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एनसीसी के प्रेरणास्रोत लेफ्टिनेंट डॉ. डी.एन. जोशी को सम्मानजनक विदाई नए नेतृत्व का हुआ आगाज

रामनगर। अनुशासन, नेतृत्व, राष्ट्रसेवा और युवा शक्ति के समन्वय का प्रेरक दृश्य उस समय देखने को मिला जब पीएनजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रामनगर परिसर में 79 यूके बटालियन एनसीसी इकाई की ओर से गरिमामय रैंक सेरेमनी का आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण सैन्य परंपराओं, अनुशासन और सम्मान की भावना से ओतप्रोत दिखाई दिया, जहां उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को नई जिम्मेदारियां सौंपकर उनके नेतृत्व कौशल पर भरोसा जताया गया। समारोह की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) डी.एन. जोशी रहे, जिन्होंने वर्ष 2025-26 के दौरान 79 यूके बटालियन एनसीसी इकाई की उपलब्धियों, प्रशिक्षण गतिविधियों, विभिन्न शिविरों में कैडेट्स की सहभागिता, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रसेवा से जुड़े कार्यों का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि एनसीसी केवल सैन्य प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, सामाजिक उत्तरदायित्व, समय प्रबंधन, टीम भावना और देशभक्ति के संस्कार विकसित करने वाला एक सशक्त मंच है। उनके संबोधन में पूरे सत्र की गतिविधियों का विस्तृत उल्लेख रहा, जिसने उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अतिथियों को प्रभावित किया। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने उनकी कार्यशैली, संगठन क्षमता और कैडेट्स के प्रति समर्पण की खुले दिल से सराहना की। पूरे आयोजन में यह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया कि महाविद्यालय की एनसीसी इकाई ने जिस ऊंचाई तक अपनी पहचान बनाई है, उसमें लेफ्टिनेंट (डॉ.) डी.एन. जोशी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है और यही कारण रहा कि कार्यक्रम के केंद्र में उनका योगदान सबसे अधिक चर्चा का विषय बना रहा।

समारोह की अध्यक्षता कर रहीं प्रभारी प्राचार्य प्रो. पुनीता कुशवाहा ने अपने संबोधन में एनसीसी कैडेट्स के अनुशासित टर्न आउट, प्रभावशाली ड्रिल प्रदर्शन और उनकी सकारात्मक कार्यशैली की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय की पहचान केवल शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि ऐसे अनुशासित और जिम्मेदार विद्यार्थियों से भी बनती है जो समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। उन्होंने 79 यूके बटालियन एनसीसी सब यूनिट, रामनगर की निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस इकाई ने विभिन्न गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया है। इसी अवसर पर रैंक सेरेमनी के अंतर्गत नई जिम्मेदारियों की घोषणा की गई। उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और अनुशासन को देखते हुए भास्कर सिंह मवाड़ी को प्रतिष्ठित सीनियर अंडर ऑफिसर की जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं अक्षिता भट्ट, ऊषा थलिया तथा आकाश रावत को अंडर ऑफिसर की रैंक प्रदान कर संगठनात्मक नेतृत्व का दायित्व सौंपा गया। इसी क्रम में हिमांशु आर्या और निशा आर्या को सार्जेंट की जिम्मेदारी दी गई, जबकि अमित चौहान एवं वैष्णवी को कॉर्पोरल की रैंक से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त मनोज तथा जिज्ञासा मियान को लांस कॉर्पोरल की जिम्मेदारी देकर उनके कंधों पर नई भूमिका का भरोसा जताया गया। रैंक धारण करते समय सभी कैडेट्स के चेहरे पर आत्मविश्वास, उत्साह और जिम्मेदारी का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था, जिसे उपस्थित सभी लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सम्मानित किया।

रैंक अलंकरण के बाद आयोजित संबोधन सत्र में विशिष्ट अतिथि एवं महाविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर डॉ. लवकुश कुमार ने सभी नव नियुक्त रैंक होल्डर्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी पद का वास्तविक सम्मान तभी होता है जब उसके अनुरूप जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ किया जाए। उन्होंने कैडेट्स से अपेक्षा जताई कि वे एनसीसी के मूल सिद्धांत ‘एकता और अनुशासन’ को अपने व्यवहार और कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाए रखें तथा अपने साथी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनें। इस अवसर पर डॉ. महिपाल सिंह ने भी सभी चयनित कैडेट्स को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और विश्वास व्यक्त किया कि नई जिम्मेदारियां उन्हें जीवन में और अधिक परिपक्व बनाएंगी। वहीं 24 यूके बटालियन एनसीसी इकाई की प्रभारी डॉ. अलका ने कहा कि रैंक केवल सम्मान का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का दायित्व भी है। उन्होंने सभी कैडेट्स से अपेक्षा की कि वे अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने-अपने पद की गरिमा बनाए रखेंगे और कनिष्ठ कैडेट्स के लिए आदर्श बनेंगे। समारोह में उपस्थित 79 यूके बटालियन एनसीसी के इंस्ट्रक्टर हवलदार जसवंत सिंह ने युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होकर राष्ट्र की सुरक्षा एवं सेवा के लिए आगे आने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सेना का जीवन केवल रोजगार नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सर्वोच्च समर्पण का मार्ग है और एनसीसी इस दिशा में पहला सशक्त कदम सिद्ध होती है।

कार्यक्रम का सबसे भावुक और यादगार क्षण तब सामने आया जब महाविद्यालय परिवार ने एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) डी.एन. जोशी को उनके स्थानांतरण के अवसर पर सम्मानपूर्वक विदाई दी। लंबे समय तक महाविद्यालय में रहकर उन्होंने जिस समर्पण, कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता के साथ एनसीसी इकाई को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, उसकी चर्चा पूरे समारोह में लगातार होती रही। उनके नेतृत्व में अनेक कैडेट्स ने विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों, प्रमाण पत्र परीक्षाओं तथा अन्य गतिविधियों में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की। महाविद्यालय प्रशासन ने उनके योगदान को संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल बताते हुए कहा कि उन्होंने केवल एक अधिकारी की भूमिका नहीं निभाई, बल्कि विद्यार्थियों के मार्गदर्शक, प्रेरक और संरक्षक के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। इसी क्रम में प्राचार्य द्वारा इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रभाकर त्यागी को 79 यूके बटालियन सब यूनिट का नया प्रभारी नियुक्त किए जाने की घोषणा की गई। यह घोषणा होते ही उपस्थित शिक्षकों, अधिकारियों और कैडेट्स ने उनका स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दीं। प्रभारी प्राचार्य प्रो. पुनीता कुशवाहा ने अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट (डॉ.) डी.एन. जोशी की कार्यशैली, सेवा भावना, प्रशासनिक दक्षता और छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए प्रयासों की भरपूर सराहना की। इसके बाद महाविद्यालय परिवार तथा सभी एनसीसी कैडेट्स ने संयुक्त रूप से उन्हें प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और भावभीनी विदाई दी। इस दौरान वातावरण भावुक हो उठा और अनेक कैडेट्स ने उनके मार्गदर्शन को अपने जीवन की अमूल्य सीख बताया।

समारोह के अंतिम चरण में सत्र 2025-26 की एनसीसी बी एवं सी प्रमाण पत्र परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले कैडेट्स को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर गर्व और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी सफल कैडेट्स को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे भविष्य में उच्च शिक्षा, रक्षा सेवाओं और अन्य प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता अर्जित करेंगे। इस अवसर पर अपने उद्बोधन में लेफ्टिनेंट (डॉ.) डी.एन. जोशी ने महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य प्रो. पुनीता कुशवाहा, एनसीसी बटालियन के कमान अधिकारी, समस्त शिक्षकों, सहयोगी कर्मचारियों और एनसीसी कैडेट्स के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें सदैव परिवार जैसा सहयोग मिला, जिसकी बदौलत अनेक उपलब्धियां हासिल करना संभव हो सका। उन्होंने विश्वास जताया कि नई जिम्मेदारियों के साथ भी महाविद्यालय की एनसीसी इकाई निरंतर प्रगति करती रहेगी और अनुशासन, नेतृत्व तथा राष्ट्रसेवा की अपनी गौरवशाली परंपरा को और अधिक मजबूत बनाएगी। समारोह के समापन तक पूरा परिसर उत्साह, प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया। रैंक प्राप्त करने वाले कैडेट्स जहां नई जिम्मेदारियों को लेकर उत्साहित नजर आए, वहीं अन्य विद्यार्थियों ने भी भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर ऐसी उपलब्धियां हासिल करने का संकल्प लिया। इस प्रकार यह रैंक सेरेमनी केवल पद वितरण तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवा नेतृत्व, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और उत्कृष्ट व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त संदेश देने वाला यादगार आयोजन सिद्ध हुई, जिसके केंद्र में एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) डी.एन. जोशी का उल्लेखनीय योगदान पूरे समारोह की सबसे बड़ी विशेषता बनकर उभरा।

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