काशीपुर। प्राचीन और पुरातात्विक महत्व वाले गोविषाण क्षेत्र स्थित द्रोणा सागर परिसर में आज विश्व पर्यावरण दिवस के महान अवसर पर प्रकृति संरक्षण और संवर्धन का एक बेहद अनूठा और भव्य महाभियान आयोजित किया गया। इस ऐतिहासिक स्थल की पवित्र मिट्टी में हरियाली की नई पौध रोपकर न केवल पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया गया, बल्कि समाज में इस गंभीर विषय के प्रति एक नई चेतना फूंकने का सराहनीय प्रयास भी हुआ। इस गौरवमयी और बड़े स्तर के कार्यक्रम का सफल संचालन मुख्य रूप से श्री राम संगीत संस्था (SR Musical group) के तत्वावधान में किया गया, जिसने कला और प्रकृति के इस अद्भुत मिलन को धरातल पर उतारकर उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस महाअभियान के दौरान पुरातन धरोहरों के बीच रोपे गए सुंदर और छायादार पौधों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त वातावरण तैयार करने का ठोस संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शहर के प्रबुद्ध नागरिकों से लेकर विभिन्न क्षेत्रों की नामचीन हस्तियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इस पुनीत कार्य में अपनी आहुति दी।
प्रकृति की इस महान आराधना के बीच कार्यक्रम को और अधिक मिठास तथा आत्मीयता प्रदान करने के लिए उपस्थित सभी लोगों, नन्हे बच्चों और राहगीरों के बीच विशेष रूप से मिष्ठान वितरित किया गया। इस मीठी और आत्मीय पहल ने पर्यावरण दिवस के इस पावन आयोजन को एक बड़े और उल्लासपूर्ण सामाजिक उत्सव के रूप में तब्दील कर दिया, जिससे वहां मौजूद हर एक व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान बिखर गई। द्रोणा सागर के इस पावन तट पर आयोजित हुए इस गरिमामयी और आकर्षक उत्सव के दौरान मुख्य अतिथि और मार्गदर्शक के रूप में साहित्य आराधना मंच के संस्थापक अध्यक्ष तथा देश-विदेश में विख्यात होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ रजनीश शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में अत्यंत सारगर्भित और प्रेरणादायक विचार रखते हुए कहा कि पेड़-पौधे ही धरती के असली आभूषण हैं और इनके बिना मानव जीवन की कल्पना करना पूरी तरह से असंभव है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को सचेत करते हुए कहा कि बदलती जलवायु और बढ़ता प्रदूषण वैश्विक संकट बन चुका है और इससे निपटने के लिए हर नागरिक को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।

गोविषाण क्षेत्र की इस ऐतिहासिक और पौराणिक धरा पर पर्यावरण की अलख जगाने वाले इस महाभियान की कड़ियों को मजबूत करने के लिए समाज के कई जाने-माने और प्रतिष्ठित चेहरे एक साथ मंच पर नजर आए। इस गरिमामयी कार्यक्रम के दौरान अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर सामाजिक सरोकारों को नई दिशा देने वाले रवि प्रजापति, राजीव सक्सेना और अनूप कुमार गुप्ता ने अपनी सक्रिय और प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराते हुए समाज को पर्यावरण के प्रति जागरूक होने का एक बड़ा संदेश दिया। इन सभी प्रबुद्ध समाजसेवियों ने धरातल पर उतरकर खुद अपने हाथों से पौधों को मिट्टी में रोपा और उनके दीर्घकालिक पालन-पोषण की सामूहिक जिम्मेदारी भी उठाई। इन वरिष्ठ नेतृत्वकर्ताओं के जमीनी प्रयासों और जन-जागरण की इस अद्भुत शैली को देखकर कार्यक्रम में मौजूद आम जनता और युवाओं का जोश भी दोगुना हो गया, जिससे पूरा द्रोणा सागर परिसर पर्यावरण संरक्षण के नारों से गुंजायमान हो उठा।
पर्यावरण की सुरक्षा के इस पावन और ऐतिहासिक महायज्ञ में अपनी आहुति देने के लिए नगर के कई अन्य प्रमुख और ऊर्जावान युवा स्तंभ भी पूरी निष्ठा के साथ इस आयोजन का हिस्सा बने। कार्यक्रम को और अधिक भव्य तथा प्रभावशाली बनाने में तरुण लोहनी, सुनील शर्मा, जितेंद्र वर्मा और गोपाल ठाकुर ने अपनी महती और सराहनीय भूमिका निभाई, जिन्होंने व्यवस्था प्रबंधन से लेकर जन-जागरूकता फैलाने तक का सारा मोर्चा पूरी तत्परता से संभाला। इन सभी कर्मठ और जागरूक नागरिकों की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि जब समाज का हर वर्ग एक साथ मिलकर प्रकृति की रक्षा के लिए खड़ा होता है, तभी कोई अभियान एक वास्तविक और सफल जन-आंदोलन का रूप ले पाता है। श्री राम संगीत संस्था (SR Musical group) के इस सफल और अभूतपूर्व मंच से उठी यह गूंज आने वाले समय में काशीपुर ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए पर्यावरण संरक्षण की एक नई और बेहद खूबसूरत नजीर पेश करेगी।





