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काशीपुर की सड़क पर तड़तड़ाई गोलियां, सिर फटा, पैर छलनी, दहशत फैली

रात के सन्नाटे में बाइक सवार युवकों ने मचाया तांडव, तमंचे से फायरिंग कर तीन को किया लहूलुहान, एक की हालत नाजुक

काशीपुर। रामनगर रोड पर बीती रात जिस प्रकार का खूनी संघर्ष हुआ, उसने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शहर की सड़कों पर अब लोगों की सुरक्षा केवल किस्मत के भरोसे है? रात का सन्नाटा उस समय चीखों और गोलियों की आवाज़ से दहल उठा, जब रमपुरा के पास बाइक सवार तीन युवकों ने नशे की हालत में एक अन्य बाइक को जानबूझकर टक्कर मार दी और फिर जो कुछ हुआ, वह किसी गैंगवार से कम नहीं था। पीड़ित युवक और उसका साथी जब इस हरकत पर नाराज़गी जताते हुए गाड़ी सही चलाने की बात कहने लगे, तो नशे में धुत तीनों हमलावर भड़क उठे। उन्होंने बाइक रुकवाकर दोनों युवकों को पकड़ लिया और सड़क पर ही पीटने लगे। जान बचाकर भागते हुए ये युवक किसी तरह प्रतापपुर चौकी के पास पहुंचे, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।

स्थिति जानने के लिए घायल युवक के चाचा अपने कुछ साथियों के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें जो सामना करना पड़ा, उसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। बताया गया कि जैसे ही सुरेन्द्र अपने साथियों के साथ घटना स्थल के पास पहुंचे, इन तीनों नशे में धुत युवकों ने धनौरी के समीप उन पर भी धावा बोल दिया। बात हाथापाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब मामला हथियारों तक पहुंच चुका था। चश्मदीदों और घायलों ने पुलिस को बताया कि हमलावरों के पास तमंचे थे, जिनसे उन्होंने मौके पर कई राउंड हवाई फायरिंग की। इन हमलों में सुरेन्द्र नामक व्यक्ति को सिर में गंभीर चोटें आईं, जिन पर अस्पताल में 13 टांके लगाए गए, वहीं एक अन्य व्यक्ति के पैर में गोली या छर्रा लगने की पुष्टि हुई है। यह पूरी घटना इतनी भयावह थी कि आसपास के लोग दहशत में घरों में बंद हो गए।

काशीपुर के एल डी भट्ट राजकीय चिकित्सालय में गंभीर रूप से घायल दोनों व्यक्तियों को भर्ती किया गया, जहां नाइट ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी डॉक्टर हिमांशु चौधरी ने स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट किया। डॉक्टर के अनुसार, एक पीड़ित के सिर में गहरा घाव था, जिस पर कई टांके लगाने पड़े और दूसरे के पैर में जो वस्तु घुसी थी, वह बंदूक के छर्रे जैसी प्रतीत हो रही थी। चिकित्सा के बाद यह छर्रा पुलिस को जांच के लिए सौंप दिया गया है। यह प्रमाण दर्शाता है कि हमलावरों का इरादा केवल डराने का नहीं बल्कि गंभीर नुकसान पहुंचाने का था।

इस पूरे मामले के सामने आते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया। रात को ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना करते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई। साथ ही आरोपियों की पहचान के प्रयास भी शुरू हो चुके हैं। बताया गया कि तीनों हमलावर स्थानीय क्षेत्र के ही रहने वाले हो सकते हैं और उनका आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। फिलहाल पुलिस उनकी तलाश में दबिशें दे रही है। चूंकि मामला फायरिंग से जुड़ा है, इसलिए इस पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाना तय माना जा रहा है। पुलिस द्वारा मौके से कुछ महत्वपूर्ण सुराग भी एकत्र किए गए हैं, जिससे जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकती है।

यह घटना केवल एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था पर एक कड़ा तमाचा है। जिस तरह से नशे में धुत युवक खुलेआम तमंचे लहराते हुए निर्दाेषों को निशाना बना रहे हैं, वह प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इन अपराधियों को कब तक गिरफ्तार कर पाती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं। काशीपुर जैसे शांत शहर में इस तरह की घटनाएं न केवल लोगों के मन में डर बैठा रही हैं, बल्कि यह चेतावनी भी दे रही हैं कि नशा, गुंडागर्दी और हथियार जब एक साथ मिलते हैं तो शहर की फिजा खून से रंगी जा सकती है।

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शहर की भीड़भाड़ और बढ़ती बीमारियों के दौर में जब चिकित्सा जगत को नए और भरोसेमंद विकल्पों की तलाश थी, उसी समय काशीपुर से उभरती एक संस्था ने अपनी गुणवत्ता, विशेषज्ञता और इंसानी सेहत के प्रति समर्पण की मिसाल कायम कर दी। एन.एच.-74, मुरादाबाद रोड पर स्थित “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” आज उस भरोसे का नाम बन चुका है, जिसने अपनी प्रतिबद्धता, सेवा और उन्नत चिकित्सा व्यवस्था के साथ लोगों के दिलों में एक अलग स्थान स्थापित किया है। इस संस्थान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ इलाज का आधार केवल दवा नहीं, बल्कि रोगी की पूरी जीवनशैली, उसकी भावनाओं और उसके व्यवहार तक को समझकर उपचार उपलब्ध कराया जाता है। संस्था के केंद्र में वर्षों से सेवा कर रहे डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा का अनुभव, उनकी अंतरराष्ट्रीय योग्यता और कार्य के प्रति उनका गहरा समर्पण उन्हें चिकित्सा जगत में एक विशिष्ट पहचान देता है। अपनी अलग सोच और उच्च स्तरीय चिकित्सा व्यवस्था के कारण यह संस्थान न केवल स्थानीय लोगों का विश्वास जीत रहा है, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीज भी यहाँ भरोसे के साथ उपचार लेने पहुँचते हैं। सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि “होम्योपैथिक चिकित्सा एवं अनुसंधान संस्थान” ने NABH Accreditation और ISO 9001:2008 व 9001:2015 प्रमाणपत्र हासिल कर यह साबित कर दिया है कि यहाँ इलाज पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया, गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के साथ किया जाता है। संस्थान की दीवारों पर सजे सैकड़ों प्रमाणपत्र, सम्मान और पुरस्कार इस बात के गवाह हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा ने उपचार को केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा की जिम्मेदारी माना है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय चिकित्सा रत्न जैसे प्रतिष्ठित सम्मान से भी अलंकृत किया जा चुका है। रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और आधुनिक तकनीकी समझ को मिलाकर जो उपचार मॉडल यहाँ तैयार हुआ है, वह लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है। संस्थान के भीतर मौजूद विस्तृत कंसल्टेशन रूम, मेडिकल फाइलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अत्याधुनिक निरीक्षण प्रणाली इस बात को स्पष्ट दिखाती है कि यहाँ मरीज को पूर्ण सम्मान और ध्यान के साथ सुना जाता है। पोस्टर में दर्शाए गए दृश्य—जहाँ डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मानित होते दिखाई देते हैं—उनकी निष्ठा और चिकित्सा जगत में उनकी मजबूत प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं। उनकी विदेशों में प्राप्त डिग्रियाँ—बीएचएमएस, एमडी (होम.), डी.आई.एच. होम (लंदन), एम.ए.एच.पी (यूके), डी.एच.एच.एल (यूके), पीएच.डी—स्पष्ट करती हैं कि वे केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिकित्सा अनुसंधान और उपचार के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। काशीपुर जैसे शहर में आधुनिक विचारों और उच्च गुणवत्ता वाले उपचार का ऐसा संयोजन मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। संस्था की ऊँची इमारत, सुगम पहुँच और प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित परिसर मरीजों को एक शांत, सकारात्मक और उपचार के अनुकूल माहौल प्रदान करता है। इसी माहौल में रोगियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली वैज्ञानिक होम्योपैथिक औषधियाँ उनके लंबे समय से चले आ रहे दर्द और समस्याओं को जड़ से ठीक करने की क्षमता रखती हैं। उपचार के दौरान रोगी को केवल दवा देना ही उद्देश्य नहीं होता, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य पुनर्स्थापन पर यहाँ विशेष ध्यान दिया जाता है। यही वह कारण है कि मरीज वर्षों बाद भी इस संस्थान को याद रखते हुए अपने परिवार और परिचितों को यहाँ भेजना पसंद करते हैं। समाज के विभिन्न समूहों से सम्मान प्राप्त करना, राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों द्वारा सराहना मिलना, और बड़े मंचों पर चिकित्सा सेवाओं के लिए सम्मानित होना—ये सभी तस्वीरें इस संस्था की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को और अधिक उजागर करती हैं। पोस्टर में दिखाई देने वाले पुरस्कार न केवल उपलब्धियों का प्रतीक हैं, बल्कि यह भी दर्शाते हैं कि डॉ0 रजनीश कुमार शर्मा लगातार लोगों की सेहत सुधारने और चिकित्सा के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने में जुटे हुए हैं। उनका सरल स्वभाव, रोगियों के प्रति समर्पण और ईमानदारी के साथ सेवा का भाव उन्हें चिकित्सा जगत में एक उल्लेखनीय व्यक्तित्व बनाता है। संपर्क के लिए उपलब्ध नंबर 9897618594, ईमेल drrajneeshhom@hotmail.com और आधिकारिक वेबसाइट www.cureme.org.in संस्थान की पारदर्शिता और सुविधा की नीति को मजबूत बनाते हैं। काशीपुर व आसपास के क्षेत्रों के लिए यह संस्थान विकसित और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बन चुका है जहाँ लोग बिना किसी डर, संदेह या हिचकिचाहट के पहुँचते हैं। बढ़ते रोगों और बदलती जीवनशैली के समय में इस प्रकार की संस्था का होना पूरा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत और उपलब्धि है। आने वाले समय में भी यह संस्था चिकित्सा सेवा के नए आयाम स्थापित करती रहेगी, यही उम्मीद लोगों की जुबान पर साफ झलकती है।
कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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