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महापौर दीपक बाली ने घर-घर डस्टबिन अभियान शुरू कर स्वच्छ काशीपुर का दिया नया संकल्प

लगभग 80 हजार डस्टबिन चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक घर और किरायेदार तक पहुंचेंगे, गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण से पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी आधारित स्वच्छता अभियान को मिलेगी नई मजबूती।

काशीपुर। स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण अनुकूल के निर्माण की दिशा में नगर निगम ने एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए घर-घर डस्टबिन वितरण अभियान का विधिवत शुभारंभ कर दिया। नगर निगम परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महापौर दीपक बाली तथा नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत करते हुए इसे केवल डस्टबिन वितरण कार्यक्रम नहीं बल्कि जनभागीदारी पर आधारित स्वच्छता आंदोलन का नया अध्याय बताया। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि किसी भी शहर की पहचान केवल उसकी चौड़ी सड़कों, आधुनिक भवनों अथवा विकास कार्यों से नहीं होती, बल्कि वहां की स्वच्छता, नागरिकों की जागरूकता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी से होती है। उन्होंने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल कूड़ा उठाना नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक को कचरा पृथक्करण की आदत से जोड़ना है ताकि भविष्य में काशीपुर स्वच्छता के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श नगर बन सके। कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि नगर निगम क्षेत्र के प्रत्येक घर और किरायेदार को गीले तथा सूखे कचरे के लिए अलग-अलग दो डस्टबिन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे घर के स्तर पर ही कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित किया जा सके। इस पहल को पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों ने विश्वास जताया कि जब प्रत्येक परिवार इस अभियान से जुड़ेगा तो काशीपुर की स्वच्छता व्यवस्था में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देगा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर दीपक बाली ने नागरिकों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ शहर का सपना केवल नगर निगम के प्रयासों से पूरा नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए प्रत्येक परिवार, प्रत्येक व्यापारी, प्रत्येक संस्थान और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना कोई कठिन कार्य नहीं है, लेकिन इसका प्रभाव पूरे शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर पड़ता है। यदि घर से ही कचरा पृथक होकर निकलेगा तो उसका वैज्ञानिक निस्तारण आसान होगा, पुनर्चक्रण की प्रक्रिया मजबूत होगी और प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। महापौर ने कहा कि नगर निगम द्वारा लगभग 80 हजार डस्टबिन चरणबद्ध तरीके से प्रत्येक घर तक पहुंचाए जाएंगे ताकि कोई भी परिवार इस सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इन डस्टबिनों का नियमित उपयोग करें और अपने आसपास के लोगों को भी कचरा पृथक्करण के लिए प्रेरित करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है और यदि प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी भूमिका निभाएगा तो काशीपुर न केवल साफ-सुथरा बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित शहर बन सकेगा। महापौर ने लोगों से यह भी कहा कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं, क्योंकि यही आदत आने वाली पीढ़ियों को बेहतर और स्वस्थ वातावरण प्रदान करेगी।

नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि डस्टबिन वितरण कार्यक्रम पूरी तरह सुनियोजित तरीके से संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान की शुरुआत वार्ड संख्या एक से कर दी गई है और आगामी दिनों में प्रतिदिन एक से दो वार्डों में निगम की टीम घर-घर पहुंचकर डस्टबिन वितरित करेगी। उन्होंने कहा कि वितरण के दौरान केवल डस्टबिन ही नहीं दिए जाएंगे बल्कि प्रत्येक परिवार को गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। नगर आयुक्त ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य लोगों को केवल सुविधा देना नहीं बल्कि व्यवहार परिवर्तन लाना भी है, क्योंकि जब तक नागरिक स्वयं स्वच्छता के प्रति जिम्मेदार नहीं बनेंगे, तब तक स्थायी परिवर्तन संभव नहीं होगा। उन्होंने बताया कि निगम की ओर से व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, जिसके माध्यम से लोगों को बताया जाएगा कि रसोई से निकलने वाला गीला कचरा तथा प्लास्टिक, कागज, कांच और अन्य सूखा कचरा अलग-अलग रखने से शहर की सफाई व्यवस्था अधिक प्रभावी बनती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि लगभग 80 हजार डस्टबिन के वितरण के बाद काशीपुर में कचरा पृथक्करण की संस्कृति विकसित होगी और नगर निगम को भी कूड़ा प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था लागू करने में बड़ी सफलता मिलेगी। नगर आयुक्त ने सभी नागरिकों से इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल निगम की नहीं बल्कि पूरे शहर की साझा जिम्मेदारी है।

महापौर दीपक बाली ने अपने संबोधन में नगर निगम की दीर्घकालिक योजनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम लगातार काशीपुर को धार्मिक नगरी काशी की तर्ज पर स्वच्छ, सुंदर, व्यवस्थित और आकर्षक शहर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि बीते समय में शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की गई हैं, जिनका सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि अब बड़ी संख्या में नागरिक नगर निगम के स्वच्छता अभियानों में सहयोग कर रहे हैं और अपने आसपास का वातावरण साफ रखने के प्रति पहले से अधिक जागरूक हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी कुछ लोग सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और खुले क्षेत्रों में कूड़ा फेंककर पूरे शहर की सुंदरता और स्वच्छता को प्रभावित कर रहे हैं। ऐसे लोगों से उन्होंने विनम्र लेकिन स्पष्ट अपील की कि वे अपनी इस आदत में बदलाव लाएं और नगर निगम के प्रयासों को सफल बनाने में सहभागी बनें। महापौर ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक केवल इतना संकल्प ले कि वह सड़क पर कचरा नहीं डालेगा और गीले तथा सूखे कचरे को अलग-अलग रखेगा, तो काशीपुर की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर केवल प्रशासन की उपलब्धि नहीं बल्कि वहां रहने वाले प्रत्येक नागरिक का सामूहिक सम्मान होता है और इसी सोच के साथ सभी को इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।

**नगर निगम परिसर में आयोजित इस शुभारंभ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल, कार्यालय अधीक्षक विकास शर्मा, पार्षद दीपा पाठक, अनिता कांबोज, वैशाली गुप्ता, राशिद फारुकी, संजय शर्मा, सतीश कुमार, कुलदीप शर्मा, बीना नेगी, शशांक गोले, सुरेश सैनी, पार्षद पति हनीफ गुड्डू, घनश्याम सैनी, सिटी मिशन मैनेजर मोहम्मद जफर, वरिष्ठ भाजपा नेता अवनीश चौहान, ईश्वर चंद्र गुप्ता, राजीव अरोरा, बच्चू प्रकाश नेगी, भाव्या पांडे, सूशांत, नवीन, मुकेश पाहवा, चौधरी समरपाल सिंह, राजीव परनामी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में इस अभियान को काशीपुर की स्वच्छता व्यवस्था में मील का पत्थर बताते हुए नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने यह विश्वास भी व्यक्त किया कि यदि नगर निगम की इस पहल को जनता का व्यापक सहयोग मिला तो आने वाले समय में काशीपुर न केवल स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण, कचरा पृथक्करण और नागरिक सहभागिता का भी प्रदेश स्तर पर उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरेगा। नगर निगम की इस नई पहल ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि अब स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे शहर का साझा संकल्प बनने जा रही है।

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