहाँ से पानी का बहाव अवरुद्ध हो। दीपक बाली की इस पहल ने यह साबित कर दिया कि यदि नेतृत्व ईमानदार और कर्मठ हो, तो व्यवस्थाएं बदलते देर नहीं लगती।
यह भी विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा कि इस पूरे अभियान को व्यापारियों ने खुला समर्थन दिया। आमतौर पर जब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होती है, तो स्थानीय दुकानदार और व्यापारी वर्ग उसमें असंतोष प्रकट करते हैं, मगर इस बार नज़ारा कुछ और था। दुकानदारों ने नगर निगम की इस पहल को सराहा और मेयर दीपक बाली को सहयोग देने में किसी भी प्रकार की हिचक नहीं दिखाई। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यदि प्रशासनिक कार्रवाई जनहित में और पारदर्शिता के साथ की जाए, तो आम जनता स्वयं आगे बढ़कर उसमें भागीदारी करती है। चामुंडा अस्पताल के आसपास मौजूद लोगों ने कहा कि पिछले दो दशकों से ये नाले पूरी तरह जाम पड़े थे, और हर साल बरसात उनके लिए अभिशाप बन जाती थी। अब उन्हें इस बात की खुशी है कि नगर निगम ने सही समय पर उनकी समस्या को समझा और कार्रवाई की।
नगर निगम की इस कार्यवाही के बाद नागरिकों में जबर्दस्त संतोष और प्रशंसा का भाव देखने को मिला। लोगों ने खुले दिल से कहा कि “मेयर हो तो दीपक बाली जैसा”, जो न समय देखते हैं, न दिन-रात—जनसेवा में निरंतर लगे रहते हैं। एक नागरिक ने तो यहाँ तक कह दिया कि नगर निगम की टीम अगर इसी प्रकार निरंतरता के साथ काम करती रही, तो वह दिन दूर नहीं जब काशीपुर उत्तराखंड के अन्य नगरों के लिए एक आदर्श और प्रेरणादायक उदाहरण बन जाएगा। इस अभियान के माध्यम से यह बात और भी प्रबल हो गई कि शहर का विकास केवल योजनाओं और घोषणाओं से नहीं, बल्कि धरातल पर की गई मेहनत और संकल्प से होता है। दीपक बाली की जनप्रतिबद्धता और नागरिकों के विश्वास ने काशीपुर को एक नई दिशा देने की शुरुआत कर दी है।
अभियान की व्यावहारिकता और सफल संचालन के पीछे नगर निगम के सैनेट्री इंस्पेक्टर मनोज बिष्ट की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनकी देखरेख में समूची कार्यवाही को चरणबद्ध ढंग से अंजाम दिया गया, जिसमें निगम कर्मचारियों ने पूर्ण समर्पण और सजगता के साथ योगदान दिया। उन्होंने बिना किसी अव्यवस्था के नालों की गंदगी हटवाई और आसपास के रास्तों की सफाई भी सुनिश्चित कराई। निगम के इस कार्य ने यह संदेश दिया कि जब राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक अमला एक ही ध्येय से प्रेरित हो, तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं रहता। यह अभियान सिर्फ एक सफाई का काम नहीं था, बल्कि यह एक उम्मीद का संकेत था कि काशीपुर की तस्वीर बदली जा सकती है। यह कार्रवाई आने वाले दिनों में निगम की कार्यशैली और दृष्टिकोण का प्रतिबिंब मानी जाएगी।
काशीपुर में बरसात से पहले इस प्रकार की गंभीर और जमीन से जुड़ी कार्रवाई होना यह दर्शाता है कि अब नगर निगम केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहेगा। वर्षों से बंद पड़े नालों की सफाई, अतिक्रमण का हटाया जाना और नागरिकों की सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। दीपक बाली की पहल और नगर निगम की तत्परता ने यह साबित कर दिया कि अब काशीपुर की पहचान गंदगी, जलभराव और अव्यवस्था से नहीं, बल्कि स्वच्छता, अनुशासन और सहयोग से होगी। इस अभियान ने शहर के विकास को नई दिशा दी है, और नागरिकों को यह भरोसा दिलाया है कि उनका नगर प्रशासन अब सचमुच उनके साथ खड़ा है।



