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प्रदूषण नियंत्रण और सड़क चौड़ीकरण का अभूतपूर्व कार्य, महापौर दीपक बाली ने दी नई रफ्तार

काशीपुर। बाजपुर रोड पर स्थित ग्लोबल हॉस्पिटल से लेकर मैनर होटल तक के इलाके में सोमवार की सुबह एक नई उम्मीद की शुरुआत हुई, जब महापौर दीपक बाली ने नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के कार्य का शुभारंभ किया। यह कार्य करीब 90 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है, जो न केवल क्षेत्र की सुंदरता में इजाफा करेगा, बल्कि शहर की वायु गुणवत्ता में भी ठोस सुधार लेकर आएगा। इस योजना के तहत सड़क के दोनों किनारों को इंटरलॉकिंग टाइल्स से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में धूल के उड़ने की समस्या पर काबू पाया जा सकेगा। साथ ही साथ सड़क के चौड़ीकरण से यातायात की रफ्तार में संतुलन बनेगा और अकसर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। यह कदम नगर निगम की विकासशील सोच और ज़मीनी क्रियान्वयन की मिसाल बनकर सामने आया है, जिससे नागरिकों में संतोष और उत्साह की लहर दौड़ गई।

कार्य के उद्घाटन अवसर पर महापौर दीपक बाली ने जनता को यह संदेश दिया कि यह केवल एक सड़क निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि एक आंदोलन की शुरुआत है, जो नगर को एक नई दिशा देने जा रहा है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि आने वाले समय में अन्य सड़कों पर भी इसी प्रकार का कार्य किया जाएगा और यह कोई एक दिन का प्रयास नहीं है। नगर निगम निरंतर प्रयासरत है कि काशीपुर एक आदर्श शहर के रूप में उभरे और इसके लिए हर नागरिक की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी प्रशासन की। उन्होंने उपस्थित नागरिकों को आह्वान किया कि अब समय आ गया है जब हर व्यक्ति को अपने भीतर एक मेयर महसूस करते हुए शहर की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। सड़क पर कूड़ा फेंकने वालों को रोकना और समझाना सिर्फ प्रशासन का कार्य नहीं, बल्कि हर जिम्मेदार नागरिक का धर्म है। जिस दिन शहर के लोग यह समझ जाएंगे, उस दिन काशीपुर स्वच्छता और सौंदर्य की नई मिसाल बन जाएगा।

नालियों और गलियों में फैली गंदगी को लेकर महापौर दीपक बाली ने बेबाकी से कहा कि नगर निगम की सफाई व्यवस्था दिन-रात मुस्तैदी से कार्य कर रही है, फिर भी कुछ लोग सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंककर इस मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह शहर किसी दूसरे का नहीं, हम सबका है। जिस तरह अपने घर के ड्राइंग रूम में हम सफाई का ध्यान रखते हैं, उसी तरह शहर की गलियों को भी अपना कमरा समझकर साफ-सुथरा रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। महापौर ने कहा कि कुछ लोग समोसा खाकर उसका रैपर सड़क पर फेंक देते हैं, और यह सोचते हैं कि सफाई सिर्फ नगर निगम की जिम्मेदारी है, लेकिन असली स्वच्छता वहीं शुरू होती है जब नागरिक खुद आगे आकर नियमों का पालन करें। नगर निगम ने अपनी ओर से नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया है, और यही वजह है कि बारिश के दौरान पानी कुछ ही देर में बहकर निकल जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जनता थोड़ा और जागरूक हो जाए तो काशीपुर जलभराव मुक्त भी हो सकता है।

स्वच्छता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए दीपक बाली ने साफ कर दिया कि सफाई व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नगर निगम लगातार ष्सर्जिकल स्ट्राइकष् की तर्ज पर कार्य करता रहेगा। गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि शहर के सौंदर्यकरण के लिए जो भी जरूरी होगा वह हर स्तर पर किया जाएगा और किसी भी कीमत पर लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। कार्यक्रम में पहुंचे गणमान्य नागरिकों ने भी महापौर के इस प्रयास की भूरी-भूरी प्रशंसा की और उन्हें भरपूर समर्थन का आश्वासन दिया। मौके पर उपस्थित चौधरी समरपाल सिंह, जसवीर सिंह सैनी, श्याम सिंह, सीमा सागर, अंजना आर्य, बलविंदर सिंह, सुषमा चौहान, कमला बिष्ट, सुखविंदर सिंह, निर्विरोध बीडीसी सदस्य चुने गए गुरनाम सिंह गाबा, राम अग्रवाल और सतविंदर सिंह जैसे अनेक सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भी इस मुहिम में सक्रिय सहभागिता की।

सभी मौजूद गणमान्य व्यक्तियों ने एक स्वर में इस बात की सराहना की कि जिस संकल्प, दूरदर्शिता और कार्यशैली के साथ दीपक बाली ने काशीपुर के कायाकल्प की दिशा में कदम बढ़ाया है, वह वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि एक ऐसा ठोस प्रयास है जो आने वाले समय में शहर के वातावरण, स्वास्थ्य व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को पूरी तरह से नया आकार देगा। अतिथियों ने इस पहल को एक “नई सुबह” की संज्ञा दी और कहा कि यह योजना शहर की बुनियादी समस्याओं पर सीधा प्रहार करती है। उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि यह परिवर्तन यात्रा अब थमेगी नहीं और इसे आगे बढ़ाने में नगर के नागरिक भी पूरा योगदान देंगे। इस मौके पर सभी ने महापौर के विजन और ज़मीन पर उतरते कार्यों को विकास की दिशा में एक स्थायी उदाहरण बताया।

महापौर दीपक बाली ने इस दौरान मिडिया से बात करते हुये कहा कि काशीपुर के नागरिकों के सहयोग से ही हम शहर को एक नई दिशा देने में सक्षम हो पाएंगे। उन्होंने बताया कि नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के अंतर्गत 90 लाख रुपये की लागत से ग्लोबल हॉस्पिटल से लेकर गौरैया फैक्ट्री और होटल मैनर तक सड़क के दोनों ओर इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्य सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि वायु प्रदूषण को रोकने, गर्मी व तूफान में उड़ती धूल पर नियंत्रण पाने और जलभराव को रोकने के लिए बेहद जरूरी है। आने वाले समय में शहर की अन्य प्रमुख सड़कों के किनारे भी यह कार्य किया जाएगा।

दीपक बाली ने कहा कि काशीपुर उनका अपना घर है और यहां के लोग उनके अपने परिवार की तरह हैं। उन्होंने साफ किया कि किसी भी नागरिक को दंडित करना उनका उद्देश्य नहीं है, लेकिन जब कोई बार-बार गलती करता है, तो उसे समझाना जरूरी हो जाता है। उन्होंने बताया कि एक दुकानदार द्वारा सड़क पर कूड़ा फेंकने की शिकायत मिली थी, जिस पर उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसी कूड़े को दुकानदार के पास वापस भिजवाया और आग्रह किया कि वह उसे कूड़ेदान में डाले। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मानता हूं कि चालान अंतिम विकल्प होना चाहिए, शुरुआत जागरूकता से ही होनी चाहिए।’’

महापौर ने मीडिया और मिडिया कर्मीयो से भी अपील की कि वे जब भी किसी को कूड़ा फेंकते देखें तो सिर्फ रिपोर्टिंग तक सीमित न रहें, बल्कि उसे रोककर समझाएं और सही स्थान पर कचरा डालने को कहें। उन्होंने विश्वास जताया कि जब शहर के हर नागरिक में यह भाव जागेगा, तभी काशीपुर पूरी तरह स्वच्छ और आदर्श नगर बन सकेगा। रामनगर रोड पर बन रहे ओवर ब्रिज के सवाल पर उन्होने कहा कि हो रही असुविधा और स्थानीय विरोध पर उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिलते ही वे सक्रिय हुए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो भी ठेकेदार नियमों के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। पुल निर्माण की दिशा में सारी अनुमतियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही निर्माण की तारीख तय की जाएगी।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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