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महापौर दीपक बाली की रात में छापेमारी, कूड़ा फेंकने वाले माफ़ी मांगते लौटे

स्वच्छता अभियान के तहत रात में निकले दीपक बाली, सड़क पर कूड़ा फेंकते पकड़े गए लोग हाथ जोड़कर माफ़ी मांगते हुए ड्रम वापस ले गए।

काशीपुर। सड़कों पर बीती रात जो नज़ारा सामने आया, वह किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था। जैसे ही कुछ लोग अंधेरे का लाभ उठाकर सड़क किनारे कूड़ा डालने लगे, उसी क्षण एक चुपचाप चलती गाड़ी से उतरे व्यक्ति ने उन्हें ललकारा और एक ही पल में उनकी सारी हिम्मत जवाब दे गई। यह कोई और नहीं, बल्कि नगर के महापौर दीपक बाली थे, जो नगर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के अपने अभियान के तहत देर रात निरीक्षण पर निकले थे। जैसे ही महापौर सामने आए, सड़क पर अवैध रूप से कूड़ा फेंक रहे लोग पूरी तरह हड़बड़ा गए, उनकी आँखों में ऐसा भाव था मानो अपराध करते पकड़े गए हों। वे लोग ई-रिक्शा में कचरे से भरे ड्रम लेकर आए थे और खुलेआम सड़क पर उसका ढेर लगा रहे थे, लेकिन महापौर की फटकार ने उनका सारा आत्मविश्वास चकनाचूर कर दिया।

जहां आमतौर पर अधिकारी केवल कार्यालय तक सीमित रहते हैं, वहीं दीपक बाली बीते कुछ दिनों से नगर की सड़कों पर देर रात तक घूम-घूम कर स्वच्छता की स्थिति का खुद जायजा ले रहे हैं। जीजीआईसी के सामने सड़क पर जब उन्होंने इन लोगों को कूड़ा डालते देखा, तो तुरंत उन्होंने वाहन रुकवाया और वहां पहुंचकर पहले कड़े शब्दों में नाराज़गी जताई और फिर सख्त हिदायतें दीं। महापौर ने उनसे सवाल किया कि जब नगर निगम सफाई पर दिन-रात मेहनत कर रहा है, तो आप लोग ऐसी लापरवाही क्यों कर रहे हैं? सवाल सुनते ही वे लोग घबरा गए और हाथ जोड़कर क्षमा मांगने लगे। दीपक बाली ने इस अवसर को केवल चेतावनी तक सीमित नहीं रखा, बल्कि समझाते हुए कहा कि यदि लोग सहयोग नहीं करेंगे तो नगर कभी स्वच्छ नहीं बन सकता। उनके सख्त और स्पष्ट लहजे ने मौजूद सभी को एक गहरा संदेश दे दिया।

जो लोग कूड़ा फेंकने आए थे, उन्होंने तत्काल ड्रम में पड़ा कचरा फिर से समेटा और वापस ले जाने लगे। उन्होंने महापौर को वादा किया कि भविष्य में ऐसा कृत्य दोबारा नहीं होगा। दीपक बाली ने उन्हें डांटने के साथ-साथ समझाया भी कि यदि हर नागरिक शहर को स्वच्छ बनाए रखने में अपना योगदान दे तो कोई भी गंदगी नहीं फैला सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे से जो भी ऐसे गैरजिम्मेदाराना व्यवहार करेगा, उस पर कठोर जुर्माना लगाया जाएगा। जिस तरह से उन्होंने रात्रि में खुद उपस्थित रहकर कार्यवाही की, वह न केवल नागरिकों के लिए एक सीख है बल्कि अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक मिसाल है कि जनता की भलाई के लिए समय का कोई बंधन नहीं होता।

नगर की व्यवस्था सुधारने की इस पहल के तहत महापौर ने नागरिकों से अपील की कि वे सड़कों या बाजार में अनियंत्रित तरीके से कूड़ा न फेंकें, बल्कि नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही कूड़ा निस्तारित करें। रतन सिनेमा रोड और मुख्य बाजार जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर रात 10 बजे तक भी सफाई कर्मी सफाई कार्य में जुटे रहते हैं, इसके बावजूद जब लोग सड़क किनारे कूड़ा डालते हैं तो यह व्यवस्था पर सीधा प्रहार है। दीपक बाली ने दुकानदारों से आग्रह किया कि वे अपने प्रतिष्ठानों के बाहर स्वच्छता बनाए रखें और कूड़े का उचित निस्तारण करें।

साफ-सुथरा नगर केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। इस भावना के साथ जब नगरवासी आगे आएंगे, तभी दीपक बाली द्वारा देखा गया ष्स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित काशीपुरष् का सपना साकार हो पाएगा। यह घटना यह भी दर्शाती है कि यदि जनप्रतिनिधि खुद जागरूक हों और लोगों से संवाद करते हुए जमीनी स्तर पर काम करें, तो बदलाव अवश्य संभव है। काशीपुर की जनता के सामने अब स्पष्ट संकेत है कि सफाई व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं चलेगा, और हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।

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कांग्रेस अध्यक्ष अलका पाल

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