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महापौर दीपक बाली ने स्वनिधि अभियान से स्ट्रीट वेंडरों को दिलाई नई पहचान और आत्मनिर्भरता

स्वनिधि बोर्ड अभियान के साथ महापौर दीपक बाली ने स्ट्रीट वेंडरों को आत्मनिर्भरता का नया भरोसा दिया, नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने योजना की उपयोगिता, ऋण सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं की विस्तार से दी जानकारी।

काशीपुर। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि शहर के हजारों रेहड़ी, ठेला और फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले छोटे कारोबारियों के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बताते हुए महापौर दीपक बाली ने मंगलवार को एक बार फिर स्वयं मैदान में उतरकर यह संदेश दिया कि नगर निगम काशीपुर स्ट्रीट वेंडरों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। जीजीआईसी के सामने आयोजित विशेष कार्यक्रम में महापौर दीपक बाली एवं नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थी सात स्ट्रीट वेंडरों के ठेलों और रेहड़ियों पर स्वनिधि बोर्ड लगाकर उन्हें सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान महापौर दीपक बाली ने उपस्थित स्ट्रीट वेंडरों, व्यापारियों और नागरिकों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की महत्ता, उपयोगिता, उद्देश्य तथा उससे मिलने वाले दीर्घकालिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप शुरू की गई यह योजना उन मेहनतकश लोगों के लिए संजीवनी साबित हुई है, जो वर्षों से सड़क किनारे अपने छोटे कारोबार के सहारे परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे हैं। महापौर ने कहा कि नगर निगम काशीपुर का उद्देश्य केवल योजना का प्रचार करना नहीं बल्कि प्रत्येक पात्र स्ट्रीट वेंडर तक उसका वास्तविक लाभ पहुंचाना है। इसी सोच के साथ स्वनिधि बोर्ड लगाने का अभियान शुरू किया गया है, ताकि लाभार्थियों की अलग पहचान बने, समाज में उनके सम्मान में वृद्धि हो तथा अन्य पात्र वेंडर भी इस योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था में स्ट्रीट वेंडरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और नगर निगम उनके सम्मान, सुरक्षा तथा आर्थिक उन्नति के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

महापौर दीपक बाली ने अपने विस्तृत संबोधन में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की उपयोगिता को सरल भाषा में समझाते हुए कहा कि यह केवल ऋण उपलब्ध कराने की योजना नहीं बल्कि छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर भारत अभियान से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि पहले अनेक रेहड़ी और ठेला संचालकों को व्यवसाय बढ़ाने के लिए ऊंचे ब्याज पर निजी स्रोतों से धन लेना पड़ता था, जिससे उनकी आय का बड़ा हिस्सा ब्याज चुकाने में चला जाता था। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने इस व्यवस्था को बदलते हुए स्ट्रीट वेंडरों को आसान प्रक्रिया के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा है। महापौर दीपक बाली ने विस्तार से बताया कि योजना के पहले चरण में पात्र लाभार्थियों को दस हजार रुपये, दूसरे चरण में बीस हजार रुपये तथा समय पर ऋण का भुगतान करने वालों को तीसरे चरण में पचास हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि समय पर किस्त जमा करने वाले लाभार्थियों को ब्याज पर सब्सिडी भी दी जाती है और डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित करने के लिए अलग से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। उनके अनुसार यह व्यवस्था स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक अनुशासन सिखाने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक वित्तीय व्यवस्था का हिस्सा भी बनाती है। महापौर ने कहा कि जब कोई छोटा व्यापारी बिना किसी आर्थिक दबाव के अपना व्यवसाय बढ़ाता है तो उसका लाभ केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं रहता बल्कि शहर की स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है।

नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल आवेदन एकत्र करना नहीं बल्कि प्रत्येक पात्र स्ट्रीट वेंडर तक योजना का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि नगर निगम की टीम लगातार शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर पात्र रेहड़ी, ठेला और फुटपाथ पर व्यवसाय करने वाले लोगों को योजना की जानकारी दे रही है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वनिधि बोर्ड केवल एक बोर्ड नहीं बल्कि लाभार्थी की आधिकारिक पहचान का प्रतीक है, जिससे ग्राहकों का विश्वास भी बढ़ेगा और योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार भी होगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने स्ट्रीट वेंडरों से अपील की कि वे समय पर ऋण की किस्त जमा करें, डिजिटल भुगतान अपनाएं तथा अपने व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएं। नगर आयुक्त रविंद्र सिंह बिष्ट ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों को सम्मानजनक आर्थिक पहचान देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है और नगर निगम इसे पूरी गंभीरता के साथ लागू कर रहा है।

महापौर दीपक बाली ने नगर निगम काशीपुर द्वारा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2030 तक नगर निगम ने 6600 स्ट्रीट वेंडरों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल एक आंकड़ा नहीं बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 3933 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं और इनमें से 3477 स्ट्रीट वेंडरों को विभिन्न चरणों में ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। महापौर ने कहा कि यह उपलब्धि नगर निगम की सतत मेहनत, बैंकिंग संस्थाओं के सहयोग और स्ट्रीट वेंडरों के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पहुंचने के लिए लगातार विशेष अभियान चला रहा है और भविष्य में भी यह प्रयास और तेज किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि स्ट्रीट वेंडरों के लिए दस हजार रुपये तक की विशेष क्रेडिट कार्ड सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस सुविधा के लिए लगभग पचास आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से बीस स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि शेष आवेदन प्रक्रिया में हैं। महापौर दीपक बाली ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसी भी पात्र लाभार्थी को दस्तावेजी कारणों या जानकारी के अभाव में योजना से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान महापौर दीपक बाली ने यह भी स्पष्ट किया कि नगर निगम केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है बल्कि स्ट्रीट वेंडरों के समग्र विकास पर कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि नगर निगम सभागार में समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें वेंडरों को स्वच्छ एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री तैयार करने, ग्राहकों को हाइजीनिक फूड उपलब्ध कराने, डिजिटल भुगतान प्रणाली अपनाने, व्यवसाय प्रबंधन तथा ग्राहक व्यवहार से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी जाती है। उन्होंने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा के दौर में केवल व्यापार करना पर्याप्त नहीं है बल्कि गुणवत्ता, स्वच्छता और विश्वास भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। इसी सोच के साथ नगर निगम स्ट्रीट वेंडरों को आधुनिक कार्यशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। महापौर ने बताया कि हाल ही में स्ट्रीट वेंडरों, उनके परिवारों और बच्चों को केंद्र में रखकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने कहा कि नगर निगम चाहता है कि स्ट्रीट वेंडर केवल अपना व्यवसाय ही नहीं बल्कि अपने पूरे परिवार का भविष्य भी मजबूत बना सकें। उन्होंने दोहराया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का वास्तविक उद्देश्य आर्थिक सहायता के साथ सामाजिक सम्मान और आत्मविश्वास भी प्रदान करना है।

भविष्य की योजनाओं का उल्लेख करते हुए महापौर दीपक बाली ने कहा कि नगर निगम काशीपुर शहर में प्रस्तावित पांच नए वेंडिंग जोनों के विकास की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन वेंडिंग जोनों का आवंटन किसी प्रकार की नीलामी के माध्यम से नहीं बल्कि पूरी पारदर्शिता के साथ लॉटरी प्रणाली से किया जाएगा, ताकि वास्तविक और जरूरतमंद स्ट्रीट वेंडरों को प्राथमिकता मिल सके। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को स्थायी स्थान मिलेगा, शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी तथा अव्यवस्थित अतिक्रमण की समस्या में भी कमी आएगी। महापौर दीपक बाली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप नगर निगम काशीपुर छोटे कारोबारियों को आत्मनिर्भर बनाने के अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने सभी पात्र स्ट्रीट वेंडरों से योजना का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि नगर निगम उनके हर कदम पर सहयोग के लिए तैयार है।

इस अवसर पर सुमित कुमार, उदित कुमार, दानिश, संतोष, विपिन, सौरभ और विजेंद्र के ठेलों पर स्वनिधि बोर्ड लगाए गए। कार्यक्रम में स्ट्रीट वेंडर कल्याण फाउंडेशन काशीपुर के अध्यक्ष भारत परासर, उपाध्यक्ष मनोज कुमार, सचिव दिनेश कुमार, महासचिव दानिश, प्रचार मंत्री संजय यादव, संगठन मंत्री दीपक, पार्षद प्रिंस बाली, सतीश शर्मा, सुशांत, नवीन, भाव्या पांडे, चौधरी समरपाल सिंह, शिव अवतार गुप्ता, राजीव परनामी, ईश्वर चंद्र गुप्ता, राजीव अरोरा, बच्चू, ललित कुमार बाली, योजना के मैनेजर मोहम्मद जफर, मुकेश पाहवा, अनुज मेहरोत्रा, हरिओम अरोड़ा, समीर चतुर्वेदी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में महापौर दीपक बाली की सक्रिय भूमिका, उनका विस्तृत संबोधन और स्ट्रीट वेंडरों को आत्मनिर्भर बनाने का उनका स्पष्ट विजन केंद्र में रहा, जिसने यह संदेश दिया कि काशीपुर नगर निगम केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं कर रहा, बल्कि छोटे कारोबारियों के सम्मान, पहचान और आर्थिक भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस एवं परिणामकारी पहल कर रहा है।

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