हरिद्वार। शिवभक्तों की आस्था का प्रतीक माने जाने वाली कांवड़ यात्रा जहां एक ओर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बनाती है, वहीं दूसरी ओर अब इसका हिंसक रूप भी सामने आने लगा है। हरिद्वार जिले में जैसे ही कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ, वैसे ही कुछ असामाजिक तत्वों की हरकतों ने इस पवित्र यात्रा को बदनाम करने का काम शुरू कर दिया। रविवार की रात हरकी पैड़ी क्षेत्र के शिव विश्राम गृह के पास जिस तरह से कुछ कांवड़ियों ने उत्पात मचाया और एक दुकानदार की चश्मों की दुकान में तोड़फोड़ की, उसने न केवल आम नागरिकों बल्कि पुलिस प्रशासन को भी सकते में डाल दिया। बताया गया कि मामूली विवाद के चलते शुरू हुई बहस इतनी बढ़ गई कि कांवड़िए आपा खो बैठे और हिंसा पर उतारू हो गए। यह घटना पूरी तरह से कैमरे में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस विभाग हरकत में आ गया।
पुलिस प्रशासन के अनुसार जैसे ही यह सूचना हरकी पैड़ी चौकी इंचार्ज संजीत कंडारी तक पहुंची, वे तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उत्पात मचा रहे कांवड़ियों को तत्काल प्रभाव से हिरासत में लिया गया। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार दो कांवड़ियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। कांवड़ मेले की शुरुआत महज चार दिन पहले, यानी 11 जुलाई को हुई थी, और इतने कम समय में इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं जो प्रशासन की चिंता को और अधिक बढ़ा रही हैं। संजीत कंडारी ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मेला क्षेत्र में निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जा रहा है।
इस घटना से पहले भी उत्तराखंड के रुड़की क्षेत्र में एक और बड़ा बवाल कांवड़ियों द्वारा मचाया गया था। जानकारी के अनुसार कांवड़ यात्रा में शामिल कुछ युवकों का स्कॉर्पियो गाड़ी के चालक से विवाद हो गया था। आरोप था कि ड्राइवर की गाड़ी से उनकी कांवड़ खंडित हो गई थी, जिसके बाद गुस्से में आए कांवड़ियों ने गाड़ी पर जमकर पत्थरबाजी की और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। इस हिंसक प्रदर्शन को लेकर स्थानीय लोगों में खौफ फैल गया था और पीड़ित वाहन मालिक की शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में भी कई कांवड़ियों को हिरासत में ले लिया था। लगातार घट रही इन घटनाओं ने न केवल यात्रियों बल्कि दुकानदारों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
वहीं दूसरी ओर, हरिद्वार में हाईवे मार्ग को लेकर भी कांवड़ियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन चुकी है। नियमों के अनुसार कांवड़ यात्रा के लिए अलग से निर्धारित ‘कांवड़ पटरी’ का निर्माण किया गया है ताकि मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित न हो, लेकिन कुछ कांवड़िए हाईवे से ही यात्रा करने पर अड़े रहे। पुलिस ने पहले उन्हें शांतिपूर्वक समझाने की कोशिश की लेकिन जब बात नहीं बनी और कांवड़िए हंगामे पर उतर आए तो मजबूरन पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। यह स्पष्ट हो गया है कि कानून का पालन न करने वाले कुछ लोग कांवड़ यात्रा की पवित्रता को आघात पहुंचा रहे हैं।
इन तमाम घटनाओं को देखकर लगता है कि श्रद्धा के इस सफर को कुछ असंवेदनशील तत्वों ने अपनी उद्दंडता का माध्यम बना लिया है। जहां एक ओर हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के लिए उत्तराखंड पहुंचते हैं, वहीं कुछ सिरफिरे इस यात्रा को हिंसक मोड़ देने पर तुले हुए हैं। प्रशासन के लिए यह किसी चुनौती से कम नहीं कि वह भक्ति और व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखे। लगातार मिल रही शिकायतों और वायरल हो रहे वीडियो से प्रशासन की नींद उड़ चुकी है। हरकी पैड़ी, रुड़की और मुख्य हाईवे जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
अंततः, हरिद्वार में शुरू हुई यह यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतिनिधित्व करती है, लेकिन कुछ अराजक तत्वों द्वारा फैलाया गया उत्पात न केवल इस परंपरा को कलंकित कर रहा है बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा भी बनता जा रहा है। पुलिस प्रशासन को अब और अधिक सतर्क रहना होगा और ऐसे सभी तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करनी होगी जो इस पवित्र यात्रा को हिंसा और अराजकता में बदलने पर तुले हैं। जब तक श्रद्धा में अनुशासन नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक ऐसी घटनाएं यात्रा की गरिमा को धूमिल करती रहेंगी।



